भारत और नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल इलाका शराबबंदी के बाद से गैरकानूनी मादक पदार्थों और अवैध शराब की आवाजाही का एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बल, जिनमें एसएसबी, सीमा शुल्क विभाग और स्थानीय पुलिस शामिल हैं, लगातार जांच अभियान चलाकर नशीले टीकों, सूखे नशीले पदार्थों और अवैध शराब की खेप पकड़ रहे हैं। इसके बावजूद ज्यादा मुनाफा कमाने के फेर में गिरोह शराबबंदी के नियमों और एनडीपीएस कानून की अनदेखी कर नए पैंतरे आजमा रहे हैं। इसी कड़ी में अब कानून प्रवर्तन एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए नाबालिग बच्चों को तस्करी के इस अवैध नेटवर्क में झोंका जा रहा है।
ट्रेन की सामान्य बोगी में बैग की तलाशी के दौरान पकड़ा गया अवैध जखीरा
पूर्वी चंपारण जिले के अंतर्गत आने वाले सुगौली रेल थाना क्षेत्र में तस्करी का एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। नेपाल सीमा पर स्थित रक्सौल रेलवे स्टेशन से चलकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की तरफ जाने वाली गाड़ी संख्या मिथिला एक्सप्रेस की सामान्य बोगी में यात्रा कर रही चार नाबालिग लड़कियों पर सुरक्षाकर्मियों का संदेह गहराया। जब पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उनके सामान की सघन तलाशी ली, तो बैगों के भीतर कपड़ों की आड़ में छिपाई गई विदेशी शराब बरामद हुई।
लड़कियों के पास मौजूद तीन पिठ्ठू बैग और एक अतिरिक्त झोले को खंगालने पर कुल 143 बोतलें नेपाली कस्तूरी शराब बरामद की गईं। मापे जाने पर इस पूरी खेप की कुल मात्रा 42.9 लीटर दर्ज की गई। सुगौली जीआरपी ने मौके पर ही चारों किशोरियों को अपनी हिरासत में ले लिया और पूरे माल को जब्त कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
मास्टरमाइंड और डिलीवरी नेटवर्क की तलाश में जुटी जीआरपी
सुगौली रेल थानाध्यक्ष विजय कुमार झा ने बताया कि ट्रेन के जनरल कोच में तैनात पुलिस दल को संदिग्ध गतिविधियों की भनक लगी थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिरासत में ली गई चारों नाबालिगों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि नेपाल से रक्सौल रेलवे जंक्शन तक शराब की इतनी बड़ी खेप किस रास्ते से पहुंचाई गई और दिल्ली या बिहार के किसी अन्य हिस्से में इसे किस व्यक्ति तक डिलीवर किया जाना था। इस पूरे अवैध सिंडिकेट के मुख्य सरगना की पहचान करने के लिए कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब की तस्करी की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे अभियानों में यह अकेली कार्रवाई नहीं है। इससे महज दो दिन पहले कैमूर जिले के मोहनिया चेकपोस्ट पर उत्पाद विभाग ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब 90 लाख रुपये मूल्य की विदेशी शराब जब्त की थी।
मादक पदार्थों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई और लगातार सजा
पूर्वी चंपारण में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। मोतिहारी पुलिस ने पिछले 6 महीनों के दौरान व्यापक कार्रवाई करते हुए 52 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के नशीले पदार्थ और मादक द्रव्य जब्त किए हैं। इसके साथ ही मजबूत कानूनी पैरवी के जरिए 60 से अधिक तस्करों को अदालतों से सजा दिलवाने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस महकमे के इस कड़े रुख की सराहना करते हुए पूर्व महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने अपने एक्स हैंडल पर मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की कार्यशैली और रणनीतिक प्रयासों की खुलकर प्रशंसा की थी।























