जयपुर जिले के भीतर आगामी पंचायत चुनावों को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। मतदान प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के वास्ते पूरे जिले में अलग-अलग चरणों के तहत सूखा दिवस घोषित किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक की तरफ से जारी किए गए आधिकारिक आदेशों के अनुसार, चुनाव के हर एक चरण में तय समय के दौरान शराब के ठेके और दुकानें पूरी तरह बंद रखी जाएंगी। इस पाबंदी का उद्देश्य चुनावी माहौल को शांत रखना और मतदाताओं को किसी भी असुविधा से बचाना है।
चुनाव के चरणों और समय का पूरा शेड्यूल
प्रशासन की तरफ से जारी किए गए टाइम टेबल के मुताबिक, जयपुर में होने वाले पंचायत चुनाव चार अलग-अलग चरणों में संपन्न कराए जाएंगे। पहले चरण के तहत 20 अक्टूबर को शाम 6 बजे से लेकर 22 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक शराब की बिक्री पर रोक रहेगी। इसके बाद दूसरे चरण के अंतर्गत 26 अक्टूबर को शाम 6 बजे से 28 अक्टूबर को शाम 6 बजे तक दुकानें बंद रहेंगी। तीसरे चरण में 1 नवंबर की शाम 6 बजे से 3 नवंबर की शाम 6 बजे तक सूखा दिवस प्रभावी रहेगा। वहीं, चौथे और अंतिम चरण के दौरान 12 नवंबर को शाम 6 बजे से 14 नवंबर की शाम 6 बजे तक शराब बेचना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
मतगणना और पंच-सरपंच चुनाव के विशेष नियम
जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनावों में मतदान खत्म होने के दिन शाम 6 बजे तक पाबंदी लागू रहेगी। दूसरी ओर, पंच और सरपंच पदों के चुनावों के लिए नियम थोड़े अलग हैं, जहां संबंधित क्षेत्रों में वोटों की गिनती यानी मतगणना पूरी होने तक शराब के कारोबार पर रोक जारी रहेगी। इसके अलावा, 20 नवंबर को होने वाली मतगणना के विशेष दिन पर भी सभी संबंधित पंचायत क्षेत्रों में सूखा दिवस मनाया जाएगा। प्रशासन ने सभी दुकानदारों और कारोबारियों को चेतावनी दी है कि वे तय समय सीमा का सख्ती से पालन करें और नियमों की अनदेखी न करें।
सीमा से पांच किलोमीटर के दायरे में भी पाबंदी
यह प्रतिबंध केवल मतदान केंद्र या मुख्य निर्वाचन क्षेत्र की भौगोलिक सीमाओं तक ही सीमित नहीं रखा गया है। निर्वाचन क्षेत्र की सीमा रेखा से बाहर की तरफ पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी इलाकों में भी शराब की बिक्री पर सख्त रोक रहेगी। स्थानीय अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि इन आदेशों का पालन हर हाल में हो। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से अवैध शराब की तस्करी और चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर लगाम लगेगी, जिससे पूरा चुनाव अभियान सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगा।
























