नौकरी के नाम पर 4 लाख गंवाकर सिपाही की वर्दी पहन ड्यूटी करता रहा युवक, मोतिहारी पुलिस ने खोला राजबिहार
2 घंटे पहले· 2

नौकरी के नाम पर 4 लाख गंवाकर सिपाही की वर्दी पहन ड्यूटी करता रहा युवक, मोतिहारी पुलिस ने खोला राज

मोतिहारी के बापूधाम रेलवे स्टेशन पर पुलिस की वर्दी पहनकर दस दिनों से ड्यूटी कर रहे युवक को नगर थाना पुलिस ने पकड़ा, पूछताछ में पता चला कि वह खुद नौकरी के नाम पर चार लाख रुपये की ठगी का शिकार बना था।

बिहार के मोतिहारी शहर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस की वर्दी पहनकर करीब दस दिनों से बापूधाम रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी कर रहे एक युवक को नगर थाना पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि यह युवक खुद नौकरी दिलाने के नाम पर हुई एक बड़ी ठगी का शिकार बना था और उसे लगता था कि वह सच में पुलिसकर्मी बन चुका है।

सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस ने की कार्रवाई

पुलिस को जैसे ही किसी अनजान युवक के वर्दी में स्टेशन पर घूमने की खबर मिली, नगर थाना अध्यक्ष राजीव रंजन के नेतृत्व में टीम तुरंत हरकत में आ गई। जांच के बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में उसकी पहचान पूर्वी चम्पारण जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के इस्माइल गांव निवासी शंभू राम के बेटे पवन कुमार के रूप में हुई।

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महाराष्ट्र में मजदूरी करने वाले पवन को सिपाही बनाने का दिखाया सपना

पवन ने पुलिस को बताया कि वह पहले महाराष्ट्र में मजदूरी करके गुजारा करता था। इसी दौरान उसकी मां की मुलाकात पताही निवासी हरेंद्र राम से हुई। हरेंद्र ने दावा किया कि उसकी पटना सचिवालय में अच्छी पहचान है और वह पवन को सिपाही की नौकरी आसानी से दिला सकता है। यह भरोसा दिलाए जाने के बाद पवन की मां उसे महाराष्ट्र से वापस घर बुला लाई।

बहन के साथ मुजफ्फरपुर में रहकर की तैयारी, फिर पटना में मांगे गए 4 लाख रुपये

घर लौटने के बाद पवन अपनी बहन के साथ बिहार के मुजफ्फरपुर में रहकर नौकरी की तैयारी करने लगा। कुछ समय बाद हरेंद्र राम उसे पटना ले गया, जहां उसकी मुलाकात बासुदेव राम और उसकी पत्नी से कराई गई। आरोप है कि इन दोनों ने सिपाही की नौकरी पक्की कराने के नाम पर पवन से चार लाख रुपये की मांग रखी। पवन के मुताबिक उसने एक लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और बाकी तीन लाख रुपये नकद देकर पूरी रकम चुका दी।

नौकरी लगने की झूठी खबर देकर भेजा गया मोतिहारी स्टेशन

पवन ने बताया कि करीब 15 दिन पहले उसे बताया गया कि उसकी सिपाही के पद पर नौकरी लग चुकी है और उसे तुरंत मोतिहारी के बापूधाम रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के लिए भेज दिया गया। इसके बाद वह रोज मुजफ्फरपुर से मोतिहारी आता, पुलिस की वर्दी पहनकर स्टेशन पर ड्यूटी करता और शाम होते ही वापस लौट जाता। इतने दिनों तक उसे पूरा यकीन था कि वह वाकई एक सरकारी सिपाही बन चुका है, उसे यह भनक तक नहीं थी कि उसके साथ ठगी हुई है।

पुलिस अब तलाश रही पूरे गिरोह की कड़ियां

मामले की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस ने जांच शुरू की और युवक को हिरासत में ले लिया। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले इस गिरोह में हरेंद्र राम और बासुदेव राम के अलावा और कौन-कौन शामिल है। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि आरोपी को पुलिस की वर्दी और बाकी सामान आखिर कहां से मुहैया कराया गया। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि कहीं आरोपी खुद भी इस पूरे फर्जीवाड़े का शिकार तो नहीं हुआ है।

सवाल-जवाब

पवन कुमार कौन है?
पवन कुमार पूर्वी चम्पारण जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के इस्माइल गांव निवासी शंभू राम का बेटा है, जिसे नगर थाना पुलिस ने पुलिस की वर्दी पहनकर मोतिहारी के बापूधाम रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी करते पकड़ा।
पवन से कितने रुपये की ठगी की गई?
पवन से सिपाही की नौकरी दिलाने के नाम पर कुल चार लाख रुपये लिए गए, जिसमें एक लाख रुपये ऑनलाइन और तीन लाख रुपये नकद दिए गए थे।
पवन से पैसे किसने मांगे?
हरेंद्र राम के जरिए हुई मुलाकात के बाद बासुदेव राम और उसकी पत्नी ने नौकरी पक्की कराने के नाम पर पवन से चार लाख रुपये मांगे थे।
पवन को कैसे लगा कि उसकी नौकरी लग गई है?
करीब 15 दिन पहले उसे बताया गया कि उसकी सिपाही के पद पर नौकरी लग चुकी है, जिसके बाद उसे मोतिहारी के बापूधाम रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी के लिए भेज दिया गया।
पुलिस ने पवन को गिरफ्तार क्यों किया?
पवन बिना असली नियुक्ति के पुलिस की वर्दी पहनकर स्टेशन पर ड्यूटी कर रहा था, इसकी सूचना मिलने पर नगर थाना पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
अब पुलिस आगे क्या जांच कर रही है?
पुलिस यह पता लगा रही है कि ठगी करने वाले गिरोह में हरेंद्र राम और बासुदेव राम के अलावा और कौन-कौन शामिल है, आरोपी को वर्दी कहां से मिली, और क्या आरोपी खुद भी ठगी का शिकार हुआ है।

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