बिहार की राजधानी पटना के राजेंद्र नगर स्थित रेलवे कोचिंग कॉम्प्लेक्स में 12 जुलाई 2026, रविवार की सुबह एक भीषण अग्निकांड देखने को मिला। सुबह के शांत माहौल में अचानक भड़की इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और परिसर के एक बहुत बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए। जैसे ही इस भीषण आग की जानकारी मिली, राहत और बचाव कार्यों को गति दी गई और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़े पैमाने पर दमकल की गाड़ियों को काम पर लगाया गया।
धुएं के गुबार और स्थानीय लोगों में फैली दहशत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार की सुबह अचानक कोचिंग कॉम्प्लेक्स की इमारत से काले धुएं के ऊंचे गुबार और तेज लपटें उठती हुई दिखाई दीं। आसमान में फैलते धुएं को देखकर आसपास की घनी आबादी वाले क्षेत्रों में तुरंत दहशत फैल गई। इस घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन, कई नजदीकी थानों की पुलिस टीमें और फायर ब्रिगेड के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत हरकत में आ गए और घटनास्थल पर पहुंचे। आग की भयावहता और इसकी तीव्रता को देखते हुए दमकल विभाग ने तुरंत निर्णय लिया और क्षेत्र के तीनों डिवीजनों से अतिरिक्त दमकल वाहनों को आपातकालीन रूप से मौके पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने अत्यधिक सूझबूझ का परिचय देते हुए कई घंटों तक लगातार पानी की बौछारें कीं, जिससे आग को रेलवे कॉम्प्लेक्स के पास स्थित अन्य आवासीय और व्यावसायिक इमारतों तक फैलने से रोका जा सका।
रेलवे प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा के इंतजाम
इस बड़ी दुर्घटना की खबर मिलते ही भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी भी बिना कोई समय गंवाए राजेंद्र नगर कोचिंग कॉम्प्लेक्स पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और स्थिति का बारीक जायजा लिया। इस दौरान घटनास्थल के आसपास लोगों की भारी भीड़ जमा होने लगी थी, जिससे बचाव कार्य प्रभावित होने की आशंका थी। इसे ध्यान में रखते हुए सुरक्षा बलों ने तुरंत पूरे प्रभावित क्षेत्र की घेराबंदी कर दी और वहां लोगों की आवाजाही को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया। इस सुरक्षा घेरे के कारण दमकल के वाहनों और आपातकालीन सेवाओं को बिना किसी बाधा के अपना काम करने का सुरक्षित रास्ता मिल सका।
अग्निशमन विभाग का छह घंटे लंबा अभियान
दमकल विभाग के अधिकारी गया सिंह ने इस हादसे के समय और राहत कार्य की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विभाग को सुबह लगभग 4 बजे इस अग्निकांड की पहली सूचना मिली थी। सूचना प्राप्त होते ही बिना किसी देरी के दमकल की 15 से अधिक गाड़ियों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। सभी टीमों ने आपस में तालमेल बिठाकर एक संयुक्त अभियान चलाया और करीब 6 घंटे की बेहद कठिन मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाने में सफलता प्राप्त की। गया सिंह ने आगे बताया कि शुरुआती तौर पर ऐसा प्रतीत होता है कि आग लगने की मुख्य वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है, लेकिन हादसे के असली और सटीक कारणों का पता विस्तृत तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही चल पाएगा।
पावर ग्रिड में खराबी और नुकसान का विवरण
राजेंद्र नगर रेलवे स्टेशन के GRP प्रभारी दीप नारायण यादव ने इस घटना के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने जानकारी दी कि रेलवे यार्ड के बिल्कुल समीप बने पावर ग्रिड में शॉर्ट सर्किट होने के कारण यह आग भड़की थी। ग्रिड में लगी इस आग ने तेजी से फैलकर रेलवे के महत्वपूर्ण केबलों और एक बड़े ट्रांसफार्मर को पूरी तरह से अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उन्हें भारी क्षति पहुंची है। इस अग्निकांड के कारण रेलवे संपत्ति को लाखों रुपये के नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में जम्मू और कश्मीर के सोपोर जिले के वाटरगाम इलाके में भी इसी तरह का एक हादसा सामने आया था, जहां एक पेट्रोल पंप के पास स्थित शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की तीसरी मंजिल पर भयानक आग लग गई थी, जिसे स्थानीय लोगों और दमकल कर्मियों की मदद से समय रहते बुझा लिया गया था।











