पूर्णिया के झील टोला इलाके में सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना ने आज के समाज की संवेदनहीनता को कटघरे में खड़ा कर दिया है। क्या तकनीक के इस युग में हम इतने बेबस हो गए हैं कि किसी की जान बचाने से ज्यादा महत्वपूर्ण मोबाइल पर फोटो खींचना हो गया है? पूर्णिया की सड़कों पर हुई इस घटना ने साबित कर दिया है कि भीड़ में भी इंसानियत किस हद तक लुप्त हो रही है। इस कठिन परिस्थिति में सांसद पप्पू यादव ने एक मसीहा बनकर उस बच्चे की जान बचाई, जिसकी अनदेखी वहां खड़े सैकड़ों लोगों ने कर दी थी।
सड़क पर तड़पता रहा बच्चा, लोग सेल्फी लेने में थे व्यस्त
यह दुखद वाकया तब हुआ जब एक स्कूली छात्र सड़क पार कर रहा था। तभी अचानक आई एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने बच्चे को बुरी तरह टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बच्चा लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा और उसका सिर फट गया। बच्चा दर्द से कराह रहा था और खून लगातार बह रहा था, लेकिन वहां जमा हुए राहगीरों और स्थानीय लोगों में से किसी ने भी उसे उठाकर अस्पताल ले जाने की जहमत नहीं उठाई। हैरान करने वाली बात यह थी कि वहां मौजूद लोग मदद के बजाय अपने मोबाइल फोन से उस घायल बच्चे की तस्वीरें और वीडियो बनाने में मशगूल थे। रील और सेल्फी बनाने का जुनून इंसानियत के ऊपर हावी होता नजर आया।
सांसद पप्पू यादव ने बच्चे को संभाला, अस्पताल तक की मदद
ठीक उसी वक्त वहां से कसबा से लौट रहे सांसद पप्पू यादव का काफिला गुजर रहा था। सड़क पर भारी भीड़ और बच्चे को खून से लथपथ देखकर उन्होंने फौरन गाड़ी रुकवाई। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए पप्पू यादव ने बिना समय गंवाए बच्चे को खुद अपनी गोद में उठा लिया। अस्पताल के रास्ते भर पप्पू यादव बच्चे को दिलासा देते रहे और उसे बार-बार यही कहते रहे कि तुम बिल्कुल ठीक हो जाओगे, धैर्य रखो। उन्होंने रास्ते में ही अस्पताल प्रशासन को फोन किया और डॉक्टर्स की टीम को तुरंत सक्रिय होने के निर्देश दिए ताकि बच्चे के पहुंचते ही इलाज शुरू किया जा सके।
इंसानियत के पतन पर सांसद का फूटा गुस्सा
जीएमसीएच पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने बच्चे का त्वरित इलाज शुरू किया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी। पप्पू यादव के सहयोगियों ने बच्चे के परिवार का पता लगाकर उन्हें सूचित किया। जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो सांसद ने घायल बच्चे के भाई को इलाज के लिए आर्थिक मदद भी प्रदान की। इस पूरी घटना के बाद सांसद पप्पू यादव का दर्द और गुस्सा मीडिया के सामने खुलकर आया। उन्होंने अत्यंत दुखी मन से कहा कि आज का समाज पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि सेल्फी लेने की सनक ने देश में इंसानियत को खत्म कर दिया है। चाहे दुर्घटना हो, बलात्कार हो या कोई और त्रासदी, लोग बस सेल्फी लेने में जुटे रहते हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि कभी-कभी मन में यह सवाल उठता है कि क्या ऐसे समाज में हमें और रहना चाहिए?











