बिहार के हाजीपुर जिले में कानून के रक्षक की ही भूमिका में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। हाजीपुर-मुजफ्फरपुर नेशनल हाईवे-22 पर भगवानपुर थाना क्षेत्र के बफापुर बांपुर गांव में एक दरोगा ने शराब के नशे में धुत्त होकर एक आर्मी जवान पर गोली चला दी। इस हमले में गोली सीधे तौर पर जवान को तो नहीं लगी, लेकिन उसके बारूद के असर से जवान की आंख में चोट आई है। आरोपी दरोगा की पहचान दीपक कुमार के रूप में हुई है, जो अररिया जिले के फारबिसगंज थाना में तैनात है।
घटना का क्रम
यह घटना सुबह करीब 4:30 बजे की है। हाईवे के किनारे स्थित एक मकान के मालिक गंगा सिंह के दरवाजे पर एक व्यक्ति ने दस्तक दी। उक्त व्यक्ति की गाड़ी सड़क किनारे बने गड्ढे में फंस गई थी। अपनी गाड़ी निकालने के लिए मदद मांगते हुए वह व्यक्ति नशे में दिखाई दे रहा था। गंगा सिंह ने और उनके बेटे रजनीश ने, जो भारतीय सेना में जवान हैं, मानवता दिखाते हुए गाड़ी को गड्ढे से बाहर निकालने में मदद की। गाड़ी के निकलने के बाद उन्होंने उस व्यक्ति से वहां से जाने के लिए कहा, लेकिन वह नशे की हालत में वहां से हिलने को तैयार नहीं था और लगातार गाली-गलौज कर रहा था। यह सिलसिला करीब एक घंटे तक चलता रहा।
गोलीबारी और गिरफ्तारी
स्थिति तब बेहद तनावपूर्ण हो गई जब आरोपी ने सेना के जवान रजनीश की गर्दन दबोच ली और अपनी सरकारी पिस्तौल निकालकर उन पर सीधी फायरिंग कर दी। गनीमत रही कि गोली जवान के कान के पास से गुजर गई, जिससे उनकी बाईं आंख के पास बारूद के प्रभाव से गंभीर चोटें आईं। स्थानीय निवासियों ने तत्परता दिखाते हुए हमलावर दरोगा को काबू में किया और उसकी सर्विस रिवाल्वर छीन ली। घटना की सूचना मिलने पर भगवानपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से एक खाली खोखा और दरोगा की गाड़ी से शराब की बोतल बरामद की है।
पुलिस की कार्रवाई
इस पूरे मामले में एफएसएल (FSL) की टीम ने घटनास्थल से सबूत एकत्र किए हैं। आरोपी दीपक कुमार जहानाबाद का मूल निवासी बताया जा रहा है। स्थानीय पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। वर्दी में रहते हुए शराब का सेवन करने और आम नागरिक व सेना के जवान पर हमला करने के कारण इस घटना ने बिहार के पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रशासन इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है, हालांकि अभी तक किसी बड़े वरिष्ठ अधिकारी की ओर से कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है।











