बिहार की राजधानी पटना में एक किराना दुकानदार बंटी कुमार की दर्दनाक हत्या ने पूरे राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। 25 वर्षीय बंटी कुमार का अपहरण 6 जुलाई को पटना जंक्शन के पास से उस समय कर लिया गया था, जब वे कथित तौर पर अपने इलाके में चल रहे एक सेक्स रैकेट का मुखर विरोध कर रहे थे। इस मामले में अब बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है और तीखे सवाल पूछे हैं।
पुलिस की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से आरोप लगाया कि करबिगहिया इलाके में पुलिस और सत्ताधारी दल के संरक्षण में एक सेक्स रैकेट चलाया जा रहा था, जिसका विरोध करना बंटी के लिए काल बन गया। तेजस्वी ने दावा किया कि इस अपहरण की घटना के सीसीटीवी फुटेज में सब कुछ स्पष्ट रूप से देखा जा सकता था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करने के बजाय परिजनों को ही डांट-फटकार कर वापस भेज दिया। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस अपराधियों को दिशा-निर्देश दे रही थी, जिससे समय रहते बंटी को बचाया नहीं जा सका।
पीड़ित परिवार से तेजस्वी की बातचीत
इस पूरे मामले को लेकर तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनशीलता दिखाई है। उन्होंने बंटी की पत्नी के साथ हुई टेलीफोन पर बातचीत का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया है। इस वीडियो में बंटी की पत्नी का दर्द साफ झलक रहा है और वे बिलखती हुई नजर आती हैं, जबकि तेजस्वी उन्हें सांत्वना देते हुए न्याय दिलाने का भरोसा दिला रहे हैं। उन्होंने साफ किया है कि राजद हर स्तर पर इस मामले को उठाएगी ताकि अपराधी बख्शे न जाएं। तेजस्वी ने बताया कि जब उनकी पार्टी के शिष्टमंडल ने दबाव बनाया, तब जाकर पुलिस ने पटना ग्रामीण के अथमलगोला थाना क्षेत्र से बंटी का क्षत-विक्षत शव बरामद किया।
घटनाक्रम और पुलिस की जांच
पुलिस के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, 6 जुलाई को बंटी कुमार का अपहरण पटना जंक्शन के पास स्थित दूध मंडी से किया गया था। जांच में पता चला कि अपहरणकर्ता उन्हें बाइपास के रास्ते मोकामा की ओर ले गए थे। काफी तलाश के बाद हत्या की पुष्टि तब हुई जब पुलिस ने अथमलगोला थाना क्षेत्र के फुलैलपुर गांव के पास जमीन में दफन शव को बरामद किया। जक्कनपुर, कोतवाली और अथमलगोला थाना पुलिस इस मामले की पड़ताल में लगी थी, लेकिन तेजस्वी का आरोप है कि पुलिस की यह कार्रवाई केवल औपचारिकता मात्र थी।
राजनीतिक दबाव और उपचुनाव का असर
यह हत्याकांड ऐसे संवेदनशील समय पर सामने आया है जब बिहार में बांकीपुर उपचुनाव की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में तेजस्वी यादव के सीधे हस्तक्षेप ने राज्य सरकार पर राजनीतिक दबाव को और बढ़ा दिया है। तेजस्वी यादव ने खुले तौर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से जवाब मांगा है कि आखिर अपराधियों को इतना संरक्षण क्यों दिया जा रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पुलिस ने यह दोहराया है कि वे इस हत्या की साजिश और आरोपियों की भूमिका की सघन जांच कर रहे हैं।











