बिहार के वैशाली जिले से कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। भगवानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच-22 पर बांथू गांव के निकट एक दरोगा ने कथित तौर पर शराब के नशे में धुत होकर एक सैन्यकर्मी पर गोली चला दी। इस हमले में आर्मी जवान रजनीश कुमार बाल-बाल बच गए, हालांकि रिवॉल्वर से निकली गोली के पास हुए धमाके के कारण उनके बारूद की चपेट में आने से आंख में गंभीर चोट आई है।
घटना का ब्यौरा
प्राप्त विवरण के अनुसार, पुलिस का स्टीकर लगी हुई एक कार सड़क के किनारे अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। वाहन में सवार व्यक्ति, जिसने वहां मौजूद लोगों के सामने खुद को दरोगा बताया, ने सहायता के लिए एक स्थानीय घर का दरवाजा खटखटाया। जैसे ही आसपास के ग्रामीण मदद के लिए आगे आए, उस व्यक्ति ने अभद्र भाषा का प्रयोग करना शुरू कर दिया। वहां उपस्थित आर्मी जवान रजनीश कुमार ने जब उसके इस अनुचित व्यवहार का विरोध किया, तो आरोपित ने आपा खो दिया और बहुत करीब से रजनीश कुमार पर गोली चला दी।
पुलिस की कार्रवाई
गोली चलने की आवाज से घटनास्थल पर भारी संख्या में लोग एकत्रित हो गए, जिसके बाद तुरंत भगवानपुर थाना पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आरोपित को हिरासत में ले लिया है। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसकी सर्विस रिवॉल्वर को कब्जे में लिया और उसकी कार से शराब की एक बोतल भी बरामद की। वर्तमान में पुलिस हिरासत में आरोपित से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
आरोपित की पहचान और विवाद
स्थानीय निवासियों का दावा है कि गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान दीपक कुमार के रूप में हुई है, जो अररिया जिले के फारबिसगंज में पुलिस बल में कार्यरत है। बताया गया है कि वह अपनी निजी कार से यात्रा कर रहा था तभी यह दुर्घटना हुई। हालांकि, इस मामले पर पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन इस घटना ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून की जमीनी हकीकत और वर्दीधारियों के आचरण पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।











