पहाड़ी इलाकों में जारी मूसलाधार बारिश के बाद शारदा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिससे उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले के तराई क्षेत्र में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कई इलाकों में रास्तों पर पानी भर जाने के कारण स्थानीय लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर आना-जाना पड़ रहा है। थोड़ी सी भी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। गोला तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेचे पुरवा गांव के पास से गुजरने वाली शारदा नदी का पानी अब गांव के चारों तरफ फैल चुका है।
गांव तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर एक हिस्से में पुलिया न होने के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। इस रास्ते पर करीब दो फीट से ज्यादा पानी भरा हुआ है, जिसके चलते लोग जलभराव के बीच से ही गुजरने को मजबूर हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों को दी जा चुकी है जानकारी
बरसात के मौसम में यह संकट और भी ज्यादा गहरा जाता है। रास्ते पर पानी का तेज बहाव होने की वजह से पैदल निकलना भी खतरे से खाली नहीं रहता है। विशेष तौर पर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस रास्ते से आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस मार्ग पर पुलिया बनवाने की मांग को लेकर क्षेत्र के विधायक से लेकर ग्राम प्रधान तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन अब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि इस रास्ते पर जल्द से जल्द पुलिया का निर्माण कराया जाए, ताकि बारिश के दिनों में उन्हें जलभराव के बीच से न गुजरना पड़े।
बेचे पुरवा गांव के निवासी बनवारी लाल ने बातचीत के दौरान बताया कि उन्हें पिछले करीब 2 वर्षों से इस गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जैसे ही शारदा नदी का जलस्तर बढ़ता है, गांव तक पहुंचने वाले रास्ते पर लगभग 2 से 3 फीट पानी भर जाता है, जिससे कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। कई बार पुलिया बनवाने की बात कही गई, लेकिन इसके बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।





















