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सीतामढ़ी के धान के खेत में करंट लगने से दंपति सहित तीन ग्रामीणों की गई जान, कई झुलसेबिहार
3 अक्तू॰ 2026, 11:43 am (38 मिनट पहले)· 0

सीतामढ़ी के धान के खेत में करंट लगने से दंपति सहित तीन ग्रामीणों की गई जान, कई झुलसे

बिहार के सीतामढ़ी जिले में खोई हुई भैंस ढूंढने निकले ग्रामीणों की बिजली के खुले तार के संपर्क में आने से मौत हो गई, जबकि दो से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

बिहार के सीतामढ़ी जिले में शनिवार की सुबह एक दर्दनाक हादसा पेश आया, जहां खेत में उतरे बिजली के करंट ने तीन ग्रामीणों की जान ले ली। यह दुखद घटना बैरगनिया प्रखंड अंतर्गत अख्ता पश्चिमी चकवा पंचायत के तकिया टोला, वार्ड नंबर-5 इलाके की है। धान के खेत में बिछाए गए खुले तार में दौड़ रहे तेज करंट की जद में आकर मौके पर ही तीन लोगों ने दम तोड़ दिया, जबकि साथ मौजूद दो से तीन अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए। जान गंवाने वालों में एक दंपति भी शामिल है।

भैंस तलाशने निकले थे ग्रामीण, धुंधलके में हुआ हादसा

शनिवार सुबह तकिया टोला के कुछ ग्रामीण अपने घर से खोई हुई भैंस को ढूंढने के लिए निकले थे। सुबह के वक्त खेत में अंधेरा और धुंधलका छाया हुआ था, जिससे जमीन पर बिछा तार साफ दिखाई नहीं दे रहा था। इसी दौरान वे धान के खेत में पड़े खुले बिजली के तार के संपर्क में आ गए। तार में करंट का प्रवाह इतना तेज था कि इस्लाम मंसूरी, उनकी पत्नी रुबैदा खातून और तीसरे ग्रामीण अस्मत अली की मौके पर ही मौत हो गई।

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चीख-पुकार सुन पहुंचे लोग, घायलों का चल रहा इलाज

बिजली के झटके लगते ही मची अफरा-तफरी और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग फौरन खेत की तरफ दौड़े। हादसे में दो से तीन अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिन्हें ग्रामीणों ने आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। सभी घायलों का डॉक्टरों की देखरेख में उपचार जारी है। इस हृदयविदारक घटना से तकिया टोला और समीपवर्ती इलाकों में शोक का माहौल व्याप्त है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम के साथ-साथ इस लापरवाही को लेकर आक्रोश और दहशत भी बनी हुई है।

फसल सुरक्षा के लिए तार बिछाने की आशंका, पुलिस जांच में जुटी

घटनास्थल पर तीन ग्रामीणों के अलावा दो जंगली सूअर भी मृत अवस्था में मिले हैं। बैरगनिया थानाध्यक्ष अरविंद गिरी ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि फसल को जंगली सूअरों से सुरक्षित रखने के मकसद से खेत में बिजली का तार लगाया गया था, जिसकी चपेट में आकर तीन ग्रामीणों की जान चली गई। पुलिस प्रशासन पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है कि यह तार किसने लगाया था और इसके लिए बिजली की आपूर्ति कैसे की गई थी।

सवाल-जवाब

सीतामढ़ी में यह हादसा कहां और कब हुआ?
यह हादसा बिहार के सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया प्रखंड अंतर्गत अख्ता पश्चिमी चकवा पंचायत के तकिया टोला, वार्ड नंबर-5 में शनिवार की सुबह हुआ।
हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान क्या है?
मृतकों की पहचान इस्लाम मंसूरी, उनकी पत्नी रुबैदा खातून और अस्मत अली के रूप में हुई है।
ग्रामीण सुबह-सुबह खेत की तरफ क्यों गए थे?
ग्रामीण शनिवार की तड़के अपने घर से खोई हुई भैंस को खोजने के लिए खेत की ओर निकले थे।
खेत में बिजली का तार क्यों बिछाया गया था?
थानाध्यक्ष अरविंद गिरी के अनुसार, धान की फसल को जंगली सूअरों से बचाने के उद्देश्य से खेत में बिजली का तार लगाया गया था।
घायलों की स्थिति के बारे में क्या जानकारी है?
करंट की चपेट में आने से दो से तीन अन्य ग्रामीण गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका नजदीकी अस्पताल में उपचार जारी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·18 मिनट पहले

भैंस ढूंढने निकले उस परिवार को क्या पता था कि सुबह का अंधेरा उनकी जिंदगी का आखिरी अंधेरा बन जाएगा। खेत बचाने के लिए ऐसे खुले तार बिछाना तो सीधे-सीधे कत्ल है।

Rohan Verma@rohan-verma·18 मिनट पहले

करण भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है। पर जरा सोचिए, सूअरों से फसल बचाने के लिए इस तरह खुलेआम नंगा तार कौन बिछा जाता है?

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