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बैकुंठपुर में तटबंध टूटने से तबाही, 11 घंटे में इंजीनियर निलंबित और जांच के आदेशबिहार
2 अक्तू॰ 2026, 2:04 pm (20 मिनट पहले)· 0

बैकुंठपुर में तटबंध टूटने से तबाही, 11 घंटे में इंजीनियर निलंबित और जांच के आदेश

गोपालगंज के बैकुंठपुर में तटबंध टूटने से कई गांव जलमग्न हो गए, जिसके बाद संबंधित इंजीनियर को 11 घंटे के भीतर निलंबित कर दिया गया।

बिहार के गोपालगंज जिले में तटबंध टूटने की घटना ने भीषण बाढ़ का संकट पैदा कर दिया है। जिले के बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र में पानी तेजी से रिहायशी बस्तियों और खेतों में घुसने के बाद हालात नाजुक हो गए हैं। इस विकट स्थिति के बीच शिक्षा मंत्री और क्षेत्रीय विधायक मिथिलेश तिवारी ने स्वयं जमीनी हालात का मुआयना करने के लिए प्रभावित बस्तियों का दौरा किया। उन्होंने बंजरिया, डुमरिया और गम्हारी समेत कई गांवों में जाकर स्थानीय निवासियों से सीधे बातचीत की और बाढ़ के कारण आ रही दिक्कतों को सुना।

राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई का जमीनी जायजा

बाढ़ के पानी से घिरे परिवारों तक भोजन और बुनियादी मदद पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से सामुदायिक रसोई शुरू की गई हैं। मिथिलेश तिवारी ने इन कम्युनिटी किचन का स्थलीय निरीक्षण किया और वहां तैयार हो रहे भोजन के स्तर की जांच की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी विस्थापित अथवा पीड़ित व्यक्ति को भोजन की कमी नहीं होनी चाहिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि संकट के समय राहत और बचाव कार्यों में किसी भी किस्म की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्रभावित बस्तियों में आवश्यक आपूर्ति निरंतर बनी रहनी चाहिए।

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तटबंध काटने के आरोपों पर जांच का ऐलान

दौरे के वक्त ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि असामाजिक तत्वों द्वारा तटबंध को जानबूझकर काटा गया, जिसके कारण जलप्रवाह अचानक बढ़ गया और पानी तेजी से रिहायशी हिस्सों में फैल गया। ग्रामीणों की इस गंभीर शिकायत को संज्ञान में लेते हुए मंत्री ने इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति या समूह की संलिप्तता पाई जाती है, तो उसके विरुद्ध विधि सम्मत कठोर कदम उठाए जाएंगे।

11 घंटे में विभागीय कार्रवाई और मुआवजे की पहल

प्रशासनिक जवाबदेही के संदर्भ में शिक्षा मंत्री ने बताया कि तटबंध टूटने की घटना सामने आने के महज 11 घंटे के अंदर संबंधित इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय स्तर पर अन्य जिम्मेदारियों को भी तय किया जा रहा है ताकि चूक के कारणों की पहचान हो सके।

बाढ़ के चलते किसानों की फसलों को बड़े पैमाने पर क्षति पहुंची है। मिथिलेश तिवारी ने जानकारी दी कि फसल नुकसान के आकलन और किसानों को अनुमन्य सहायता राशि तुरंत जारी करवाने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से दूरभाष पर चर्चा की है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में सरकार पूरी तरह से प्रभावित जनता के साथ खड़ी है और नुकसान की भरपाई के साथ-साथ क्षेत्र में सामान्य जीवन जल्द बहाल करना प्रशासन का मुख्य लक्ष्य है।

सवाल-जवाब

गोपालगंज के किस क्षेत्र में बाढ़ का पानी घुसा है?
गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के बंजरिया, डुमरिया और गम्हारी समेत कई गांवों में बाढ़ का पानी फैला है।
तटबंध टूटने के मामले में क्या प्रशासनिक कार्रवाई हुई?
तटबंध टूटने की घटना के महज 11 घंटे के भीतर संबंधित इंजीनियर को निलंबित कर दिया गया और मामले की जांच जारी है।
ग्रामीणों ने बाढ़ को लेकर क्या आरोप लगाया है?
ग्रामीणों का आरोप है कि असामाजिक तत्वों ने जानबूझकर तटबंध को काटा, जिसकी उच्चस्तरीय जांच कराने का आश्वासन दिया गया है।
फसल क्षति को लेकर सरकार ने क्या कदम उठाया है?
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से फोन पर बात कर प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया है।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·4 मिनट पहले

ग्यारह घंटे में इंजीनियर को सस्पेंड करना और मंत्री का खुद गांवों में जाकर देखना अच्छा लगा, तेजी तो दिखाई है। लेकिन क्या सच में किसी ने तटबंध को जानबूझकर काटा था या यह सिर्फ लापरवाही छिपाने का बहाना है? जांच के बाद सच सामने आएगा तभी पता चलेगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 मिनट पहले

रोहन भाई, 11 घंटे में सस्पेंड होना कागजी फुर्ती भी हो सकती है। असली बात तो जांच के बाद ही पता चलेगी कि लापरवाही थी या साजिश।

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