दौसा जिले के ठीकरिया गांव में गुरुवार को उस समय तनाव का माहौल बन गया, जब करंट की चपेट में आने से जान गंवाने वाले एक बच्चे का पार्थिव शरीर पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया गया। मृतक बालक की पहचान राहुल योगी के रूप में हुई है। शव के गांव में पहुंचते ही सैकड़ों की तादाद में ग्रामीण एकत्र हो गए और उन्होंने अंतिम संस्कार करने से साफ मना कर दिया। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता नहीं मिलती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
हादसे के बाद जयपुर में तोड़ा दम
यह दुखद घटनाक्रम मंगलवार को शुरू हुआ था, जब राहुल योगी अचानक बिजली के करंट की चपेट में आ गया था। करंट लगने की वजह से मासूम की हालत बेहद नाजुक हो गई थी। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक देखभाल के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत जयपुर रेफर कर दिया था। जयपुर के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझते हुए इलाज के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया। वहां चिकित्सकों द्वारा पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को परिजनों को सौंपा गया।
कलेक्ट्रेट कूच की तैयारी और पुलिस की सतर्कता
घटना के बाद से ही ग्रामीणों और परिजनों में बिजली विभाग के प्रति भारी गुस्सा देखा जा रहा था। ग्रामीणों की प्राथमिक योजना थी कि वे जयपुर से शव प्राप्त करने के बाद सीधे दौसा जिला कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे और शव को सामने रखकर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेंगे। वे जिला प्रशासन के समक्ष बिजली विभाग के दोषी कर्मियों पर सख्त कार्रवाई और परिवार के लिए मुआवजे की गुहार सीधे तौर पर लगाना चाहते थे।
हालांकि, इस संभावित उग्र प्रदर्शन को भांपते हुए पुलिस प्रशासन पहले से ही पूरी तरह सतर्क हो गया। कलेक्ट्रेट पर किसी भी प्रकार के गतिरोध या जाम की आशंका को टालने के लिए पुलिस बल की कड़ी निगरानी में शव वाहन को जयपुर से सीधे कलेक्ट्रेट ले जाने के बजाय ठीकरिया गांव पहुंचा दिया गया।
गांव में पुलिस छावनी जैसा माहौल, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जैसे ही शव ठीकरिया पहुंचा, ग्रामीणों का रोष और अधिक गहरा गया। ग्रामीणों के अड़ियल रुख और माहौल की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग ने गांव में सुरक्षा के अभूतपूर्व बंदोबस्त किए हैं। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नांगल, सदर और कोतवाली थाना क्षेत्रों के थानाधिकारी स्वयं मौजूद हैं। इसके अतिरिक्त स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए क्यूआरटी यानी त्वरित प्रतिक्रिया दल और भारी संख्या में अतिरिक्त पुलिस जाब्ता तैनात किया गया है।
प्रशासन और ग्रामीणों के बीच वार्ता का दौर जारी
वर्तमान में बालक का शव ठीकरिया गांव में रखा हुआ है और माहौल में तनाव बना हुआ है। वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार आक्रोशित ग्रामीणों के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि उन्हें समझा-बुझाकर गतिरोध को खत्म कराया जा सके और बच्चे का अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। ग्रामीण अपनी दो टूक मांग पर टिके हैं कि मासूम की जान लेने वाले बिजली विभाग के लापरवाह तंत्र को बख्शा न जाए और गरीब परिवार को उचित आर्थिक राहत राशि मुहैया कराई जाए।























