बिहार के सुपौल में कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए अपराधियों ने एक बार फिर बड़ी घटना को अंजाम दिया है। करजाईन थाना क्षेत्र के करजाईन बाजार स्थित वार्ड 9 में सोमवार की देर रात लगभग एक दर्जन नकाबपोश और हथियारबंद बदमाश ग्रामीण कार्य विभाग से जुड़े एक ठेकेदार के घर में जबरन घुस गए। इस दुस्साहसिक वारदात ने पूरे इलाके के लोगों के दिलों में खौफ पैदा कर दिया है और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आधी रात को हुई इस लूटपाट से स्थानीय लोग सकते में हैं और पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
दीवार फांदकर अंदर घुसे बदमाश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठेकेदार सतेंद्र नारायण सिंह के घर पर सोमवार की देर रात करीब एक बजे यह हमला हुआ। करीब एक दर्जन हथियारबंद बदमाश मकान की चारदीवारी फांदकर परिसर के अंदर दाखिल हुए। घर के भीतर कदम रखते ही इन बदमाशों ने बिना किसी देरी के हथियारों का भय दिखाकर परिवार के सभी सदस्यों को अपने नियंत्रण में ले लिया। इसके बाद सभी लोगों को बंधक बनाकर एक कमरे में बंद कर दिया गया और घर की तलाशी का सिलसिला शुरू हुआ। बदमाशों ने इत्मीनान से कीमती सामान खंगालना शुरू किया और अलमारियों में रखे सोने-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ नकदी और अन्य मूल्यवान वस्तुएं अपने कब्जे में ले लीं।
एक घंटे तक बेखौफ चलता रहा तांडव
यह पूरी डकैती की वारदात लगभग एक घंटे तक बिना किसी रुकावट के चलती रही। अपराधी बेखौफ अंदाज में घर के कोने-कोने से सामान समेटते रहे और परिवार का कोई भी सदस्य विरोध करने की स्थिति में नहीं था क्योंकि सभी को हथियारों के बल पर डराकर रखा गया था। प्रारंभिक आकलन के मुताबिक, बदमाश कुल मिलाकर करीब 60 से 65 लाख रुपये की संपत्ति समेटने में सफल रहे, जिसमें जेवरात और नकदी प्रमुख रूप से शामिल हैं। हालांकि, नुकसान के वास्तविक आंकड़ों की पुष्टि पुलिस द्वारा विस्तृत जांच और घर के सामान के आधिकारिक सत्यापन के बाद ही की जा सकेगी। लूटपाट को पूरी तरह अंजाम देने के बाद सभी अपराधी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए।
पुलिस और अधिकारियों की मौके पर एंट्री
घटना की भनक लगते ही बिहार के करजाईन थाना की पुलिस तुरंत हरकत में आई और फौरन घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की प्राथमिक जांच शुरू कर दी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वीरपुर के एसडीपीओ पवन कुमार ने भी खुद मौके का दौरा किया और हालात का जायजा लिया। पुलिस बल ने घटनास्थल से तमाम महत्वपूर्ण साक्ष्य इकट्ठा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारी मिली है कि उस विशेष कमरे को सील कर दिया गया है ताकि फॉरेंसिक जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए और अपराधियों तक पहुंचने का कोई सुराग हाथ लग सके।
एफएसएल टीम जुटा रही वैज्ञानिक सबूत
वीरपुर के एसडीपीओ पवन कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि घटनास्थल पर एफएसएल की टीम भी बुलाई गई है जो जल्द ही पहुंच रही है। यह फॉरेंसिक टीम फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने का काम करेगी ताकि अपराधियों की पहचान सुनिश्चित की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा और बदमाशों का सुराग लगाया जाएगा। फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं। इस बड़ी वारदात के बाद से इलाके में पुलिस गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है, और प्रशासन के सामने लूटी गई संपत्ति बरामद करने के साथ-साथ अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।





















