जयपुर के खोराबीसल थाना इलाके में स्थित एक इंडस्ट्रियल यूनिट से भारी मात्रा में कीमती धातु चुराने की साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस जांच दल ने गैल्वनाइजिंग कारखाने से करीब चार लाख रुपये मूल्य की जस्ते की सिल्लियां गायब करने के आरोप में एक ठेकेदार को हिरासत में लिया है. पकड़े गए शख्स ने वारदात को अंजाम देने के लिए पहले अपने ही एक सहकर्मी को विश्वास में लेकर जमकर शराब पिलाई थी, जिसके बाद मौका पाकर उसने परिसर से लगभग एक टन वजनी धातु पर हाथ साफ कर दिया. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर सारा चोरी हुआ माल बरामद करते हुए वारदात में काम में ली गई गाड़ी भी कब्जे में ले ली है.
कंपनी कर्मी की शिकायत पर दर्ज हुआ था मुकदमा
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित साजिद अली ने खोराबीसल थाने पहुंचकर आधिकारिक तौर पर चोरी की शिकायत दर्ज कराई. साजिद अली इलाके में संचालित एक जिंक गैल्वनाइजिंग यूनिट में नौकरी करता है, जहां बिजली के विभिन्न उपकरणों पर जंग से बचाने वाली जस्ते की कोटिंग चढ़ाने का काम बड़े पैमाने पर किया जाता है. दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, 29 सितंबर की रात को फैक्ट्री परिसर के भीतर सुरक्षित रखी गई 43 जिंक सिल्लियां अचानक गायब हो गईं. इन सिल्लियों का सामूहिक वजन करीब 900 से 1000 किलोग्राम के आसपास था, जिसका वर्तमान बाजार मूल्य लगभग चार लाख रुपये आंका गया था. शिकायतकर्ता ने उसी कारखाने में ठेकेदारी का काम संभालने वाले नेमसिंह पर सीधे तौर पर संदेह व्यक्त किया था.
लोन की किस्तें भरने के लिए रची थी साजिश
जांच आगे बढ़ने पर पुलिस अधिकारियों को आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में पुख्ता सुराग मिले. पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपी नेमसिंह अपने मकान और निजी वाहन की मासिक किस्तें चुकाने को लेकर भारी आर्थिक दबाव में था. इसी वित्तीय परेशानी से बाहर निकलने के लिए उसने अपनी ही कार्यस्थल वाली फैक्ट्री से कीमती धातु चुराने का षड्यंत्र तैयार किया. योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए आरोपी ने एक साथी कर्मचारी को शराब पार्टी के बहाने बुलाया. उसने साथी को अत्यधिक मात्रा में शराब परोसकर बेसुध कर दिया. जैसे ही साथी गहरे नशे में पहुंच गया, आरोपी ने फैक्ट्री के अंदर रखी 43 जस्ते की सिल्लियों को बिना किसी रुकावट के बाहर निकाल लिया.
टाटा पंच गाड़ी में लादा माल और छुपाया
पुलिस पड़ताल के मुताबिक आरोपी ने चुराई गई सभी सिल्लियों को अपनी निजी टाटा पंच गाड़ी में लादा और फिर सुरक्षित जगह ले जाकर छिपा दिया. घटना के बाद पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट जुटाए और स्थानीय स्तर पर पूछताछ कर आरोपी की लोकेशन को ट्रैक किया. पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने नेमसिंह को दबोच लिया. तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी की गई पूरी 43 जिंक सिल्लियां बरामद कर ली गईं, साथ ही अपराध में प्रयुक्त टाटा पंच वाहन को भी जब्त कर लिया गया. गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सिकंदराराऊ इलाके का रहने वाला है और यहां जयपुर में ठेकेदारी कर रहा था. पुलिस अब उससे जुड़े अन्य संपर्कों और पहलुओं की विस्तृत जांच कर रही है.

















