फ्रांस के ओबाग्ने में स्कूल के अंदर चली गोली, 14 साल का छात्र गिरफ्तार और दो शिक्षक घायलजयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा छापा, बिना लाइसेंस चल रही दुकान सील और तेरह संस्थानों को नोटिसटोंक के सआदत अस्पताल में बाहरी लोगों से काम कराने पर घमासान, पीएमओ की जानकारी के बाद भी अब तक क्यों नहीं हुई सख्त कार्रवाई?कानपुर में गरबा के लिए किराए पर पार्टनर मिलने का दावा, सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर से मचा हड़कंप90 साल के प्रोफेसर जेपी सिंह से जानिए रिटायरमेंट के बाद पैसों का सही इस्तेमाल और खुशहाल जीवन जीने का मंत्रलाइव: प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विजय ने चेन्नई मेट्रो चरण-2 का किया उद्घाटन, ₹13,000 करोड़ से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगातस्टैंडर्ड चार्टर्ड ने आरएलयूएसडी के लिए शुरू की कस्टडी सेवा, एक्सआरपी मुख्य सपोर्ट स्तर पर टिकाप्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत पर कांग्रेस का सीधा हमला, इस्तीफे की मांग उठने के बाद सोशल मीडिया पर छिड़ी बहसट्रिपलआईटी जबलपुर से निकलीं समृद्धि शर्मा कैसे बनीं गूगल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जानिए उनकी कामयाबी का मंत्रहैदराबाद में पांच साल की बच्ची की हत्या और 20 लाख की फिरौती से सनसनी, पूर्व गार्ड गिरफ्तार
जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा छापा, बिना लाइसेंस चल रही दुकान सील और तेरह संस्थानों को नोटिसराजस्थान
12 अक्तू॰ 2026, 9:06 pm (40 मिनट पहले)· 1

जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा छापा, बिना लाइसेंस चल रही दुकान सील और तेरह संस्थानों को नोटिस

जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 'सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान' अभियान के तहत कई शिक्षण संस्थानों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। इस दौरान बारह सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए और तेरह जगहों को नोटिस थमाए गए।

जयपुर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नागरिकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण किए। राजधानी के विभिन्न इलाकों में सक्रिय रही विभागीय टीमों ने शिक्षण संस्थानों, हॉस्टल मेस और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का जायजा लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुल सोलह जगहों पर खाद्य सुरक्षा नियमों से जुड़ी कमियां पाई गईं और आवश्यक कदम उठाए गए। जांच प्रक्रिया के तहत अधिकारियों ने विभिन्न खाद्य सामग्रियों के बारह नमूने भी जुटाए हैं, जिन्हें अब मानक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा ताकि उनमें मिलावट या गुणवत्ता की स्थिति साफ हो सके।

शिक्षण संस्थानों और मेस में व्यवस्थाओं की पड़ताल

अभियान के मुख्य केंद्र में विद्यार्थियों और आम जनता का स्वास्थ्य रहा, जिसके चलते खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने शहर के विभिन्न कोनों में जाकर स्वच्छता, खाद्य सामग्री के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। खास तौर पर शैक्षणिक परिसरों और हॉस्टल की मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि छात्रों को परोसा जाने वाला खाना पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ माहौल में तैयार हो रहा हो या नहीं। एकत्र किए गए बारह नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। यदि इन नमूनों की जांच रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता मिलती है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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तेरह प्रतिष्ठानों को जारी किए गए नोटिस

निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कई जगहों पर खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन होते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद सख्त रुख अपनाते हुए तेरह प्रतिष्ठानों को औपचारिक नोटिस थमाए गए। विभाग की ओर से इन सभी संबंधित कारोबारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए तय नियमों के अनुसार अपनी व्यवस्थाओं में सुधार करने और स्वच्छता के मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग का यह पूरा अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका स्पष्ट उद्देश्य खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों को अनुशासन में लाना और राजधानी की जनता को किसी भी तरह के मिलावटी या अस्वच्छ खाद्य पदार्थों के सेवन से बचाना है ताकि जनस्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ न हो सके।

निलंबित लाइसेंस के बाद भी संचालित हो रही थी दुकान

इस छापेमारी अभियान के दौरान विभाग के अधिकारियों को एक ऐसा मामला भी मिला जिसने नियमों की धज्जियां उड़ती दिखाईं। जांच दल को एक ऐसा खाद्य प्रतिष्ठान खुला हुआ मिला जिसका लाइसेंस पहले ही प्रशासनिक रूप से निलंबित किया जा चुका था। इसके बावजूद वह दुकान धड़ल्ले से चलाई जा रही थी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही उस प्रतिष्ठान को बंद करवा दिया और नियमों के इस गंभीर उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से शहर के अन्य खाद्य कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया है और नियमों का पालन करने को लेकर संदेश साफ हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक राजधानी में नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलती रहे, इसके लिए आने वाले दिनों में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और अभियान लगातार जारी रखे जाएंगे।

सवाल-जवाब

जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने कौन सा अभियान चलाया है?
विभाग ने 'सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान' अभियान के तहत यह औचक निरीक्षण अभियान चलाया है।
जांच के दौरान कुल कितने स्थानों पर कार्रवाई की गई?
निरीक्षण टीमों ने कुल सोलह स्थानों पर खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई पूरी की।
अधिकारियों ने कुल कितने नमूने एकत्र किए हैं?
विभागीय अधिकारियों ने जांच के लिए खाद्य पदार्थों के कुल बारह नमूने एकत्र किए हैं।
कितने प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किए गए हैं?
नियमों में कमियां पाए जाने के बाद तेरह प्रतिष्ठानों को औपचारिक नोटिस जारी किए गए हैं।
कार्रवाई के दौरान किस बड़ी अनियमितता का खुलासा हुआ?
एक प्रतिष्ठान ऐसा पाया गया जिसका लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद वह अवैध रूप से खुला हुआ था।
निलंबित लाइसेंस वाली दुकान के साथ क्या किया गया?
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उस प्रतिष्ठान को तुरंत बंद करवा दिया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·14 मिनट पहले

लाइसेंस रद्द होने के बाद भी दुकान चलाना गजब की हिम्मत है, विभाग ने सही समय पर ताला लगाया।

Rohan Verma@rohan-verma·14 मिनट पहले

करण, बात तो सही है आपकी। पर ये समझ नहीं आया कि जब लाइसेंस पहले ही रद्द था, तो महीनों तक विभाग को इसकी भनक क्यों नहीं लगी?

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