जयपुर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और नागरिकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे ‘सही खान-पान, स्वस्थ राजस्थान’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण किए। राजधानी के विभिन्न इलाकों में सक्रिय रही विभागीय टीमों ने शिक्षण संस्थानों, हॉस्टल मेस और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का जायजा लिया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान कुल सोलह जगहों पर खाद्य सुरक्षा नियमों से जुड़ी कमियां पाई गईं और आवश्यक कदम उठाए गए। जांच प्रक्रिया के तहत अधिकारियों ने विभिन्न खाद्य सामग्रियों के बारह नमूने भी जुटाए हैं, जिन्हें अब मानक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा ताकि उनमें मिलावट या गुणवत्ता की स्थिति साफ हो सके।
शिक्षण संस्थानों और मेस में व्यवस्थाओं की पड़ताल
अभियान के मुख्य केंद्र में विद्यार्थियों और आम जनता का स्वास्थ्य रहा, जिसके चलते खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने शहर के विभिन्न कोनों में जाकर स्वच्छता, खाद्य सामग्री के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की बारीकी से जांच की। खास तौर पर शैक्षणिक परिसरों और हॉस्टल की मेस में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी गई। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि छात्रों को परोसा जाने वाला खाना पूरी तरह सुरक्षित और स्वच्छ माहौल में तैयार हो रहा हो या नहीं। एकत्र किए गए बारह नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं। यदि इन नमूनों की जांच रिपोर्ट में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता मिलती है, तो संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
तेरह प्रतिष्ठानों को जारी किए गए नोटिस
निरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कई जगहों पर खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का उल्लंघन होते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद सख्त रुख अपनाते हुए तेरह प्रतिष्ठानों को औपचारिक नोटिस थमाए गए। विभाग की ओर से इन सभी संबंधित कारोबारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए तय नियमों के अनुसार अपनी व्यवस्थाओं में सुधार करने और स्वच्छता के मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग का यह पूरा अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका स्पष्ट उद्देश्य खाद्य कारोबार से जुड़े लोगों को अनुशासन में लाना और राजधानी की जनता को किसी भी तरह के मिलावटी या अस्वच्छ खाद्य पदार्थों के सेवन से बचाना है ताकि जनस्वास्थ्य से कोई खिलवाड़ न हो सके।
निलंबित लाइसेंस के बाद भी संचालित हो रही थी दुकान
इस छापेमारी अभियान के दौरान विभाग के अधिकारियों को एक ऐसा मामला भी मिला जिसने नियमों की धज्जियां उड़ती दिखाईं। जांच दल को एक ऐसा खाद्य प्रतिष्ठान खुला हुआ मिला जिसका लाइसेंस पहले ही प्रशासनिक रूप से निलंबित किया जा चुका था। इसके बावजूद वह दुकान धड़ल्ले से चलाई जा रही थी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर ही उस प्रतिष्ठान को बंद करवा दिया और नियमों के इस गंभीर उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाया। विभाग की इस सख्त कार्रवाई से शहर के अन्य खाद्य कारोबारियों में भी हड़कंप मच गया है और नियमों का पालन करने को लेकर संदेश साफ हो गया है। अधिकारियों के मुताबिक राजधानी में नागरिकों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री मिलती रहे, इसके लिए आने वाले दिनों में भी इस तरह के औचक निरीक्षण और अभियान लगातार जारी रखे जाएंगे।




















