बिहार के सुपौल जिले में सावन के तीसरे सोमवार के मौके पर भगवान शिव को अर्पित करने के लिए जल भरने पहुंचे एक श्रद्धालु की दर्दनाक हादसे में जान चली गई। कांवरिया युवक को सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनवाने का शौक भारी पड़ गया, जिसके चलते वह उफनती कोसी नदी की तेज धाराओं में समा गया। यह पूरी हृदयविदारक घटना वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई है और इसका लाइव वीडियो इंटरनेट पर बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की तमाम चेतावनियों के बावजूद लोग सोशल मीडिया पर लाइक्स और व्यूज के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालने से बाज नहीं आ रहे हैं, जिसका एक और ताजा उदाहरण इस दुर्घटना के रूप में सामने आया है।
कोसी बराज के पिलर पर उतरा था युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुआ युवक मूल रूप से बिहार के अररिया जिले के अचरा गांव का रहने वाला था, जिसकी पहचान 28 साल के संजीत कुमार शर्मा के रूप में की गई है। संजीत अपने कुछ दोस्तों के साथ सावन के तीसरे सोमवार के पावन पर्व पर सुपौल के भीमनगर स्थित नेपाल क्षेत्र में बने कोसी बराज पर जल उठाने पहुंचा था। सोमवार की सुबह करीब ढाई बजे संजीत बराज के 12 नंबर गेट के पास पहुंचा था। जल भरने की प्रक्रिया के दौरान वह पुल के ऊपर से नीचे उतरकर उफनती लहरों के बीच बने एक पिलर के पास जा पहुंचा। वह वहां केवल जल भरने ही नहीं गया था, बल्कि उसका मुख्य उद्देश्य सोशल मीडिया के लिए एक आकर्षक वीडियो शूट करवाना भी था। वीडियो रिकॉर्ड होने के बाद जब वह वापस खंभे के सहारे ऊपर पुल की तरफ चढ़ रहा था, तभी उसका हाथ अचानक खंभे से फिसल गया और संतुलन बिगड़ते ही वह सीधे नीचे बह रही कोसी नदी के गहरे और खतरनाक पानी में जा गिरा।
वायरल वीडियो और रेस्क्यू ऑपरेशन
जैसे ही संजीत नदी में गिरा, बराज पर मौजूद लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई और भारी अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया। देखते ही देखते वहां सावन के मौके पर जल भरने आए अन्य कांवरियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्र हो गई। घटना की सूचना मिलते ही नेपाल पुलिस तुरंत हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर बराज पर उमड़ी भीड़ को तितर-बितर किया। इसके बाद प्रशासन द्वारा नदी में लापता हुए युवक की तलाश और बचाव अभियान शुरू किया गया। इस भयंकर दुर्घटना के बाद से मृतक संजीत के परिवार वालों और उसके दोस्तों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना का जो लाइव वीडियो सामने आया है, उसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक छोटी सी लापरवाही और वीडियो बनाने की जिद किसी की हंसती-खेलती जिंदगी को पलभर में छीन सकती है। इस वीडियो को लेकर लोगों के बीच तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
खतरनाक साबित हो रहा है नदियों का उफान
सावन महीने के प्रत्येक सोमवार को कोसी बराज पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र जल भरने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे मौसम में जब लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर होती हैं, उनका तेज बहाव और जलस्तर बहुत खतरनाक हो जाता है। बराज के गहरे हिस्सों या पिलर के पास उतरना किसी बड़े खतरे को खुला निमंत्रण देने जैसा है। बारिश के दिनों में जलधारा की गति इतनी तीव्र होती है कि जरा सा संतुलन बिगड़ने पर संभलने का मौका तक नहीं मिलता। इस तरह की दर्दनाक घटनाएं इस बात की गंभीर सीख देती हैं कि उत्सव या धार्मिक यात्रा के दौरान सोशल मीडिया के लिए रील और वीडियो बनाने के नाम पर अपनी सुरक्षा को ताक पर नहीं रखना चाहिए। पानी के तेज बहाव वाली जगहों पर हमेशा अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।



















