हनुमानगढ़ में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। टाऊन पुलिस ने जिला विशेष टीम से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर स्थानीय सिंधी मोहल्ले में स्थित एक गोदाम पर अचानक छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयां, गोलियां और कैप्सूल बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 17 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने मौके से तीन संदिग्ध आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है, जो इस अवैध नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस को गोदाम से कुल 4 लाख 12 हजार 300 प्रतिबंधित गोलियां और कैप्सूल हाथ लगे। इसके अतिरिक्त, नशे के रूप में इस्तेमाल की जाने वाली 32 अन्य गोलियां भी जप्त की गई हैं। इतनी भारी मात्रा में प्रतिबंधित फार्मास्युटिकल उत्पादों की बरामदगी से यह साफ हो गया है कि इलाके में एक बहुत बड़ा अवैध सिंडिकेट सक्रिय था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इन दवाइयों को केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और अन्य शहरों में भी सुनियोजित तरीके से सप्लाई किया जाता था।
सिंधी मोहल्ले के गोदाम से चल रहा था नेटवर्क
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने टाऊन के सिंधी मोहल्ले में स्थित इस गोदाम को अवैध दवाइयों के भंडारण और वितरण का मुख्य अड्डा बना रखा था। इस स्थान पर प्रतिबंधित उत्पादों का बड़ा स्टॉक जमा करके रखा जाता था और ग्राहकों की मांग के अनुसार उन्हें अलग-अलग जगहों पर भेजा जाता था। पुलिस अब इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवाइयों की यह खेप आखिर कहां से बनकर आई थी और इस तस्करी के नेटवर्क में कौन-कौन बड़े चेहरे शामिल हैं।
तीन आरोपी गिरफ्तार और आगे की जांच
इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मनप्रीत सिंह, विनोद कुमार और पप्पू सिंह को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इन तीनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचा जा सके और इसमें शामिल अन्य सहयोगियों के नाम भी सामने आ सकें। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पिछले कितने समय से इस गोदाम के जरिए विभिन्न इलाकों में प्रतिबंधित दवाइयों की आपूर्ति की जा रही थी। इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक बी आदित्य ने एक प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जिला विशेष टीम से इनपुट मिलने के बाद टाऊन पुलिस ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत इस छापेमारी को पूरा किया। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि मादक पदार्थों और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ यह अभियान भविष्य में भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा तथा इस मामले में आगे और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



















