कॉमेडियन वीर दास ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपने बहुचर्चित टू इंडियाज मोनोलॉग को लेकर खुलकर बात की और बताया कि सालों पुरानी इस एक परफॉर्मेंस ने उनकी निजी और प्रोफेशनल जिंदगी दोनों को किस कदर बदल दिया था। एमी अवॉर्ड जीत चुके वीर ने कहा कि इस विवाद के बाद उनका करियर लगभग पूरी तरह ठप पड़ गया था और उन्हें तथा उनकी पत्नी शिवानी माथुर को करीब दो साल तक बिना किसी तय आमदनी के गुजारा करना पड़ा, जो किसी भी कामकाजी जोड़े के लिए आसान दौर नहीं होता।
सैफ अली खान, अयान अली बंगश, प्रतीक साधु और सुयश केशरी के साथ पॉडकास्ट द रोटोरिस रूम में पहुंचे वीर दास ने अपनी जिंदगी के उस दौर को याद किया, जिसे वह आज भी अब तक के सबसे मुश्किल वक्त में गिनते हैं। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि उस परफॉर्मेंस को लेकर उन्हें आज भी कोई पछतावा नहीं है, भले ही उसकी कीमत उन्हें कई साल तक चुकानी पड़ी हो। नवंबर 2021 में वॉशिंगटन के जॉन एफ. केनेडी सेंटर में दी गई इस परफॉर्मेंस के बाद जो हंगामा मचा था, उसे याद करते हुए उन्होंने बताया कि उस वक्त इसका जबरदस्त और तत्काल विरोध हुआ था।
14 शिकायतों से निपटने में लगा वक्त, लेकिन गर्व बरकरार
वीर दास ने बताया कि केनेडी सेंटर वाला भाषण देते ही एक ऐसा विवाद खड़ा हुआ जो अगले 10 दिनों तक नंबर वन न्यूज बना रहा और साथ ही तेजी से वायरल भी होता चला गया। इसी दौरान उनके खिलाफ 14 पुलिस शिकायतें दर्ज करवाई गईं, जिनसे निपटने में उन्हें और उनकी टीम को काफी वक्त, पैसा और मेहनत खर्च करनी पड़ी। इतना कुछ झेलने के बावजूद वीर का कहना है कि वह उस परफॉर्मेंस को नाकामी नहीं मानते। उन्होंने कहा,
मैं उस परफॉर्मेंस को नाकामी नहीं मानता। मुझे उस पर बहुत गर्व है।उनका मानना है कि वह एक्ट बहुत सोच समझकर और मेहनत से तैयार किया गया था, इसलिए विवाद और नुकसान के बावजूद वह उसे लेकर पूरी तरह संतुष्ट हैं और आज भी उसी नजरिए पर कायम हैं।
मध्य प्रदेश में आज भी खुद को मानते हैं बैन
इस बातचीत में वीर दास ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया, वह आज भी मध्य प्रदेश जाने से बचते हैं। उनका कहना है कि टू इंडियाज वाला भाषण केनेडी सेंटर में दिया गया था, जिसके बाद उनके खिलाफ 14 FIR दर्ज हुईं और उन्होंने उन सभी का सामना भी किया। लेकिन उस दौरान मध्य प्रदेश के एक सांसद ने यह बयान दिया था कि वीर दास कभी मध्य प्रदेश नहीं आ सकते। वीर ने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि वह सांसद अब भी अपने पद पर हैं या नहीं, और वह इस बारे में पता लगाना भी नहीं चाहते। उन्होंने साफ कहा,
मैं मध्य प्रदेश नहीं जाना चाहता।यानी अनिश्चितता के डर से वीर पूरे राज्य से दूरी बनाए हुए हैं, भले ही उन्हें खुद इस बैन की मौजूदा स्थिति के बारे में पक्की जानकारी न हो। एक कलाकार के लिए किसी पूरे राज्य में परफॉर्म न कर पाना करियर के लिहाज से बड़ा नुकसान माना जाता है।
ढाई साल तक नहीं मिला काम, गोवा में गुजारा वक्त
वीर दास ने बताया कि विवाद के बाद उनकी प्रोफेशनल जिंदगी पूरी तरह हिल गई थी। इस दौरान वह और शिवानी माथुर गोवा शिफ्ट हो गए थे, जहां उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। वीर के मुताबिक उन्हें दोबारा स्टेज पर परफॉर्म करने में ही कई महीने लग गए, और नियमित रूप से काम वापस मिलने में तो इससे भी कहीं ज्यादा वक्त लगा। इस मुश्किल दौर को याद करते हुए उन्होंने कहा,
ढाई साल तक कोई भी मेरे पास भटकना तक नहीं चाहता था।उन्होंने आगे बताया कि इस दौरान उनके सारे ब्रांड डील खत्म हो गए, एक्टिंग के प्रोजेक्ट्स हाथ से निकल गए और डायरेक्शन से जुड़े काम भी पूरी तरह बंद हो गए। शिवानी के साथ गोवा में रहते हुए लगातार दो साल तक उनकी कोई कमाई नहीं हुई, यानी परिवार को बिना किसी स्थिर आमदनी के एक लंबा और मुश्किल दौर गुजारना पड़ा, जिसका असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी पर भी साफ दिखा।
कैसे शुरू हुआ था टू इंडियाज विवाद
यह पूरा विवाद नवंबर 2021 में उस वक्त शुरू हुआ, जब वीर दास ने वॉशिंगटन डी.सी. के जॉन एफ. केनेडी सेंटर में अपना टू इंडियाज मोनोलॉग पेश किया था। इस परफॉर्मेंस में उन्होंने भारत की दो अलग अलग तस्वीरें दिखाने की कोशिश की थी, एक तरफ देश की उपलब्धियां तो दूसरी तरफ महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक बंटवारे, प्रदूषण, किसानों के आंदोलन और अभिव्यक्ति की आजादी जैसे संवेदनशील मुद्दे। कई दर्शकों और आलोचकों ने इस एक्ट को तीखा लेकिन जरूरी राजनीतिक व्यंग्य बताते हुए इसकी जमकर तारीफ की। वहीं दूसरे तबके ने वीर पर आरोप लगाया कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच से भारत की छवि को नकारात्मक तरीके से पेश किया। यही मतभेद आगे चलकर इतना बढ़ गया कि वीर दास के खिलाफ अलग अलग जगहों पर कई पुलिस शिकायतें और FIR दर्ज करा दी गईं, जिसका असर उनके करियर और निजी जिंदगी दोनों पर लंबे समय तक दिखता रहा और आज भी दिखाई देता है।



















