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1957 में फिल्म नया दौर के गीत ने शुरू किया था रेशमी सलवार और जालीदार कुर्ते का ट्रेंड, साहिर लुधियानवी की कलम का दिखा था जादूबॉलीवुड
2 सित॰ 2026, 5:59 pm (55 दिन पहले)· 2

1957 में फिल्म नया दौर के गीत ने शुरू किया था रेशमी सलवार और जालीदार कुर्ते का ट्रेंड, साहिर लुधियानवी की कलम का दिखा था जादू

बी आर चोपड़ा के निर्देशन में 1957 में रिलीज़ हुई फिल्म 'नया दौर' के चर्चित गाने ने उस समय रेशमी सलवार और जालीदार कुर्ते को घर-घर में फैशन ट्रेंड बना दिया था। साहिर लुधियानवी के बोल, ओ.पी. नायर के संगीत और शमशाद बेगम व आशा भोसले की आवाज़ ने इस गीत को अमर बना दिया।

भारतीय फिल्म उद्योग में किसी भी फिल्म की सफलता के पीछे केवल पर्दे पर दिखने वाले सितारे ही नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाली पूरी टीम भी शामिल होती है। मेकअप आर्टिस्ट से लेकर कॉस्ट्यूम डिजाइनर तक, ये सभी विशेषज्ञ मिलकर सिनेमा के पर्दे पर ऐसा जादू बिखेरते हैं जो दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ जाता है। कई बार फिल्मों में कलाकारों के परिधान इतने लोकप्रिय हो जाते हैं कि वे देश भर में एक नया फैशन ट्रेंड बन जाते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प वाकया आज से 69 साल पहले देखने को मिला था, जब एक गाने के बोल और उसमें पहने गए कपड़ों ने रेशमी सलवार और जालीदार कुर्ते को पूरे भारत में मशहूर कर दिया था।

फिल्म 'नया दौर' और फैशन की दुनिया में तहलका

वर्ष 1957 में रिलीज हुई बी आर चोपड़ा के निर्देशन में बनी फिल्म 'नया दौर' हिंदी सिनेमा की सबसे बेहतरीन फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म में दिलीप कुमार, वैजयन्ती माला, अजीत और जॉनी वॉकर जैसे महान कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इस सामाजिक पृष्ठभूमि वाली फिल्म को अपने समय में दर्शकों और समीक्षकों से अपार प्रशंसा मिली थी। लेकिन इस फिल्म ने केवल बॉक्स ऑफिस पर ही सफलता का इतिहास नहीं रचा, बल्कि फैशन की दुनिया में भी एक नया अध्याय जोड़ दिया था।

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गाने के बोल से उभरा 'रेशमी सलवार और जालीदार कुर्ता'

फिल्म का एक बेहद चर्चित गाना था 'रेशमी सलवार कुर्ता जालीदार'। इस गाने में डांसर मीनू मुमताज और कुमकुम का शानदार नृत्य देखने को मिला था। गाने के बोल के मुताबिक ही दोनों नृत्यांगनाओं को रेशमी सलवार और जालीदार कुर्ता पहनाया गया था। यह गाना और इसका पहनावा इतना लोकप्रिय हुआ कि उस दौर की महिलाएं और युवतियां इस परिधान को अपनी पहली पसंद बनाने लगीं। पर्दे पर दिखा यह स्टाइल देखते ही देखते महिलाओं के बीच एक बड़ा फैशन ट्रेंड साबित हुआ।

साहिर लुधियानवी का लेखन और ओ.पी. नायर की संगीतमय रचना

इस अमर गीत को संगीत से सजाया था मशहूर संगीतकार ओमकार प्रसाद नायर ने, जबकि इसके बोल साहिर लुधियानवी ने लिखे थे। साहिर लुधियानवी ने अपनी कलम से ऐसे शब्द पिरोए थे कि रेशमी सलवार कमीज का जिक्र लोगों की जुबान पर चढ़ गया। शमशाद बेगम और आशा भोसले की सुरीली और बुलंद आवाज़ों में गाया गया यह गाना रिलीज होते ही हिट हो गया और आज भी संगीत प्रेमियों के बीच अपनी खास पहचान रखता है।

'नया दौर' के अन्य सदाबहार और लोकप्रिय गाने

फिल्म 'नया दौर' का हर एक गाना अपने आप में मास्टरपीस साबित हुआ। मोहम्मद रफी और आशा भोसले की आवाज़ में 'उड़ें जब जब जुल्फें तेरी' और 'मांग के साथ तुम्हारा' जैसे रोमांटिक गानों ने धूम मचाई। इसके अलावा मोहम्मद रफी और एस. बलबीर का देशभक्ति से भरपूर गाना 'यह देश है वीर जवानों का' तथा सामुदायिक भावना को उजागर करता मोहम्मद रफी और आशा भोसले का 'साथी हाथ बढ़ाना' भी बेहद लोकप्रिय रहा। फिल्म में मोहम्मद रफी द्वारा गाए गए 'दिल लेकर दगा देंगे' और 'मैं बम्बई का बाबू' जैसे गानों ने भी दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।

मानवीय श्रम और मशीनरी का संघर्ष तथा ऐतिहासिक कमाई

फिल्म 'नया दौर' केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक विषय पर आधारित थी। फिल्म में इंसानी मेहनत और बढ़ती मशीनीकरण के बीच के संघर्ष को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया था। इसमें दर्शाया गया था कि किस तरह आधुनिक मशीनों के आगमन से आम इंसान की आजीविका और जीवन प्रभावित होता है। 15 अगस्त के शुभ अवसर पर स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रिलीज हुई इस फिल्म ने सिनेमाघरों में रिकॉर्ड तोड़ कमाई की और भारतीय सिनेमा के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गई।

सवाल-जवाब

'नया दौर' फिल्म किस वर्ष रिलीज़ हुई थी?
फिल्म 'नया दौर' 15 अगस्त 1957 को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी और इसने बॉक्स ऑफिस पर कई रिकॉर्ड बनाए थे।
'रेशमी सलवार कुर्ता जालीदार' गाना किसने लिखा और संगीतबद्ध किया था?
इस लोकप्रिय गाने के बोल साहिर लुधियानवी ने लिखे थे और इसका संगीत ओमकार प्रसाद नायर (ओ.पी. नायर) ने तैयार किया था।
इस गाने को किन गायिकाओं ने अपनी आवाज़ दी थी?
इस गीत को शमशाद बेगम और आशा भोसले ने मिलकर गाया था।
गाने में किन अभिनेत्रियों ने नृत्य किया था?
पर्दे पर इस गाने पर मीनू मुमताज और कुमकुम ने रेशमी सलवार और जालीदार कुर्ता पहनकर शानदार डांस किया था।
फिल्म 'नया दौर' में मुख्य भूमिकाएं किन कलाकारों ने निभाई थीं?
बी आर चोपड़ा निर्देशित इस फिल्म में दिलीप कुमार, वैजयन्ती माला, अजीत और जॉनी वॉकर मुख्य भूमिकाओं में थे।
फिल्म 'नया दौर' का मुख्य विषय क्या था?
यह एक सामाजिक फिल्म थी जिसमें इंसानों के शारीरिक श्रम और मशीनीकरण के बीच के संघर्ष को दर्शाया गया था।
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