भारतीय मनोरंजन जगत में टेलीविजन से फिल्मों की दुनिया में कदम रखना और वहां सफलता के झंडे गाड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है। इस कठिन रास्ते को पार कर अपनी एक अलग पहचान बनाने वाली अभिनेत्रियों में प्राची देसाई का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। गुजरात के सूरत में 12 सितंबर 1988 को जन्मी प्राची ने अपनी प्रतिभा के दम पर घर-घर में अपनी पहचान बनाई है। उनके साधारण पारिवारिक बैकग्राउंड से लेकर हिंदी सिनेमा की बड़ी स्टार बनने तक का सफर बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और शुरुआती शिक्षा
प्राची देसाई का जन्म गुजरात के एक संभ्रांत परिवार में हुआ था। उनके पिता निरंजन देसाई पेशे से एक कॉलेज प्रोफेसर हैं, जबकि उनकी मां का नाम अमिता देसाई है। प्राची के परिवार में उनकी एक बहन भी हैं, जिनका नाम ईशा देसाई है। प्राची की शुरुआती शिक्षा महाराष्ट्र के खूबसूरत पहाड़ी इलाके पंचगनी में स्थित सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल से हुई थी। इसके बाद उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा के लिए पुणे का रुख किया और वहां के प्रसिद्ध सिंहगढ़ कॉलेज से ग्रेजुएशन की डिग्री पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनके मन में अभिनय के प्रति गहरा आकर्षण पैदा हो गया था, जिसे उन्होंने बाद में अपने करियर के रूप में चुना।
टेलीविजन की दुनिया में पहला बड़ा ब्रेक
अपनी पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद प्राची ने अभिनय के क्षेत्र में हाथ आजमाने का फैसला किया। साल 2006 में उनकी किस्मत ने तब बड़ा मोड़ लिया जब मशहूर प्रोड्यूसर एकता कपूर ने उन्हें अपने बेहद लोकप्रिय टीवी शो 'कसम से' में मुख्य भूमिका के लिए चुना। इस धारावाहिक में उन्होंने बानी दीक्षित वालिया का किरदार निभाया था, जिसमें उनके साथ मशहूर अभिनेता राम कपूर मुख्य भूमिका में थे। बानी के इस सीधे-सादे और संस्कारी किरदार को दर्शकों ने इस कदर पसंद किया कि प्राची बहुत जल्द देश के हर घर का जाना-पहचाना नाम बन गईं। इसके बाद साल 2007 में उन्होंने मशहूर डांस रियलिटी शो 'झलक दिखला जा' के दूसरे सीजन में एक प्रतियोगी के तौर पर हिस्सा लिया। अपनी शानदार डांसिंग स्किल्स के दम पर उन्होंने न केवल दर्शकों का दिल जीता बल्कि इस शो की विजेता बनकर भी उभरीं।
बॉलीवुड में धमाकेदार शुरुआत
छोटे पर्दे पर बड़ी सफलता और लोकप्रियता हासिल करने के बाद प्राची देसाई ने बड़े पर्दे यानी बॉलीवुड का रुख किया। साल 2008 में आई फिल्म 'रॉक ऑन' से उन्होंने अपने फिल्मी सफर का आगाज किया। इस फिल्म में वह फरहान अख्तर, अर्जुन रामपाल, पूरब कोहली और शहाना गोस्वामी जैसे बड़े कलाकारों के साथ मुख्य भूमिका में नजर आईं। अपनी डेब्यू फिल्म में ही उन्होंने अपनी परिपक्व एक्टिंग से समीक्षकों और दर्शकों को हैरान कर दिया। इस बेहतरीन परफॉर्मेंस के लिए उन्हें प्रतिष्ठित फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में बेस्ट फीमेल डेब्यू की कैटेगरी में नॉमिनेट किया गया। इस शुरुआत ने यह साबित कर दिया कि टीवी स्टार्स भी फिल्मों में बड़े किरदारों को बखूबी निभा सकते हैं।
करियर के बड़े मील के पत्थर और मुख्य फिल्में
अपनी पहली फिल्म की सफलता के बाद प्राची देसाई ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने बॉलीवुड में कई तरह की फिल्मों में काम किया और अपनी बहुमुखी प्रतिभा को साबित किया। साल 2010 में रिलीज हुई गैंगस्टर ड्रामा फिल्म 'वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई' उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक साबित हुई। मिलन लूथरिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने अजय देवगन, इमरान हाशमी और कंगना रनौत जैसे दिग्गज सितारों के साथ स्क्रीन शेयर की थी। फिल्म में मुमताज के उनके रोल को काफी सराहना मिली, जिसके लिए उन्हें बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस का IIFA पुरस्कार भी दिया गया। इसके अलावा उन्होंने रोहित शेट्टी की सुपरहिट कॉमेडी फिल्म 'बोल बच्चन' में काम किया, जो बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफल रही। उनके करियर की अन्य महत्वपूर्ण फिल्मों में 'लाइफ पार्टनर', 'तेरी मेरी कहानी', 'आई, मी और हम', 'अजहर' और सस्पेंस थ्रिलर 'फॉरेंसिक' जैसी फिल्में शामिल हैं।
निजी जीवन और वर्तमान स्थिति
प्राची देसाई के निजी जीवन की बात करें तो उन्होंने अब तक शादी नहीं की है और वह पूरी तरह से अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। इस साल वह अपना 38वां जन्मदिन मना रही हैं और अभिनय की दुनिया में लगातार सक्रिय हैं। एक कॉलेज प्रोफेसर की बेटी से लेकर फिल्म जगत की एक स्थापित अभिनेत्री बनने तक का उनका यह सफर आने वाले नए कलाकारों के लिए एक बेहतरीन मिसाल है।


















