बालों के झड़ने और रूखेपन से छुटकारा दिलाएगा गुड़हल, जानिए तेल और दही मास्क बनाने की आसान विधिअभिषेक बच्चन और करिश्मा कपूर का रिश्ता क्यों टूटा था, फिल्म निर्देशक सुनील दर्शन ने 2002 की सगाई से जुड़े कई राज खोलेनाबालिग के अपहरण और यौन उत्पीड़न मामले में नेपाल मूल के शख्स को 10 साल की सजा, कोर्ट ने खारिज किया प्रेम संबंध का दावाफेड के फैसले और मिडिल ईस्ट तनाव के बीच अमेरिकी बाजार धड़ाम, डाओ जोन्स 903 अंक टूटाशेफ पूनम भवनानी के तरीके से एक लीटर दूध में बनाएं दो डिब्बे गाढ़ा कंडेंस्ड मिल्कसिनेमाघर में फिल्म देखते समय साइबर ठगी का शिकार हुईं कीर्ति कुल्हारी, कार्ड से निकले 2.43 लाख रुपयेनवी मुंबई के लग्जरी होटल का लाइसेंस रद्द करने के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने एफडीए से मानकों पर पूछे सवालयूरोप में बढ़ते तापमान से बढ़ा डेंगू और चिकुनगुनिया जैसी खतरनाक बीमारियों का खतराधनबाद के कोयला सिंडिकेट पर ईडी का कड़ा प्रहार, 600 करोड़ की संपत्ति और 160 करोड़ के म्यूचुअल फंड फ्रीजकमरे की सजावट से पता चलती है असली पर्सनैलिटी, मिनिमेलिज्म या क्लटरकोर आप किसमें फिट होते हैं?
1971 में अमिताभ बच्चन का वो साहसी फैसला, जब करियर के शुरुआती दौर में बने विलेनबॉलीवुड
8 जुल॰ 2026, 9:10 pm (21 दिन पहले)· 3

1971 में अमिताभ बच्चन का वो साहसी फैसला, जब करियर के शुरुआती दौर में बने विलेन

अमिताभ बच्चन ने अपने करियर के शुरुआती चरण में एक बड़ा जोखिम उठाते हुए 'परवाना' फिल्म में नकारात्मक भूमिका निभाई थी। यह फिल्म उस दौर में महिला निर्देशक ज्योति स्वरूप द्वारा निर्देशित एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर थी।

फिल्म जगत में अमिताभ बच्चन का सफर कई उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन साल 1971 में उन्होंने एक ऐसा निर्णय लिया जो उनके करियर के लिए बेहद साहसिक कदम माना जाता है। उस समय जब सितारे अपनी छवि को लेकर काफी सतर्क रहते थे, अमिताभ बच्चन ने एक नकारात्मक किरदार निभाने का फैसला किया। यह फिल्म थी 'परवाना', जिसने दर्शकों को उनके अभिनय का एक बिल्कुल अलग और डरावना पहलू दिखाया था।

फिल्म 'परवाना' और इसकी पृष्ठभूमि

इस फिल्म का निर्देशन ज्योति स्वरूप ने किया था, जो साठ और सत्तर के दशक में फिल्म निर्देशन की कमान संभालने वाली चुनिंदा महिला निर्देशकों में से एक थीं। 'परवाना' एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म थी, जिसमें अमिताभ बच्चन के साथ नवीन निश्चल, योगिता बाली और ओम प्रकाश जैसे अनुभवी कलाकार नजर आए थे। इसके अतिरिक्त, फिल्म में शत्रुघ्न सिन्हा ने एक विशेष भूमिका निभाई थी।

ये भी पढ़ें

कुमार सेन के रूप में अमिताभ बच्चन का अभिनय

अमिताभ बच्चन ने इस फिल्म में कुमार सेन की भूमिका निभाई थी, जो एक सनकी प्रेमी का किरदार था। फिल्म के संगीत की बागडोर मदन मोहन ने संभाली थी, जबकि गीतों के बोल कैफी आजमी द्वारा लिखे गए थे। यह फिल्म साल 2007 में आई 'जॉनी गद्दार' जैसी फिल्मों की शैली से काफी मिलती-जुलती थी, जहां एक प्रेमी धीरे-धीरे हत्यारा बन जाता है।

कहानी का उतार-चढ़ाव

फिल्म की पटकथा कुमार सेन के इर्द-गिर्द घूमती है, जो योगिता बाली द्वारा निभाए गए किरदार 'आशा' से गहराई से प्यार करता है। हालांकि, आशा का दिल किसी और पर आ जाता है, जो एक अमीर चाय बागान मालिक राजेश्वर (नवीन निश्चल) होता है। अपनी प्रेमिका को दूसरे का होते देख कुमार सेन का मन ईर्ष्या से भर जाता है और वह अपनी सनक में आशा के चाचा की हत्या कर देता है। इतना ही नहीं, वह इस अपराध का आरोप चतुराई से राजेश्वर पर मढ़ देता है।

फिल्म का दुखद अंत

फिल्म के अंत में कुमार सेन का चरित्र एक दर्दनाक मोड़ पर पहुंचता है। जब उसे अपने किए पर पछतावा होता है और वह अपनी गलती का एहसास करता है, तो वह सच्चाई को स्वीकार कर लेता है और अंत में आत्महत्या कर लेता है। व्यावसायिक रूप से देखें तो 'परवाना' फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई बड़ा कमाल नहीं दिखा पाई थी और यह फ्लॉप रही थी, लेकिन अमिताभ बच्चन के उस समय के रिस्क ने उन्हें एक वर्सेटाइल अभिनेता के रूप में स्थापित करने की नींव रखी थी।

सवाल-जवाब

फिल्म 'परवाना' के निर्देशक कौन थे?
इस फिल्म का निर्देशन ज्योति स्वरूप ने किया था, जो उस दौर की सक्रिय महिला निर्देशकों में से एक थीं।
फिल्म 'परवाना' में अमिताभ बच्चन ने कौन सा किरदार निभाया था?
अमिताभ बच्चन ने फिल्म में कुमार सेन नाम का किरदार निभाया था, जो अंततः एक हत्यारे की भूमिका में बदल जाता है।
फिल्म की कहानी मुख्य रूप से किस बारे में है?
यह एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर है जिसमें एक प्रेमी अपनी प्रेमिका के प्रति ईर्ष्या के कारण उसके चाचा की हत्या कर देता है और सारा दोष दूसरे व्यक्ति पर मढ़ देता है।
क्या 'परवाना' फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी?
नहीं, 'परवाना' फिल्म व्यावसायिक रूप से बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR