हिंदी सिनेमा में किसी कलाकार की शुरुआत अगर एक यादगार फिल्म से हो, तो उसकी छाप दर्शकों के मन पर दशकों तक कायम रहती है। अभिनेत्री विद्या बालन ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत फिल्म परिणीता से की थी। इस फिल्म में उनके साथ सैफ अली खान और संजय दत्त मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। फिल्म में विद्या बालन के सहज और जानदार अभिनय की व्यापक सराहना हुई थी, लेकिन केवल अभिनय ही नहीं, बल्कि इस फिल्म के संगीत ने भी भारतीय सिनेमा में अपनी एक खास जगह बनाई।
सदाबहार सुरीला नगमा
फिल्म परिणीता का पूरा एल्बम ही संगीत प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय रहा था और इसके सभी गीत बेहतरीन थे। हालांकि, इनमें से एक विशेष गाने ने लोगों के दिलों में एक बेहद अलग स्थान बनाया। इस फिल्म का गीत सूना सूना मन का आंगन एक ऐसा नगमा है जो सुनते ही मन को असीम शांति और सुकून से भर देता है।
सोनू निगम और श्रेया घोषाल की जुगलबंदी
इस गीत की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरीली और भावनात्मक आवाजें हैं। गायक सोनू निगम और गायिका श्रेया घोषाल की जादुई जुगलबंदी ने इस रचना को अमर बना दिया। दोनों गायकों की आवाज का संयोजन और गीत के भाव इतने सटीक हैं कि यह गाना आज भी उतना ही प्रासंगिक और सुरीला लगता है जितना यह अपनी रिलीज के समय था। यही वजह है कि संगीत प्रेमी आज भी सुकून के पलों में इस गाने को सुनना पसंद करते हैं।



















