आज का वित्त राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए धन और निवेश से जुड़े जरूरी संकेतमारुति सुजुकी के चेयरमैन आर सी भार्गव का बड़ा बयान, कहा- भारत कभी नहीं छोड़ेगा छोटी कारों का साथसिंह राशिफल 28 अक्टूबर: उच्च के गुरु और अष्टम शनि के बीच खर्च पर नियंत्रण और काम में स्पष्टता रखेंनथिंग के ओवर-ईयर हेडफ़ोन पर अमेज़न पर भारी छूट, अब 55 डॉलर में उपलब्धत्योहारी सीजन में ऐपल के आईफोन की मांग में भारी गिरावट, क्या भारत में कम हो रहा है क्रेजकन्या राशि राशिफल 28 अक्टूबर: इन बातों का रखें विशेष ध्यान, जानें करियर और आर्थिक स्थितिअमेरिका समंदर की गहराइयों में क्यों उतार रहा है पुराने जहाज और गैस टैंकबेयरडायनामिक एमएमएक्स 330 प्रो रिव्यू (2026): गेमर्स के लिए ओपन-बैक वायर्ड हेडफोन्स की पूरी परखकॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप: भारत ने तंजानिया को 48-20 से रौंदकर सेमीफाइनल में पक्का किया स्थानपाठक नहीं अब बॉट्स के लिए खबरें लिख रहे प्रकाशक, एक्सियोस और एवरी ने बदला डिजिटल मीडिया का फॉर्मेट
25 साल बाद भी 'गदर' का जलवा बरकरार: अमीषा पटेल बोलीं- फुटफॉल्स में 'धुरंधर' से कहीं आगे है हमारी फ्रेंचाइजीबॉलीवुड
13 जून 2026, 3:50 pm (137 दिन पहले)· 3

25 साल बाद भी 'गदर' का जलवा बरकरार: अमीषा पटेल बोलीं- फुटफॉल्स में 'धुरंधर' से कहीं आगे है हमारी फ्रेंचाइजी

'गदर: एक प्रेम कथा' की रिलीज को 25 साल पूरे होने पर अमीषा पटेल ने दावा किया कि गदर 1 और गदर 2 को सिनेमाघरों में देखने वाले दर्शकों की संख्या रणवीर सिंह की 'धुरंधर' फ्रेंचाइजी से भी ज्यादा रही है।

बॉलीवुड की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाने वाली ‘गदर: एक प्रेम कथा’ अब एक चौथाई सदी पुरानी हो चुकी है। 15 जून 2001 को परदे पर आई यह फिल्म भारतीय सिनेमा के लिए एक मोड़ साबित हुई थी, और इसकी रिलीज के 25 साल पूरे होने के मौके पर मुख्य अभिनेत्री अमीषा पटेल ने इससे जुड़ी ढेर सारी यादें ताजा कीं। एक इंटरव्यू में उन्होंने इस फ्रेंचाइजी की उस कामयाबी का जिक्र किया, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है।

बॉक्स ऑफिस नहीं, दर्शकों की गिनती पर जोर

अमीषा ने कमाई के आंकड़ों को किनारे रखते हुए ‘फुटफॉल्स’ यानी असल में थिएटर तक पहुंचकर टिकट खरीदने वाले दर्शकों की तादाद को असली पैमाना बताया। उनका कहना था कि ‘गदर 1’ और ‘गदर 2’ को मिलाकर जितने लोग सिनेमाघरों के भीतर पहुंचे, वह संख्या रणवीर सिंह की कामयाब फ्रेंचाइजी ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के दर्शकों से भी कहीं ऊपर है।

ये भी पढ़ें

उन्होंने कहा, ‘हम आज 25 साल बाद भी इस मुकाम पर हैं और यह फिल्म आज भी उतनी ही आइकॉनिक है। इसके दूसरे पार्ट ने भी बॉक्स ऑफिस पर सुनामी ला दी थी। अगर आप केवल फुटफॉल्स यानी दर्शकों की संख्या को देखें। गदर 1 और 2 को देखने सिनेमाघरों के अंदर जाने वाले लोग सबसे ज्यादा हैं। यह सोचना ही दिल को छू लेता है कि मैं सिनेमा के इस महान इतिहास का एक हिस्सा हूं।’

सरहद पार से मिला सबसे चौंकाने वाला प्यार

बातचीत में अमीषा ने एक ऐसा पहलू भी साझा किया जिसकी उम्मीद उन्हें खुद नहीं थी। फिल्म रिलीज होने के बाद सबसे हैरान कर देने वाली प्रतिक्रिया उन्हें पाकिस्तान से मिली। गदर में मुस्लिम लड़की ‘सकीना’ का किरदार निभाने वाली अमीषा को वहां के दर्शकों ने सिर-आंखों पर बिठाया। उनके मुताबिक इसी फिल्म के दम पर पाकिस्तान में उनके सबसे ज्यादा फैंस बने।

उन्होंने बताया कि वहां की बुजुर्ग महिलाएं किसी न किसी तरह उनके सेक्रेटरी का नंबर तलाश कर फोन तक कर लेती थीं। फोन पर वे कहतीं, ‘क्या अमीषा जी, आपने और सकीना ने पूरे पाकिस्तान को रुला दिया।’ अमीषा के अनुसार कई माता-पिता ने उन्हें फोन कर बताया कि फिल्म देखने के बाद उन्होंने अपनी बेटियों का नाम ‘सकीना’ रख दिया।

हाउसफुल थिएटर, पर जश्न का वक्त नहीं

अभिनेत्री ने यह भी माना कि 2001 में जब फिल्म आई, तो पहले ही दिन से देशभर के सिंगल-स्क्रीन थिएटर 100 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी पर चल रहे थे और दर्शकों ने इसे हाथों-हाथ लिया। बावजूद इसके, उस ऐतिहासिक कामयाबी को ठहरकर महसूस करने या उसका जश्न मनाने की उन्हें फुर्सत ही नहीं मिली। उन्होंने वजह बताते हुए कहा कि 2000 के दशक की शुरुआत में बॉलीवुड की रफ्तार बेहद तेज थी—उस दौर में कलाकार एक ही साल में पांच-पांच फिल्मों की शूटिंग साथ-साथ कर रहे होते थे, इसलिए किसी फिल्म की सफलता का सुकून लोगों को मिल ही नहीं पाता था।

गदर की कहानी: बंटवारे की पृष्ठभूमि

2001 में आई ‘गदर: एक प्रेम कथा’ की कहानी 1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन की पृष्ठभूमि पर बुनी गई थी। इसमें सिख ट्रक ड्राइवर तारा सिंह (सनी देओल) दंगों के बीच एक मुस्लिम राजनीतिक नेता की बेटी सकीना (अमीषा पटेल) की जान बचाता है और उससे शादी कर लेता है। बाद में जब सकीना को जबरन पाकिस्तान में रोक लिया जाता है, तो तारा सिंह अपने छोटे बेटे को लेकर पाकिस्तान पहुंचता है और अकेले ही पूरे देश की व्यवस्था से भिड़ जाता है।

गदर 2: 1971 की जंग के बीच

इसके बाद 2023 में फ्रेंचाइजी का सीक्वल ‘गदर 2’ परदे पर आया, जिसकी कहानी 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौर पर आधारित है। जब तारा सिंह सीमा पर लापता हो जाता है, तो उसका अब बड़ा हो चुका बेटा चरणजीत (उत्कर्ष शर्मा) उसकी तलाश में पाकिस्तान जाता है और वहीं पकड़ा जाता है। अपने बेटे को छुड़ाने के लिए तारा सिंह एक बार फिर सरहद पार करता है और अपने दुश्मनों पर कहर बनकर टूट पड़ता है।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp