29 अगस्त 2008 का दिन भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक विशेष मील का पत्थर साबित हुआ। इसी तारीख को सिनेमाघरों में रिलीज हुई फिल्म 'रॉक ऑन' ने अपनी अलग कहानी और बेहतरीन संगीत से दर्शकों का दिल जीत लिया। 90 के दशक में 'आशिक मस्ताने' और 'उफ! ये मोहब्बत' जैसी फिल्मों में अभिनय करने वाले अभिषेक कपूर की बतौर अभिनेता शुरुआत सफल नहीं रही थी। अपनी अभिनय यात्रा में असफलता मिलने के बाद उन्होंने अभिनय का रास्ता छोड़कर निर्देशन के क्षेत्र में कदम रखने का बड़ा निर्णय लिया।
आईपॉड के गानों से मिली नई फिल्म की प्रेरणा
अभिषेक कपूर को इस म्यूजिकल ड्रामा का विचार एक साधारण पल में आया था। वह अपने आईपॉड पर 'डेव मैथ्यूस और यू2' जैसे अंतरराष्ट्रीय म्यूजिक बैंड्स के गाने सुन रहे थे। उसी दौरान उनके दिमाग में एक भारतीय रॉक बैंड पर आधारित फिल्म बनाने का विचार आया। उन्होंने इस कहानी को पर्दे पर उतारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया और प्रसिद्ध निर्देशक फरहान अख्तर को मुख्य अभिनेता का किरदार निभाने की पेशकश की। फरहान अख्तर इससे पहले 'दिल चाहता है', 'लक्ष्य' और 'डॉन 2' जैसी बड़ी फिल्मों का सफल निर्देशन कर चुके थे। फरहान अख्तर ने इस फिल्म में मुख्य अभिनेता के रूप में डेब्यू स्वीकार किया और साथ ही रितेश सिधवानी के साथ मिलकर फिल्म के सह-निर्माता की जिम्मेदारी भी संभाली।
19 करोड़ का बजट और राष्ट्रीय पुरस्कार की सफलता
फिल्म निर्माण के आंकड़े भी काफी दिलचस्प रहे। इस म्यूजिकल ड्रामा को तैयार करने में निर्माताओं ने 19 करोड़ रुपये की लागत लगाई थी। जब फिल्म सिनेमाघरों में उतरी तो इसने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस से 36 करोड़ रुपये से अधिक का कुल कारोबार किया। इस कमाई के साथ फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अपनी लागत वसूलते हुए संतोषजनक प्रदर्शन दर्ज किया। सफलता केवल कमाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि फिल्म को हिंदी भाषा की सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्रदान किया गया। फिल्म में अर्जुन रामपाल को एक गंभीर भूमिका सौंपी गई थी। उन्होंने अपने अभिनय से समीक्षकों और दर्शकों को प्रभावित किया, जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला।
शंकर-एहसान-लॉय का 5 दिनों का संगीत जादू और लाइव कॉन्सर्ट
'रॉक ऑन' का संगीत इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा। मशहूर संगीतकार जोड़ी शंकर-एहसान-लॉय ने महज 5 दिनों के भीतर फिल्म के सभी गानों की धुनें तैयार कर दी थीं। फिल्म के प्रचार और गानों को लोगों तक पहुंचाने के लिए पूरी टीम ने देश भर में एक अनोखा अभियान चलाया। पुणे, मुंबई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और कोलकाता जैसे प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर लाइव कॉन्सर्ट आयोजित किए गए। इन कॉन्सर्ट्स में फरहान अख्तर ने शंकर-एहसान-लॉय के साथ मंच साझा करते हुए गानों की लाइव प्रस्तुति दी, जिसमें फिल्म के अन्य कलाकार भी पूरे उत्साह के साथ शामिल हुए।
ग्लोबल रॉक बैंड 'ईगल्स' से जुड़े खास संदर्भ और ट्रिब्यूट
फिल्म की पटकथा में मशहूर अमेरिकी बैंड 'ईगल्स' की वास्तविक कहानी से प्रेरित कई सूक्ष्म तत्व शामिल किए गए थे। फिल्म में 'मैजिक' बैंड के लीड सिंगर आदित्य का जन्मदिन 22 जुलाई दर्शाया गया था, जो वास्तव में 'ईगल्स' बैंड के मुख्य गायक डॉन हेनली के असली जन्मदिन की ओर एक सीधा इशारा था। इसके अलावा फिल्म में 'मैजिक' बैंड के मुख्य गिटारवादक जोसेफ मैस्करेनहास, जिन्हें सब 'जो' कहकर बुलाते हैं, का नाम 'ईगल्स' के मशहूर गिटारवादक जो वॉल्श के नाम पर रखा गया था।
संवादों का कनेक्शन और ऑस्कर लाइब्रेरी में सम्मान
एक अन्य दृश्य में जब 'मैजिक' बैंड के सदस्य बरसों बाद दोबारा इकट्ठा होते हैं और अपने पुराने प्रतिद्वंद्वी 'चक्रव्यूह' बैंड के सदस्य अजय से मिलते हैं, तो अजय उनसे कहता है कि उसने सुना था कि उनका बैंड टूट चुका है। इस पर केडी का जवाब होता है कि तुम गलत समझ रहे थे, हम अलग नहीं हुए थे बल्कि केवल एक ब्रेक पर थे और अब वापस लौट आए हैं। यह संवाद 'ईगल्स' के गायक ग्लेन फ्रे द्वारा उनके 'हेल फ्रीजेज ओवर' एल्बम के दौरान कहे गए उस बयान से प्रेरित था, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे कभी अलग नहीं हुए थे बल्कि उन्होंने केवल 14 साल का ब्रेक लिया था। इस फिल्म की उत्कृष्टता का प्रमाण तब मिला जब 'अकादमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज' की लाइब्रेरी ने 'रॉक ऑन' की पटकथा को स्थायी रूप से अपनी ऑस्कर लाइब्रेरी में संरक्षित करने के लिए चुना।



















