भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जो बॉक्स ऑफिस के स्थापित समीकरणों को पूरी तरह बदल देती हैं। 31 जुलाई एक ऐसी ही ऐतिहासिक तारीख है, जिस दिन दो अलग-अलग वर्षों में रिलीज हुई मध्यम और कम बजट की फिल्मों ने यह साबित कर दिया कि दर्शकों को थियेटर तक खींचने के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट की नहीं, बल्कि एक कसी हुई कहानी और बेहतरीन अभिनय की जरूरत होती है। साल 2009 में इसी दिन रिलीज हुई लव आज कल और ठीक छह साल बाद 2015 में आई दृश्यम, दोनों ही फिल्मों ने कम लागत में शानदार कमाई करके बॉलीवुड फिल्ममेकर्स के सामने सफलता का एक नया पैमाना स्थापित किया था।
2009 में लव आज कल से बदला मॉडर्न लव स्टोरी का अंदाज
निर्देशक इम्तियाज अली के मार्गदर्शन में बनी लव आज कल 31 जुलाई 2009 को सिनेमाघरों में उतरी थी। सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की मुख्य भूमिकाओं वाली इस फिल्म ने 1965 के दौर के निश्छल प्रेम और 2009 के आधुनिक दौर के उलझे हुए रिश्तों के अंतर को बड़े ही प्रभावी ढंग से दर्शकों के सामने पेश किया। फिल्म में ब्रेकअप पार्टी की नई अवधारणा, समकालीन रिश्तों की प्रैक्टिकल चुनौतियां और संगीतकार प्रीतम का कर्णप्रिय संगीत सीधे दर्शकों के दिलों में उतर गया। ट्विस्ट, चोर बाजारी और आहुं आहुं जैसे गाने आज भी लोगों की संगीत सूची में शीर्ष पर बने हुए हैं।
लगभग 35 से 38 करोड़ रुपये की सीमित लागत में निर्मित इस फिल्म ने वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर 120 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करके उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में अपनी जगह बनाई। इस फिल्म में सैफ अली खान द्वारा निभाया गया जय वर्धन सिंह का किरदार और पुराने दौर के सरदारजी का डबल रोल उनके अभिनय करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन माना जाता है। इस लव स्टोरी ने युवा पीढ़ी के साथ-साथ पुरानी पीढ़ी को भी सिनेमाघरों तक आकर्षित किया।
2015 में दृश्यम ने सस्पेंस थ्रिलर शैली में रचा नया इतिहास
लव आज कल के ठीक छह साल बाद, 31 जुलाई 2015 को निर्देशक निशिकांत कामत की सस्पेंस थ्रिलर दृश्यम बड़े पर्दे पर आई। अजय देवगन, तब्बू और श्रेया सरन के दमदार अभिनय से सजी यह फिल्म इसी नाम की एक लोकप्रिय मलयालम फिल्म का आधिकारिक रीमेक थी। फिल्म की कहानी 2 और 3 अक्टूबर के दिन घटी घटनाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसमें मुख्य किरदार विजय सलगांवकर अपने परिवार की रक्षा के लिए एक अभेद्य जाल बुनता है।
मात्र 38 करोड़ रुपये के आसपास के बजट में तैयार की गई इस फिल्म ने अपनी शानदार पटकथा और चौंकाने वाले क्लाइमेक्स के बल पर भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर में 110 करोड़ रुपये से ज्यादा का शानदार कलेक्शन दर्ज किया। फिल्म के भीतर आम आदमी विजय सलगांवकर बने अजय देवगन और पुलिस इंस्पेक्टर जनरल मीरा देशमुख बनी तब्बू के बीच की दिमागी लड़ाई को हिंदी सिनेमा के सबसे बेहतरीन फेस-ऑफ में से एक माना जाता है। इस फिल्म की अपार सफलता का ही नतीजा था कि आगे चलकर इसका सीक्वल भी बॉक्स ऑफिस पर ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुआ।
आज के भारी-भरकम बजट वाली फिल्मों के लिए बड़ा सबक
लव आज कल और दृश्यम दोनों ही फिल्में 40 करोड़ रुपये से भी कम के बजट में तैयार हुई थीं, लेकिन दोनों ने ही अपने निवेशकों को असाधारण रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) दिया। आज के दौर में जब 200 से 300 करोड़ रुपये की विशाल लागत से बनने वाली भव्य फिल्में भी बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिर रही हैं, तब 31 जुलाई को रिलीज हुई ये दोनों फिल्में आज के निर्देशकों और निर्माताओं के लिए एक बेहतरीन केस स्टडी का काम करती हैं। यह इस बात का ठोस प्रमाण है कि सिनेमा में दर्शक केवल बड़े बजट या वीएफएक्स के मुरीद नहीं होते, बल्कि यदि कहानी में दम हो तो वे हर जॉनर की फिल्म को सिर आंखों पर बैठाते हैं।



















