बॉलीवुड के लोकप्रिय अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को कोलकाता के एक अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। बांह में लगी पुरानी मेटल प्लेट को हटाने के लिए किया गया उनका माइनर ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया। सर्जरी के बाद उनकी हालत में तेजी से सुधार देखा गया है और अब वह अपने घर पर परिजनों के साथ विश्राम कर रहे हैं।
अस्पताल में भर्ती होने और सफल सर्जरी की पूरी जानकारी
दिग्गज अभिनेता को बीते गुरुवार को कोलकाता स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके हाथ की बांह में पहले से लगी एक मेटल प्लेट को सुरक्षित रूप से बाहर निकालना आवश्यक था। इसके लिए चिकित्सकों की एक विशेषज्ञ टीम गठित की गई थी। इस मेडिकल टीम ने पूरी सतर्कता और सावधानी बरतते हुए इस प्रक्रिया को अंजाम दिया और प्लेट को सफलतापूर्वक निकाल दिया।
ऑपरेशन संपन्न होने के पश्चात डॉक्टरों की देखरेख में उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया था। मेडिकल टीम के अनुसार, सर्जरी के बाद उनकी सेहत में उम्मीद के मुताबिक तेजी से सुधार हुआ। शनिवार यानी 8 अगस्त को जब उनकी सभी स्वास्थ्य रिपोर्ट सामान्य पाई गईं और स्थिति पूरी तरह स्थिर हो गई, तब डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज करने का फैसला किया।
प्रशंसकों ने व्यक्त की खुशी और राहत की सांस ली
जैसे ही अस्पताल में भर्ती होने और बाद में सफल सर्जरी के बाद डिस्चार्ज होने की खबर सामने आई, मिथुन चक्रवर्ती के प्रशंसकों के बीच राहत की लहर दौड़ गई। सोशल मीडिया पर उनके चाहने वाले लगातार संदेश पोस्ट कर रहे हैं और उनके जल्द से जल्द पूर्ण स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। लंबे समय से उनकी सेहत को लेकर चिंतित फैंस अब राहत महसूस कर रहे हैं और इंटरनेट पर अपने प्रिय सितारे के प्रति प्यार और शुभकामनाएं भेज रहे हैं।
भारतीय सिनेमा में मिथुन चक्रवर्ती का शानदार सफर
मिथुन चक्रवर्ती का फिल्मी करियर बेहद प्रेरणादायक और उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने वर्ष 1976 में प्रसिद्ध निर्देशक मृणाल सेन की बंगाली फिल्म 'मृगया' से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। अपनी पहली ही फिल्म में बेहतरीन अभिनय का परिचय देते हुए उन्होंने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार हासिल कर पूरे देश को चौंका दिया था।
इसके पश्चात उन्होंने 1978 में बंगाली फिल्म 'नदी थेके सागरे' में अभिनय किया। हिंदी सिनेमा में उन्होंने 'सुरक्षा' और 'हम पांच' जैसी सफल फिल्मों के माध्यम से अपनी पहचान को और अधिक मजबूत बनाया। वर्ष 1982 में प्रदर्शित हुई फिल्म 'डिस्को डांसर' उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई। इस फिल्म ने उन्हें भारत ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक महान सुपरस्टार के रूप में स्थापित कर दिया।



















