हिंदी सिनेमा में दशकों तक अपनी कॉमिक और संजीदा अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने वाले अभिनेता मुश्ताक खान का कैंसर से जूझने के बाद गुरुवार को निधन हो गया। ‘वेलकम’, ‘गदर’, ‘स्त्री 2’ और ‘आशिकी’ जैसी लोकप्रिय फिल्मों में यादगार किरदार निभाने वाले इस दिग्गज कलाकार के जाने से पूरी फिल्म इंडस्ट्री गमगीन है। उनके देहांत के बाद साथी कलाकार और प्रशंसक जहां उनकी कलाकारी को नमन कर रहे हैं, वहीं नवंबर 2024 की वह रूह कंपा देने वाली वारदात भी एक बार फिर लोगों के जेहन में ताजा हो गई है। यह वही खौफनाक घटना थी जब एक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि बनने के चक्कर में मुश्ताक खान अपहरणकर्ताओं के जाल में फंस गए थे और उन्हें बारह घंटे तक मौत के साए में गुजारने पड़े थे।
मेरठ के सम्मान समारोह का झांसा देकर रचा गया था षड्यंत्र
फिल्म इंडस्ट्री के चरित्र और वरिष्ठ कलाकारों को अक्सर देश के अलग-अलग शहरों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, स्टोर इनॉगरेशन या अवॉर्ड नाइट्स में आमंत्रित किया जाता है। मुश्ताक खान के साथ भी ठगों ने ठीक ऐसा ही एक खाका तैयार किया। राहुल सैनी नाम के एक अनजान शख्स ने उनसे फोन पर संपर्क साधा और पुरानी जान-पहचान का हवाला दिया। उसने बताया कि मेरठ में विभिन्न विधाओं के दिग्गजों और खासतौर पर फिल्म जगत के वरिष्ठ कलाकारों के सम्मान में एक भव्य समारोह आयोजित किया जा रहा है। मुश्ताक खान को इस जलसे में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने का न्योता दिया गया। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद 75 हजार रुपये की फीस तय की गई थी।
बदमाशों ने किसी भी तरह के शक की गुंजाइश न छोड़ने के लिए बेहद शातिराना चाल चली। उन्होंने मुश्ताक खान के बैंक खाते में 25 हजार रुपये की अग्रिम राशि यानी एडवांस तुरंत ट्रांसफर कर दी। इसके साथ ही मुंबई से दिल्ली जाने और अगले ही दिन वापस लौटने की कन्फर्म हवाई टिकट भी उनके पास भेज दी गई। जब बैंक में एडवांस रकम आ गई और फ्लाइट टिकट भी हाथ में थी, तो अभिनेता को किसी भी किस्म के खतरे या साजिश का तनिक भी अंदेशा नहीं हुआ।
दिल्ली हवाई अड्डे से निकलते ही अगवा कर लिया गया
नवंबर 2024 में मुश्ताक खान तय समय पर मुंबई से उड़ान भरकर दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरे। एयरपोर्ट के बाहर उन्हें रिसीव करने के लिए एक गाड़ी पहले से मौजूद थी। प्रारंभिक सफर बेहद सहज रहा और सब कुछ तय योजना के मुताबिक लग रहा था, लेकिन कुछ ही देर में ड्राइवर ने अचानक तय रूट बदल दिया। गाड़ी को निर्धारित आयोजन स्थल पर ले जाने के बजाय तेजी से मेरठ की तरफ मोड़ दिया गया।
रास्ते में ही हथियारबंद बदमाशों ने अचानक धावा बोलकर मुश्ताक खान को पूरी तरह अपने काबू में ले लिया। अपराधियों ने सबसे पहले उनका चेहरा एक कपड़े से ढक दिया ताकि वह रास्ते या आसपास की किसी जगह की पहचान न कर सकें। इसके बाद उन्हें एक अनजान कमरे में ले जाकर बंद कर दिया गया, जहां पहले से कई हथियारबंद लोग मौजूद थे। उस कमरे में पहुंचते ही अभिनेता को इस बात का स्पष्ट अहसास हो गया कि वे एक बहुत बड़े षड्यंत्र और संगठित गिरोह के चंगुल में फंस चुके हैं।
गदर 2 की कमाई का हवाला देकर मांगी एक करोड़ की भारी फिरौती
कमरे में बंधक बनाते ही किडनैपर्स ने मुश्ताक खान के सामने सीधे एक करोड़ रुपये की भारी-भरकम फिरौती की मांग रख दी। मुश्ताक खान ने जब हाथ जोड़कर अपनी लाचारी जताई और कहा कि वह महज एक चरित्र अभिनेता हैं और उनके पास इतनी बड़ी रकम नहीं है, तो बदमाश भड़क उठे। किडनैपर्स का तर्क था कि जिस शख्स ने स्क्रीन पर अमिताभ बच्चन, सलमान खान, शाहरुख खान और अजय देवगन जैसे देश के सबसे बड़े सुपरस्टार्स के साथ काम किया हो, वह भला गरीब कैसे हो सकता है।
अपहरणकर्ताओं ने इस दौरान ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘गदर 2’ की रिकॉर्डतोड़ कमाई का भी हवाला दिया। बदमाशों ने दावा किया कि जब फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सैकड़ों करोड़ रुपये छापे हैं, तो उसमें अहम किरदार निभाने वाले कलाकार को भी निश्चित तौर पर करोड़ों रुपये मिले होंगे। मुश्ताक खान ने बहुत संयम के साथ उन्हें समझाने का भरसक प्रयास किया कि किसी फिल्म का कुल कारोबार अलग होता है और काम करने वाले अभिनेताओं को सिर्फ एक तय फीस मिलती है, जिसका मुनाफे से कोई वास्ता नहीं होता। इसके बावजूद अपराधी उनकी किसी बात पर यकीन करने को तैयार नहीं थे और लगातार शक की निगाह से देख रहे थे।
बारह घंटे की बर्बरता और खाते से दो लाख रुपये की लूट
उस अनजान कमरे में मुश्ताक खान को पूरे 12 घंटे तक खौफनाक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उन्हें शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से भारी प्रताड़ना झेलनी पड़ी, साथ ही मारपीट भी की गई। बदमाश लगातार उनके और उनके परिवार पर दबाव डालकर पैसे ऐंठने की जुगत में लगे रहे। इस दबाव के चलते मुश्ताक खान और उनके बेटे के बैंक खातों से जबरन 2 लाख रुपये से अधिक की रकम ऑनलाइन माध्यम से ट्रांसफर करा ली गई थी।
पूरी रात अभिनेता खौफ के साए में जागते रहे और लगातार किसी ऐसे मौके की तलाश में थे, जिससे वह जिंदा बचकर बाहर निकल सकें। उन्होंने महसूस किया कि जो दृश्य वे अब तक फिल्मों के पर्दे पर खलनायकों के खिलाफ अभिनय करते हुए निभाते थे, आज वही खौफनाक दास्तान उनके अपने असल जीवन का कड़वा सच बन चुकी थी।
भोर की अजान ने दिखाई राह और ऐसे भागे मुश्ताक
मुश्ताक खान के लिए जीवनदान की घड़ी तब आई जब अगली सुबह करीब पौने छह बजे के आसपास अचानक वातावरण में अजान की पवित्र गूंज सुनाई दी। अजान की आवाज सुनते ही मुश्ताक खान को तुरंत समझ आ गया कि आसपास कोई न कोई मस्जिद और बस्ती जरूर मौजूद है। यह अहसास उनके लिए उम्मीद की एक नई किरण बन गया।
उसी वक्त थकान और रात भर की जद्दोजहद के बाद पहरा दे रहे किडनैपर्स गहरी नींद में सो गए। मुश्ताक खान ने बिना एक पल गंवाए दबे पांव वहां से भाग निकलने का साहसिक फैसला किया। वे किसी तरह चुपचाप उनके शिकंजे से बाहर निकले और अजान की दिशा में दौड़ते हुए पास की मस्जिद तक जा पहुंचे। मस्जिद में मौजूद नमाजियों और स्थानीय लोगों को जब उन्होंने अपनी आपबीती सुनाई, तो लोगों ने तुरंत उनकी मदद की। स्थानीय नागरिकों के सहयोग से पहले उनके परिवार को सुरक्षित होने की सूचना दी गई और बाद में पुलिस के दखल के साथ अभिनेता सकुशल अपने घर लौट पाए।


















