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राजा रानी रिव्यू (2013): 26 साल की उम्र में पहली फिल्म बना छा गए थे एटलीबॉलीवुड
26 सित॰ 2026, 1:04 pm (4 मिनट पहले)· 0

राजा रानी रिव्यू (2013): 26 साल की उम्र में पहली फिल्म बना छा गए थे एटली

महज 26 साल की उम्र में पहली फिल्म निर्देशित करने वाले एटली ने साल 2013 में आई 'राजा रानी' से धमाकेदार डेब्यू किया था, जिसे बनाने में 15 से 18 करोड़ रुपये का खर्च आया था।

सिनेमा जगत में कुछ ऐसे निर्देशकों ने काम किया है जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म से एक अलग पहचान बना ली। मणिरत्नम, शंकर और एआर मुरुगदॉस जैसे दिग्गजों के बीच एक युवा फिल्ममेकर ने महज 26 साल की उम्र में निर्देशन की कमान संभाली और बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ दिए। इस प्रोजेक्ट के लिए निर्माताओं ने 15 से 18 करोड़ रुपये खर्च किए और उस युवा निर्देशक ने अपने शानदार विजन के दम पर एक ऐसी प्रेम कहानी गढ़ी जिसकी चर्चा आज भी होती है। इस फिल्म में रोमांस, दर्द और भावनाओं का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला था और यह फिल्म थी साल 2013 में आई 'राजा रानी', जिसके साथ एटली ने बतौर डायरेक्टर अपनी पारी की शुरुआत की थी।

एटली का शानदार डेब्यू और सितारों से सजा सफर

यह फिल्म 26 अगस्त 2013 को सिनेमाघरों में उतरी थी। इस प्रोजेक्ट के जरिए एटली ने पहली बार निर्देशन की कुर्सी संभाली थी। फिल्म की मुख्य स्टार कास्ट में आर्या, नयनतारा, जय और नाजरिया नाजिम शामिल थे, जबकि एआर मुरुगदॉस इस फिल्म के निर्माता थे। परदे पर आर्या और नयनतारा की प्रेम कहानी ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। इस पहली ही फिल्म ने एटली के उस सफर की मजबूत नींव रखी जो आगे चलकर विजय, शाहरुख खान और अल्लू अर्जुन जैसे दिग्गजों तक पहुंच गया।

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शंकर के साथ काम करने का लंबा अनुभव

एटली के लिए यह फिल्म केवल एक शुरुआत नहीं थी बल्कि उनके बड़े सपनों की पहली बड़ी उड़ान थी। उस दौरान उनकी आयु केवल 26 वर्ष थी। इससे पहले वह मशहूर निर्देशक शंकर के साथ सहायक निर्देशक के रूप में काम कर चुके थे। उन्हें 'एंथिरन' और 'ननबन' जैसी बड़ी फिल्मों में काम करने का बहुमूल्य अनुभव पहले ही मिल चुका था। लगभग पांच साल तक शंकर के मार्गदर्शन में काम सीखने के बाद एटली ने अपनी खुद की कहानी के साथ एक निर्देशक के तौर पर कदम बढ़ाया।

कास्टिंग से जुड़े दिलचस्प किस्से और शुरुआती चुनौतियां

इतनी कम उम्र में एक बड़े प्रोडक्शन बैनर के साथ पहली फिल्म बनाना किसी भी नए कलाकार के लिए आसान नहीं होता है। हालांकि एटली की पटकथा ने एआर मुरुगदॉस और फॉक्स स्टार स्टूडियोज का पूरा भरोसा जीत लिया। इस फिल्म की कास्टिंग को लेकर एक खास बात यह है कि आर्या निर्देशक की पहली पसंद तो थे ही, लेकिन इसके साथ ही शिवकार्तिकेयन का नाम भी चर्चाओं में बना हुआ था। रिपोर्ट्स के अनुसार, निर्देशक की इच्छा शिवकार्तिकेयन को इस भूमिका में लेने की थी।

असल में दोनों इससे पहले एटली की शॉर्ट फिल्म 'मुगपुथागम' में साथ काम कर चुके थे। हालांकि बाद में यह समीकरण नहीं बैठ पाया और यह किरदार आर्या के हिस्से में आ गया। नयनतारा के साथ उनकी जोड़ी ने फिल्म की पटकथा को एक अनोखा रंग दिया और दर्शकों ने इसे खूब सराहा।

इस पहली फीचर फिल्म की शुरुआत भी बेहद खास अंदाज में हुई थी। शूटिंग के पहले दिन कमल हासन ने कैमरा ऑन किया था, जबकि एआर मुरुगदॉस ने क्लैप दिया था। इस तरह से इस प्रोजेक्ट की शुरुआत से ही साउथ सिनेमा के दो दिग्गज सीधे तौर पर जुड़े रहे थे।

कानी का ताना-बाना और भावनात्मक गहराई

फिल्म की मुख्य कहानी जॉन और रेजिना के वैवाहिक जीवन से शुरू होती है। दोनों अपनी मर्जी के खिलाफ शादी के बंधन में बंधते हैं और अपने पुराने अतीत के बोझ तले इस नए रिश्ते को स्वीकार नहीं कर पाते हैं। धीरे-धीरे दोनों को एक-दूसरे के जीवन में छिपे गहरे दर्द का अहसास होता है और यहीं से उनके रिश्ते का रुख बदल जाता है। यही मुख्य वजह थी कि इस फिल्म को केवल एक साधारण प्रेम कहानी के रूप में नहीं देखा गया।

इस कहानी में शादी की उलझनें, पुराने संबंध, टूटे हुए दिल, परिवार, दोस्ती और दोबारा प्यार को अपनाने जैसे पहलुओं को खूबसूरती से पिरोया गया था। एटली ने एक रिश्ते की जटिलता को कॉमेडी और भावनाओं के साथ परोसा, जिसके कारण यह फिल्म बहुत बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंची। 'राजा रानी' से शुरू हुआ यह सफर अब काफी लंबा हो चुका है और वह बड़े सितारों के साथ काम करते हुए अपने काम का दायरा लगातार बढ़ाते गए हैं।

सवाल-जवाब

राजा रानी फिल्म कब रिलीज हुई थी?
यह फिल्म 26 अगस्त 2013 को रिलीज हुई थी।
क्या राजा रानी देखने लायक है?
हाँ, यह फिल्म अपनी बेहतरीन प्रेम कहानी, भावनाओं और मजबूत अभिनय के कारण देखने लायक है।
इस फिल्म का निर्देशन किसने किया था?
इस फिल्म का निर्देशन एटली ने किया था, जो उनके करियर की पहली फिल्म थी।
इस फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में कौन-कौन कलाकार थे?
फिल्म में आर्या, नयनतारा, जय और नाजरिया नाजिम मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे।
इस फिल्म को किसने प्रोड्यूस किया था?
इस फिल्म के निर्माता एआर मुरुगदॉस थे।
इस फिल्म को बनाने में कितना खर्च आया था?
इस फिल्म को बनाने के लिए मेकर्स ने 15 से 18 करोड़ रुपये खर्च किए थे।
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