बॉलीवुड अभिनेता इमरान हाशमी की आने वाली फिल्म आवारापन 2 का दर्शक बेहद उत्सुकता के साथ इंतजार कर रहे हैं। इस फ्रेंचाइजी की पहली फिल्म आवारापन वर्ष 2007 में सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुई थी। दिलचस्प बात यह है कि अपनी पहली रिलीज के लगभग दो दशक बीत जाने के बाद भी यह ओरिजिनल फिल्म नए और पुराने दर्शकों के दिलों को गहराई से छू रही है। हालांकि, जब यह फिल्म पहली बार बड़े पर्दे पर आई थी, तब बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक व्यावसायिक सफलता हासिल नहीं कर सकी थी। अब एक हालिया इंटरव्यू में अभिनेत्री श्रिया सरन ने इस फिल्म की नाकामी पर खुलकर बात की है और बताया कि उस समय फिल्म का असफल होना उनके लिए कितना पीड़ादायक था।
मोहित सूरी का निर्देशन और इमरान हाशमी का जुनून
अतीत के पन्नों को पलटते हुए श्रिया सरन ने याद किया कि निर्देशक मोहित सूरी ने उनकी एक पुरानी फिल्म देखने के बाद उन्हें इस प्रोजेक्ट के लुक टेस्ट के लिए आमंत्रित किया था। श्रिया ने बताया कि इस फिल्म को लेकर मुख्य अभिनेता इमरान हाशमी बेहद भावुक थे और वह शुरुआत से ही इस कहानी तथा प्रोजेक्ट से दिल से जुड़े हुए थे। निर्देशक मोहित सूरी की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए अभिनेत्री ने कहा कि उनके साथ काम करने का अनुभव बेहद शानदार रहा। मोहित सूरी एक अत्यंत इंटेंस निर्देशक हैं, जो किसी भी दृश्य के नरेशन, उसकी व्याख्या और निर्देशन के दौरान केवल और केवल कहानी की भावनात्मक गहराई पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित रखते हैं।
समय से आगे की फिल्म और अवॉर्ड शो से उपेक्षा
आवारापन के रिलीज के दिनों को याद करते हुए श्रिया सरन ने स्वीकार किया कि उस दौरान बॉक्स ऑफिस के निराशाजनक नतीजों को स्वीकार करना पूरी टीम के लिए बहुत कठिन था। रिलीज के वक्त सभी कलाकारों और निर्माताओं को इस फिल्म से बहुत बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन शायद यह सिनेमा अपने समय से काफी आगे का था। श्रिया ने इस बात का भी खुलासा किया कि कई प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोहों में नामांकित होने के बावजूद उन्हें किसी भी सेरेमनी में शामिल होने का न्योता तक नहीं दिया गया था। उस दौर में फिल्म से जुड़े कलाकारों के लिए परिस्थितियां काफी अजीब और निराशाजनक थीं।
प्रशंसकों की सराहना और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन का अंतर
फिल्म को आज मिले आइकॉनिक दर्जे और रिलीज के समय मिली नाकामी के बीच के अंतर को बर्दाश्त करना श्रिया सरन के लिए काफी तकलीफदेह रहा। उनका हमेशा से यह मानना था कि इस सिनेमाई कृति को वह मान-सम्मान और जश्न मिलना चाहिए था, जिसकी यह वास्तव में हकदार थी। जब उम्मीद के मुताबिक सफलता नहीं मिली, तो उनका दिल टूट गया था। सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह होती थी कि लोग व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनसे फिल्म की तारीफ करते थे। श्रिया सोचती थीं कि जब लोगों को यह फिल्म इतनी पसंद आ रही है, तो आखिर यह प्यार बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों में क्यों तब्दील नहीं हो पा रहा है।
सोशल मीडिया पर कायम आवारापन का जादू
समय बीतने के साथ श्रिया सरन को यह अहसास हुआ कि आवारापन ने बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों और व्यावसायिक सफलता से कहीं बढ़कर मुकाम हासिल कर लिया है। आज भी लोग इस फिल्म के विषय और अभिनय की चर्चा करते हैं। सोशल मीडिया और इंस्टाग्राम के दौर में इस फिल्म के दृश्य, संवाद और क्लिप्स लगातार ट्रेंड करते रहते हैं। श्रिया का मानना है कि अगर दर्शकों ने इस फिल्म को अपने दिल में जगह न दी होती, तो आज सालों बाद भी इंटरनेट पर इसके सीन्स वायरल न हो रहे होते। इन सब बातों से स्पष्ट होता है कि दर्शकों ने इस फिल्म को सच्चे दिल से प्यार दिया है।



















