छत्तीसगढ़ के बस्तर में पाठ जतरा पूजन से ऐतिहासिक उत्सव का आगाज, 75 दिनों तक बिना रावण दहन के निकलेगी रथयात्राविभाजन के खौफनाक दौर में दिल्ली में ऐसे जली थी इंसानियत की लौ, स्वयंसेवकों और सेंट स्टीफंस ने बचाई थीं हज़ारों जानेंनई दिल्ली में खुला लाइबेरिया का नया दूतावास, एस जयशंकर और सारा बयसोलो न्यांती ने समुद्री सुरक्षा व खनन पर की चर्चादक्षिण कोरिया के परमाणु पनडुब्बी प्रोजेक्ट से बिफरा उत्तर कोरिया, प्योंगयांग ने दी विनाशकारी सैन्य कार्रवाई की चेतावनीविदेशों में मिली आजादी और भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर शशि थरूर ने साझा किए विचारधनु राशिफल 14 अगस्त 2026: आमदनी में सुधार और करियर में नए अवसर, जानें कैसा रहेगा आज का दिनलगातार पांच फिल्में फ्लॉप होने पर पायलट बनने वाले थे मोहनीश बहल, जानिए कैसे सलमान खान की सिफारिश से मिला नया जीवनसचिन तेंदुलकर का ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ 15 साल की उम्र में भारत के सबसे महंगे युवा एथलीट बने वैभव सूर्यवंशीमार्क जुकरबर्ग का एआई दृष्टिकोण, रात 1 बजे के रोबोटिक इंटरव्यू और विमान हैकिंग का बढ़ा खतरा7वीं पास जॉन प्रकाश राव जनुमाला कैसे बने कॉमेडी किंग जॉनी लीवर, 300 से अधिक फिल्मों में दर्ज कराया नाम
विदेशों में मिली आजादी और भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर शशि थरूर ने साझा किए विचारनेता जी
14 अग॰ 2026, 4:34 am (1 घंटे पहले)· 3

विदेशों में मिली आजादी और भारत में अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर शशि थरूर ने साझा किए विचार

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने आईएनओसी-यूएसए के जॉर्ज अब्राहम के लेख को साझा करते हुए अल्पसंख्यकों के अधिकारों और लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं पर ध्यान आकर्षित किया।

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इंडियन नेशनल ओवरसीज कांग्रेस यूएसए के जॉर्ज अब्राहम द्वारा लिखे गए एक महत्वपूर्ण लेख को साझा किया है। इस पोस्ट में लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक स्वतंत्रताओं और देश के भीतर अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर विचार व्यक्त किए गए हैं।

अल्पसंख्यक अधिकार और लोकतांत्रिक स्वतंत्रता

शशि थरूर द्वारा साझा किए गए लेख के अंश में जॉर्ज अब्राहम ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय विदेश में रहते हुए जिन स्वतंत्रताओं का उत्साहपूर्वक आनंद लेते हैं, वे स्वतंत्रताएं जब अपने ही देश में अल्पसंख्यकों द्वारा प्रयोग की जाती हैं, तो उन्हें संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने यह तर्क प्रस्तुत किया कि किसी भी देश में नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए समानता का सिद्धांत अनिवार्य है।

संगठनात्मक पृष्ठभूमि और संवैधानिक मूल्य

जॉर्ज अब्राहम आईएनओसी-यूएसए के एक प्रमुख पदाधिकारी रहे हैं, जो प्रवासी भारतीयों के बीच लोकतांत्रिक चर्चाओं को बढ़ावा देने का काम करते हैं। भारतीय संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और प्रेस की आजादी को मौलिक अधिकारों के रूप में गारंटी दी गई है। थरूर द्वारा इस लेख को आगे बढ़ाना नागरिक अधिकारों और संवैधानिक गारंटी पर जारी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय बहस को रेखांकित करता है।

जनता की प्रतिक्रिया

इस सोशल मीडिया पोस्ट पर ऑनलाइन उपयोगकर्ताओं की ओर से मिला-जुला प्रतिसाद देखने को मिला। कई लोगों ने संवैधानिक अधिकारों और समानता के विचार का समर्थन किया, जबकि कुछ अन्य उपयोगकर्ताओं ने विदेशी उदाहरणों की भारतीय परिस्थितियों से तुलना पर सवाल उठाए।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर क्या साझा किया?
शशि थरूर ने आईएनओसी-यूएसए के जॉर्ज अब्राहम द्वारा लिखा गया एक लेख साझा किया जो अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर केंद्रित है।
जॉर्ज अब्राहम के लेख का मुख्य बिंदु क्या है?
लेख में कहा गया है कि विदेशों में भारतीय जिस स्वतंत्रता का आनंद लेते हैं, उसे भारत में अल्पसंख्यकों द्वारा उपयोग किए जाने पर संदेह से नहीं देखा जाना चाहिए।
आईएनओसी-यूएसए (INOC-USA) क्या है?
यह इंडियन नेशनल ओवरसीज कांग्रेस की अमेरिकी शाखा है जो प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों और लोकतांत्रिक मूल्यों पर काम करती है।
इस पोस्ट पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
उपयोगकर्ताओं ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी, जहाँ कुछ ने संवैधानिक अधिकारों का समर्थन किया और अन्य ने तुलना पर प्रश्न उठाए।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR