भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमिताभ बच्चन एक ऐसा नाम हैं जिनकी अभिनय यात्रा और कार्यशैली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनी हुई है। वर्ष 1969 में फिल्म सात हिंदुस्तानी से अपने सफर की शुरुआत करने वाले अमिताभ बच्चन ने अपने पांच दशकों से अधिक लंबे करियर में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। फिल्मों की सफलता या विफलता से परे रहकर उन्होंने हर दौर में दर्शकों के दिलों पर राज किया है। चाहे रोमांस हो, एक्शन हो या फिर गंभीर सामाजिक मुद्दों पर आधारित कहानियां, उन्होंने हर जॉनर में अपनी बेहतरीन अदाकारी की छाप छोड़ी है। 83 वर्ष की आयु में भी 24 घंटे निरंतर काम करने वाले अमिताभ बच्चन ने न केवल बड़े पर्दे पर बल्कि छोटे पर्दे पर भी अपने समर्पण को साबित किया है। अभिनय के साथ-साथ उन्होंने एक सफल निर्माता, गायक और टेलीविजन होस्ट के रूप में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके करियर के कई सुनहरे अध्यायों में से एक महत्वपूर्ण पहलू दोस्ती पर आधारित फिल्में रही हैं, जहां उन्होंने सह-कलाकारों के साथ स्क्रीन पर ऐसी केमिस्ट्री बनाई जो आज भी मिसाल दी जाती है।
सात हिंदुस्तानी से लेकर बहुआयामी करियर का सफर
अमिताभ बच्चन का फिल्मी करियर विविधता और निरंतर प्रयास का बेहतरीन उदाहरण रहा है। सात हिंदुस्तानी से शुरुआत करने के बाद उन्होंने दीवार, डॉन, मुकद्दर का सिकंदर, अमर अकबर एंथनी और कभी कभी जैसी कालजयी फिल्मों में काम किया। इन फिल्मों ने उन्हें न केवल एक सुपरस्टार के रूप में स्थापित किया बल्कि उनके अभिनय की सीमाओं का भी विस्तार किया। टीवी से लेकर सिनेमा के हर प्रोजेक्ट में जी जान लगाने की उनकी आदत ने ही उन्हें इंडस्ट्री का सबसे विश्वसनीय चेहरा बनाया है। करियर के अलग-अलग चरणों में उन्होंने दोस्ती और इंसानी रिश्तों के इर्द-गिर्द बुनी गई कहानियों को बड़े पर्दे पर जीवंत किया है।
शोले: जय और वीरू की सदाबहार आइकॉनिक जोड़ी
दोस्ती पर आधारित फिल्मों की जब भी चर्चा होती है, तो इस सूची में सबसे पहला नाम फिल्म शोले का आता है। आईएमडीबी पर 8.1 की शानदार रेटिंग हासिल करने वाली इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और धर्मेंद्र की केमिस्ट्री ने इतिहास रच दिया था। फिल्म में अमिताभ बच्चन ने जय और धर्मेंद्र ने वीरू का किरदार निभाया था। सलीम-जावेद की जोड़ी द्वारा लिखित और रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर न केवल ब्लॉकबस्टर रही, बल्कि भारतीय पॉप कल्चर में अमर हो गई। आज भी जब समाज में सच्ची और अटूट दोस्ती की मिसाल दी जाती है, तो जय-वीरू की जोड़ी का नाम सबसे पहले लिया जाता है।
याराना: किशन और बिशान की निस्वार्थ यारी
वर्ष 1981 में प्रदर्शित हुई फिल्म याराना दोस्ती के जज्बे को पेश करने वाली एक और ऐतिहासिक फिल्म साबित हुई। यह एक म्यूजिकल एक्शन ड्रामा फिल्म थी जिसमें अमिताभ बच्चन और अमजद खान की ऑनस्क्रीन यारी को बेहद खूबसूरती से दर्शाया गया था। फिल्म में किशन और बिशान के बीच की आत्मीयता को दर्शकों ने खूब सराहा। इस ब्लॉकबस्टर फिल्म में कादर खान, तनुजा, रंजीत और नीतू कपूर जैसे दिग्गज कलाकारों ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई थीं। बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ने वाली इस फिल्म के गाने और संवाद आज भी लोगों की जुबां पर बसे हुए हैं।
दोस्ताना: विजय और रवि की बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट केमिस्ट्री
वर्ष 1980 में आई फिल्म दोस्ताना ने भी अमिताभ बच्चन के करियर में दोस्ती के विषय पर बनी फिल्मों की सूची को और समृद्ध किया। यश जौहर के प्रोडक्शन बैनर तले बनी इस सुपरहिट फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ शत्रुघ्न सिन्हा मुख्य भूमिका में नजर आए थे। फिल्म में अमिताभ बच्चन ने विजय और शत्रुघ्न सिन्हा ने रवि का किरदार निभाया था। दोनों दोस्तों के बीच के रिश्ते, टकराव और आपसी जुड़ाव को फिल्म में बेहद रोमांचक तरीके से पेश किया गया था। इस फिल्म में जीनत अमान और अमरीश पुरी ने भी अहम भूमिकाएं निभाई थीं, जिससे यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल करने में कामयाब रही।
ऊंचाई: उम्र के हर पड़ाव में सपनों को पूरा करने का संदेश
अमिताभ बच्चन ने सिर्फ 80 के दशक में ही नहीं, बल्कि आधुनिक सिनेमा के दौर में भी दोस्ती के महत्व को बखूबी पर्दे पर उतारा है। वर्ष 2022 में रिलीज हुई सूरज बड़जात्या निर्देशित फिल्म ऊंचाई इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। इस फिल्म में अमिताभ बच्चन के साथ अनुपम खेर और बोमन ईरानी उनके जिगरी दोस्तों के रूप में नजर आए थे। बॉक्स ऑफिस पर सेमी-हिट रही यह फिल्म इस खूबसूरत विचार को रेखांकित करती है कि इंसान किसी भी उम्र में अपने सपनों और वादों को पूरा कर सकता है। उम्र के ढलते पड़ाव में भी दोस्ती के जज्बे को कायम रखने की यह कहानी दर्शकों के दिलों को छूने में सफल रही।


















