सिनेमा जगत में कुछ ऐसी फिल्में आती हैं जो समय के पहिये को पीछे छोड़कर हमेशा के लिए दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बना लेती हैं और साल 2001 में रिलीज हुई फिल्म दिल चाहता है भी इसी श्रेणी में आती है। यह सिर्फ तीन दोस्तों की साधारण कहानी नहीं थी, बल्कि इसने पर्दे पर दोस्ती के उस यथार्थवादी रूप को पेश किया जो उस दौर की फिल्मों से बिल्कुल अलग था। उस समय तक सिल्वर स्क्रीन पर या तो दोस्तों के हर वक्त साथ रहने का चलन था या फिर उनके बीच अटूट और हमेशा साथ रहने वाले रिश्ते को ही दोस्ती माना जाता था।
फरहान अख्तर का अनूठा निर्देशन और नया नजरिया
निर्देशक के तौर पर अपनी पहली ही फिल्म से एक नई लकीर खींचने वाले फरहान अख्तर ने इस प्रचलित धारणा को पूरी तरह से बदल दिया। उन्होंने अपनी इस कलाकृति के जरिए यह समझाने की कोशिश की कि समय के साथ दोस्ती में दूरियां आना भी जीवन का एक स्वाभाविक हिस्सा है। इस तरह के अनूठे और आधुनिक दृष्टिकोण के साथ प्यार और दोस्ती के ताने-बाने को पर्दे पर उकेरना उनके करियर के लिए बेहद भाग्यशाली साबित हुआ।
शूटिंग के दौरान शुरू हुई थी प्रेम कहानी
जब साल 1999 में इस बहुचर्चित फिल्म की शूटिंग का दौर चल रहा था, तभी निर्देशक की मुलाकात सेट पर अधुना बबानी से हुई जो उस समय इस प्रोजेक्ट के लिए हेयर स्टाइलिस्ट के रूप में काम संभाल रही थीं। सेट पर हुई वह पहली मुलाकात धीरे-धीरे गहरी दोस्ती में बदली और फिर दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला किया। फिल्म के सिनेमाघरों में आने से ठीक पहले दोनों ने शादी कर ली और आगे चलकर इस दंपति के घर दो बेटियों का जन्म हुआ।
रिश्तों में बदलाव और नया अध्याय
लंबी वैवाहिक यात्रा के बाद इस जोड़े के रास्ते साल 2017 में अलग हो गए और दोनों का तलाक हो गया। इसी बीच वैवाहिक जीवन के दौरान ही उनकी मुलाकात शिवानी डांडेकर से हुई, जिसके बाद उनके जीवन में एक नए रिश्ते की शुरुआत हुई।
अहम किरदार और कलाकारों की टोली
अगर इस कल्ट फिल्म के मुख्य कलाकारों की बात करें तो इसमें आमिर खान, अक्षय खन्ना और सैफ अली खान ने केंद्रीय भूमिकाएं निभाई थीं। इन तीनों अभिनेताओं के इर्द-गिर्द ही पूरी कहानी घूमती है जो कॉलेज के दिनों के जिगरी दोस्त होते हैं और वक्त के साथ अपनी राहें बदल लेते हैं। इसके अलावा प्रीति जिंटा, सोनाली कुलकर्णी और डिंपल कपाड़िया ने भी अपनी अदाकारी से फिल्म में जान डाल दी थी। पर्दे पर आकाश, सिद्धार्थ और समीर की इस तिकड़ी ने यह बखूबी दिखाया कि कैसे व्यस्तताओं के बीच रिश्तों में दूरियां आ जाती हैं।
चार्टबस्टर संगीत और बॉक्स ऑफिस का जादू
इस म्यूजिकल ड्रामा का संगीत शंकर-एहसान-लॉय तिकड़ी ने तैयार किया था, जिसके गीत आज भी युवाओं की जुबान पर रहते हैं। इसके गाने आज भी लोगों के पसंदीदा संगीत संग्रह का अहम हिस्सा हैं। अगर इसके व्यावसायिक आंकड़ों पर नजर डालें तो इसका कुल बजट 13 से 14 करोड़ रुपये के बीच था, लेकिन इसने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनियाभर में कुल 34 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की थी।



















