8 जून 2020 को इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने के कारण दिशा सालियान का निधन हो गया था. इस दुखद घटना के ठीक 6 दिन बाद, यानी 14 जून 2020 को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मुंबई के बांद्रा स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए. इस घटनाक्रम के बाद से ही दिवंगत अभिनेता की बहन श्वेता सिंह कीर्ति और उनके करीबी लोग दोनों मामलों में किसी गहरे जुड़ाव की संभावना जताते रहे हैं. सुशांत के साथ एक ही घर में रहने वाले उनके दोस्त सिद्धार्थ पिठानी के बयानों से यह बात सामने आती है कि दिशा की मौत की खबर का सुशांत के मन और मानसिक स्थिति पर बहुत गहरा असर पड़ा था.
मीडिया रिपोर्टों में नाम आने से परेशान थे सुशांत
सिद्धार्थ पिठानी के अनुसार, जिस दिन दिशा सालियान के निधन की सूचना आई, उस दिन सुशांत ने अपने मोबाइल फोन पर एक समाचार पढ़ा. उस खबर का शीर्षक था कि सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान ने खुदकुशी कर ली है. इस समाचार को देखते ही सुशांत अत्यधिक विचलित हो गए. उन्होंने तुरंत सवाल उठाया कि इस मामले में बार-बार उनके नाम का उल्लेख क्यों किया जा रहा है. सिद्धार्थ ने स्पष्ट किया कि दिशा ने सुशांत के काम का प्रबंधन केवल कुछ हफ्तों के लिए संभाला था और अपनी पूरी जिंदगी में सुशांत उनसे सिर्फ एक ही बार मिले थे. इसके बावजूद खबरों में बार-बार अपना नाम घसीटे जाने से सुशांत बेहद दुखी हुए और उस पूरी रात लगातार रोते रहे.
अभिनय छोड़ने की सोच और तनाव के कारण बेहोश होना
निधन से कुछ महीने पहले सुशांत काफी भावुक रहने लगे थे और अभिनय का क्षेत्र छोड़कर किसी नए कार्यक्षेत्र में कदम रखने का विचार कर रहे थे. दिशा की मौत वाली रात उनकी मानसिक स्थिति और बिगड़ गई. उस समय रिया के घर से चले जाने के बाद सुशांत की बहन मीतू सिंह बांद्रा वाले फ्लैट में उनके साथ रहने आ गई थीं. मीतू अपने भाई की देखभाल कर रही थीं, उन्हें खाना खिला रही थीं और पानी दे रही थीं. जब सिद्धार्थ और मीतू एक ही कमरे में सुशांत के साथ मौजूद थे, तब अत्यधिक मानसिक तनाव और घबराहट के कारण सुशांत अचानक बेहोश होकर गिर पड़े. उनकी बहन ने उन्हें सहारा दिया और ढांढस बंधाते हुए समझाया कि इस घटना में उनका कोई कसूर नहीं है और दिशा का कदम उनका अपना व्यक्तिगत निर्णय था.
बहन श्वेता सिंह कीर्ति के दावे और अनसुलझे रहस्य
सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने अपने भाई के निधन को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं. उनका कहना है कि इस मामले में कई ऐसी अनसुलझी कड़ियां हैं जिनके जवाब आज तक नहीं मिल पाए हैं. श्वेता ने बताया कि पटना में जब वे अपने भाई की अस्थियों को विसर्जित करने गए थे, तब और उसके बाद ध्यान तथा सपनों के माध्यम से उन्होंने अपने भाई की मौजूदगी महसूस की थी. श्वेता के मुताबिक, सुशांत दिशा की मौत के बाद से ही एक अजीब सी अनहोनी की आशंका से घिरे रहते थे और बार-बार एक ही बात दोहराते थे कि वे लोग उन्हें भी नहीं छोड़ेंगे. जब श्वेता से पूछा गया कि सुशांत किन लोगों की तरफ इशारा कर रहे थे, तो उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पास इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं है, लेकिन उन्हें अंदेशा है कि सुशांत किसी ऐसे रहस्य से वाकिफ थे जिसे वे उजागर करने वाले थे.



















