बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर अक्सर अपनी अभिनय कला से ज्यादा विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने बेबाक बयानों के कारण चर्चा में बनी रहती हैं। हाल ही में फिल्म पद्मावत के जौहर दृश्य को लेकर दिए गए बयान के बाद वे एक बार फिर सोशल मीडिया पर लोगों के निशाने पर आ गई हैं। इंटरनेट उपयोगकर्ताओं से लेकर समाज के कई वर्गों तक में उनके बयान की आलोचना की जा रही है। हालांकि यह पहला अवसर नहीं है जब उनके किसी बयान पर इस तरह का विवाद उत्पन्न हुआ हो। इससे पहले भी कई मौकों पर उनके विचारों और सोशल मीडिया पोस्ट ने देश भर में तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं।
'पद्मावत' के जौहर दृश्य पर दिया गया बयान
दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में 31 अगस्त को आयोजित महिला, जीवन स्वतंत्रता कार्यक्रम के दौरान स्वरा भास्कर ने फिल्म पद्मावत के समापन दृश्य पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि फिल्म में दिखाया गया जौहर का दृश्य यौन हिंसा से प्रभावित महिलाओं के लिए एक नकारात्मक संदेश भेज सकता है। उनके अनुसार, यदि कोई यौन हिंसा से पीड़ित व्यक्ति इस दृश्य को देखता है, तो उसे यह महसूस हो सकता है कि आत्मसम्मान की रक्षा के लिए आत्महत्या न करना कायरता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या समाज यह संदेश देना चाहता है कि सम्मानजनक जीवन जीने के बजाय जीवन समाप्त कर लेना ही एकमात्र विकल्प है। इस बयान का वीडियो सामने आने के बाद उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ा। बाद में स्वरा भास्कर ने एक नया वीडियो जारी कर स्पष्टीकरण दिया कि उनके वक्तव्य को गलत संदर्भ में पेश किया गया था और उनका उद्देश्य जौहर करने वाली ऐतिहासिक महिलाओं को कायर बताना नहीं था।
कर्नाटक हिजाब विवाद की महाभारत से तुलना
जनवरी 2022 में कर्नाटक के उडुपी में स्थित एक सरकारी प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में हिजाब पहनकर आने वाली छात्राओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। इस घटना के बाद देश भर में प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर बहस शुरू हो गई। फरवरी 2022 में स्वरा भास्कर ने इस मुद्दे पर टिप्पणी करते हुए सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म X पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने इस पूरे विवाद और उस पर राजनेताओं की खामोशी की तुलना महाभारत के चीरहरण प्रसंग से कर दी। उन्होंने लिखा कि जिस प्रकार महाभारत की सभा में द्रौपदी के वस्त्र उतारे जाने के समय सत्ता और कानून के जिम्मेदार लोग शांत बैठे रहे, उसी प्रकार की स्थिति आज भी देखने को मिल रही है।
'द कश्मीर फाइल्स' और नादव लैपिड के बयान का समर्थन
नवंबर 2022 में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के दौरान इजराइली फिल्मकार नादव लैपिड ने फिल्म द कश्मीर फाइल्स को लेकर विवादित टिप्पणी की थी और उसे प्रोपेगैंडा करार दिया था। स्वरा भास्कर ने नादव लैपिड के इस बयान का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह बात पूरी दुनिया के सामने बिल्कुल साफ है। इसके अतिरिक्त उन्होंने बिना किसी का नाम लिए एक अन्य पोस्ट में यह भी लिखा कि यदि कोई अपनी सफलता पर बधाई की अपेक्षा रखता है, तो उसे बीते पांच वर्षों तक लोगों के विरुद्ध एजेंडा चलाने से बचना चाहिए था।
भारतीय सेना के जवानों पर की गई टिप्पणी
साल 2018 में स्वरा भास्कर का एक ट्वीट भारतीय सेना को लेकर किए गए कमेंट की वजह से सुर्खियों में आया था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भारतीय सेना के जवानों के संदर्भ में बेहद कड़े और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया था। उन्होंने जवानों को अदूरदर्शी और तानाशाह प्रवृत्ति का बताया था, जिसके बाद देश भर में उनके इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की गई थी।



















