भारतीय सिनेमा के इतिहास में बारह वर्षों पहले गुजरा कैलेंडर वर्ष टिकट खिड़की पर अपनी अभूतपूर्व कामयाबी के लिए हमेशा याद किया जाता है। उस पूरे साल सिनेमाघरों में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी रही और हर तीन-चार महीनों के अंतराल पर एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ। शुरुआत में गंभीर तेवर वाले बदले की कहानी ने दर्शकों को बांधा, तो आगे चलकर हल्की-फुल्की कॉमेडी, विशुद्ध देसी मारधाड़ और अंतरराष्ट्रीय जासूसी मिशनों ने बॉक्स ऑफिस पर पैसों की बारिश करा दी। पांच ऐसी खास फिल्मों ने उस दौर में सिनेमाई मनोरंजन की परिभाषा बदल कर रख दी थी।
गणतंत्र दिवस पर विजय दीनानाथ चौहान का उग्र रूप
साल के पहले ही महीने में दर्शकों को एक बेहद सशक्त सिनेमाई अनुभव मिला जब छब्बीस जनवरी के राष्ट्रीय पर्व पर निर्देशक करण मल्होत्रा की नई पेशकश पर्दे पर उतरी। वर्ष 1990 की अमिताभ बच्चन अभिनीत मशहूर क्लासिक के इस आधुनिक रूपांतरण में ऋतिक रोशन ने विजय दीनानाथ चौहान का मुख्य किरदार निभाया था। कहानी में पिता की मौत का बदला लेने और इंसाफ हासिल करने की उनकी तड़प और आंखों में छिपे गहरे दर्द ने देखने वालों को भीतर तक झकझोर दिया।
इस बदले की दास्तान को असली धार दी संजय दत्त द्वारा निभाए गए कांचा चीना के खौफनाक चरित्र ने, जिसकी क्रूरता ने विलेन के रोल को नए स्तर पर पहुंचा दिया। वहीं दूसरी तरफ संगीतकार जोड़ी अजय और अतुल की धुन पर तैयार विशेष गीत में कैटरीना कैफ के शानदार डांस ने माहौल में भारी उत्साह भर दिया। जबरदस्त शुरुआत और दर्शकों की भारी मांग के चलते इस पेशकश ने साल की पहली ब्लॉकबस्टर बनकर कई पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए।
गर्मियों की शुरुआत में हंसी और भ्रम का जोरदार मेला
जैसे ही बसंत बीता और गर्मियां शुरू हुईं, छह अप्रैल को निर्देशक साजिद खान की बड़ी स्टारकास्ट वाली हास्य फिल्म सिनेमाघरों में पहुंची। इस मजेदार कहानी में चार ऐसे पतियों का ताना-बाना बुना गया था, जो अपनी पत्नियों और दौलतमंद ससुरों के गुस्से से खुद को बचाने के लिए झूठ के बड़े-बड़े जाल बुनते हैं। मुख्य किरदारों में अक्षय कुमार, जॉन अब्राहम, रितेश देशमुख, असिन, जैकलीन फर्नांडीज और वरिष्ठ अभिनेता ऋषि कपूर ने अपनी अदाकारी से दर्शकों को खूब हंसाया।
समीक्षकों की ओर से भले ही इस हास्य रचना को मिली-जुली राय मिली हो, लेकिन आम जनता ने इसे हाथों-हाथ लिया। देश भर के सिनेमाघरों के बाहर हाउसफुल के बोर्ड टंगे रहे और दर्शकों की निरंतर मौजूदगी ने इसे सुपरहिट का दर्जा दिला दिया। इस कामयाबी ने यह साफ कर दिया कि पूरी फैमिली के साथ बैठकर हल्के-फुल्के अंदाज में हंसने का चार्म दर्शकों के बीच हमेशा बरकरार रहता है।
जून के महीने में देसी एक्शन का जोरदार जलवा
साल के मध्य में पहली जून को दक्षिण भारतीय फिल्मों के जाने-माने एक्शन और मसाला निर्देशक प्रभुदेवा ने अपनी नई एक्शन फिल्म दर्शकों के सामने पेश की। दक्षिण की एक मशहूर हिट कहानी पर आधारित इस प्रोजेक्ट में अक्षय कुमार ने दो अलग-अलग किरदारों, विक्रम राठौर और शिवा, को पर्दे पर साकार किया। उनके इस डबल रोल और सोनाक्षी सिन्हा के साथ बनी उनकी जोड़ी को दर्शकों ने भरपूर प्यार दिया।
यह किरदार उनके अभिनय सफर के सबसे लोकप्रिय मास किरदारों में शामिल हो गया, जिसमें उनका बोला गया एक खास संवाद लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय हो गया
“जो मैं कहता हूं, वो करता हूं… और जो नहीं कहता, वो जरूर करता हूं!”
थिएटरों में बजती सीटियों के बीच इसके मारधाड़ वाले दृश्य और ऊर्जावान संगीत रचनाएं चार्टबस्टर साबित हुईं। इस जबर्दस्त व्यावसायिक कामयाबी ने अक्षय कुमार के एक्शन हीरो वाले रुतबे को इंडस्ट्री में और ज्यादा मजबूत कर दिया।
स्वतंत्रता दिवस पर जासूसी दुनिया का पहला बड़ा धमाका
पंद्रह अगस्त के मौके पर यशराज फिल्म्स के बैनर तले कबीर खान के निर्देशन में बनी जासूसी थ्रिलर रिलीज हुई, जिसने आते ही टिकट खिड़की के सारे समीकरण बदल दिए। मुख्य भूमिकाओं में सलमान खान ने भारतीय खुफिया एजेंसी के जासूस और कैटरीना कैफ ने पाकिस्तानी एजेंट का किरदार निभाया, जो अपने मुल्कों के प्रति फर्ज और निजी जज्बातों के बीच कशमकश में उलझ जाते हैं।
डबलिन, इस्तांबुल और क्यूबा जैसे दुनिया के खूबसूरत शहरों में फिल्माए गए अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्टंट्स ने इसे एक भव्य विजुअल ट्रीट बना दिया। इसने उस समय के पुराने सभी कलेक्शन रिकॉर्ड तोड़ते हुए साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर का खिताब अपने नाम किया। इस जबर्दस्त कारोबार ने न केवल अभिनेता के स्टारडम को नई ऊंचाई दी, बल्कि आगे चलकर विस्तार पाने वाले विशाल स्पाई यूनिवर्स की पहली मजबूत नींव भी रख दी।
साल के अंत में क्रिसमस पर पुलिस अफसर की दबंग वापसी
दिसंबर के आखिरी पखवाड़े में इक्कीस तारीख को नए साल और क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान चुलबुल पांडे का अनोखा अंदाज एक बार फिर पर्दे पर लौटा। पहली किस्त की भारी लोकप्रियता के बाद इस सीक्वल के निर्देशन की बागडोर खुद अरबाज खान ने अपने हाथों में ली थी। उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर की पृष्ठभूमि पर रची गई इस एक्शन और कॉमेडी से भरपूर कहानी ने सिनेमाघरों को उत्सव के रंग में रंग दिया।
अपने विशेष अंदाज, अनूठी संवाद शैली और करीना कपूर खान के साथ अपनी रोमांटिक ट्यूनिंग के दम पर सलमान खान ने दोबारा दर्शकों का दिल जीत लिया। साल के आखिरी हफ्ते में उमड़ी इस अपार भीड़ ने टिकट काउंटरों पर जोरदार कारोबार किया और पूरे वर्ष को एक शानदार व्यावसायिक जीत के साथ अलविदा कहा।



















