सिनेमा जगत के दिग्गज अभिनेता अमिताभ बच्चन 11 अक्तूबर को अपना 84वां जन्मदिन मना रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी ऊर्जा और फिटनेस किसी को भी हैरान कर सकती है। वर्तमान दौर में भी उनके पास बेहतरीन प्रोजेक्ट्स की कोई कमी नहीं है और इंडस्ट्री का हर प्रमुख निर्देशक उनके साथ स्क्रीन साझा करने या उन्हें निर्देशित करने के लिए उत्सुक रहता है। अपने अभिनय कौशल के साथ-साथ वह सेट पर अपने संवेदनशील और मददगार स्वभाव के लिए भी पहचाने जाते हैं। उनके करियर से जुड़ा एक ऐसा ही यादगार प्रसंग अक्सर याद किया जाता है, जब उनकी त्वरित सूझबूझ ने एक जूनियर आर्टिस्ट की जिंदगी बचा ली थी।
जादूगर के सेट पर फिल्माया जा रहा था खास दृश्य
यह घटना साल 1989 की है, जब निर्देशक प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बन रही फिल्म जादूगर की शूटिंग चल रही थी। इस फिल्म की कहानी में अमिताभ बच्चन खुद एक जादूगर की मुख्य भूमिका निभा रहे थे। शूटिंग मुंबई स्थित प्रसिद्ध नटराज स्टूडियो में आयोजित की गई थी। उस दिन सेट पर एक जादुई करतब का सीन फिल्माया जाना था, जिसकी पटकथा के अनुसार एक जूनियर आर्टिस्ट को एक लकड़ी के बंद बक्से के भीतर रखा जाना था। सीन की योजना के मुताबिक शॉट बहुत ही व्यवस्थित ढंग से पूरा हुआ और निर्देशक ने इसे पूरी तरह ओके कर दिया।
शॉट खत्म होने के बाद सब भूले, केवल अभिनेता को रहा ध्यान
निर्देशक द्वारा शॉट फाइनल किए जाने के बाद क्रू के सभी सदस्य तेजी से अगले दृश्य की तैयारियों में जुट गए। कैमरे, लाइट्स और बैकग्राउंड आर्टिस्ट्स को री-पोजिशन किया जाने लगा, जिससे पूरा ध्यान बक्से से हट गया। इसी व्यस्त माहौल के बीच अचानक अमिताभ बच्चन का ध्यान उस बक्से पर गया, जिसके अंदर उस लड़की को बंद किया गया था। उन्हें फौरन अहसास हुआ कि शॉट खत्म होने के बावजूद किसी ने भी उस डिब्बे को खोलकर कलाकार को बाहर नहीं निकाला है। बिना एक भी पल गंवाए वह तेजी से दौड़ते हुए उस बक्से के पास पहुंचे और तुरंत उसका ढक्कन खोला।
अस्पताल में डॉक्टरों ने माना समय पर हुई मदद
बक्सा खुलते ही वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए, क्योंकि अंदर बंद लड़की पूरी तरह बेसुध हालत में पड़ी हुई थी और ऑक्सीजन की भारी कमी के कारण उसे सांस लेने में भयंकर तकलीफ हो रही थी। अमिताभ बच्चन ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांपते हुए बिना समय बर्बाद किए फौरन मेडिकल सहायता का प्रबंध करवाया। उस बेहोश आर्टिस्ट को बिना देर किए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां मेडिकल टीम ने तत्काल उसका उपचार शुरू किया। अस्पताल के डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि यदि उसे बक्से से निकालने में जरा सी भी और देरी हो जाती, तो एक गंभीर अनहोनी घट सकती थी। अमिताभ बच्चन की इसी त्वरित सजगता और दयालुता की मिसाल आज भी दी जाती है, और उनके 84वें जन्मदिन पर उनके चाहने वाले उनकी लंबी उम्र की दुआएं कर रहे हैं।



















