कानपुर और लखनऊ के बीच रोजाना आवागमन करने वाले हजारों मुसाफिरों और वाहन चालकों के लिए सफर को सुगम बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। जाजमऊ स्थित गंगा पुल के जीर्णोद्धार के साथ अब उससे सटी लगभग 100 मीटर लंबी एप्रोच रोड को भी पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा। इस मार्ग पर लंबे समय से गहरे गड्ढे बने हुए थे और डामर उखड़ने से गिट्टी व बजरी फैली रहती थी। इसके चलते पुल के मुहाने पर पहुंचते ही वाहनों की गति अचानक थम जाती थी, जिससे पीछे वाहनों का लंबा रेला लग जाता था और लोगों को भीषण जाम से जूझना पड़ता था। इस पूरे हिस्से के कायाकल्प की योजना बनने से अब सफर बिना किसी अनावश्यक रुकावट के तय हो सकेगा।
जलभराव और टीले से बहते पानी ने बिगाड़े थे सड़क के हालात
जाजमऊ गंगा पुल के समीप मार्ग की दुर्दशा काफी समय से यात्रियों के लिए मुसीबत का सबब बनी हुई थी। बरसात के दिनों में पास के टीला क्षेत्र से बहकर आने वाला बरसाती पानी सीधे सड़क पर जमा हो जाता था। पानी के तेज बहाव और लगातार जलजमाव के कारण डामर की परत उखड़ गई और देखते ही देखते गहरे गड्ढे बन गए। सड़क पर बिखरी बजरी के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को फिसलने का खतरा रहता था। लखनऊ की दिशा में आगे बढ़ने वाले मुसाफिरों को पुल पर चढ़ते ही अचानक ब्रेक लगाने पड़ते थे, जिससे चंद मिनटों का सफर घंटों की देरी में बदल जाता था।
16 सितंबर से लागू डायवर्जन के बीच संपर्क मार्ग सुधारने की तैयारी
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने जाजमऊ गंगा पुल की मरम्मत के लिए 16 सितंबर से डायवर्जन लागू कर निर्माण कार्य की शुरुआत की थी। अब इस कार्ययोजना का दायरा बढ़ाते हुए मुख्य पुल के साथ करीब 100 मीटर के क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग को भी नए सिरे से तैयार करने का निर्णय किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक सड़क के इस हिस्से को समतल और मजबूत बनाने से वाहनों की आवाजाही सामान्य हो सकेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के निदेशक पंकज यादव ने स्पष्ट किया कि टीला क्षेत्र से आने वाले पानी की वजह से मार्ग पर बजरी फैलने और गड्ढे होने की समस्या पैदा हुई थी। इसके कारण वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ जाती थी और जाम की स्थिति बनती थी, जिसे दूर करने के लिए एप्रोच रोड की मरम्मत साथ में कराई जा रही है।
रामादेवी से पुल तक के हिस्से को दुरुस्त करेगा हॉटमिक्स प्लांट
केवल पुल और 100 मीटर संपर्क मार्ग ही नहीं, बल्कि रामादेवी चौराहे से लेकर जाजमऊ पुल तक के पूरे मार्ग की स्थिति को भी संवारा जाएगा। रामादेवी के पास मार्ग का एक बड़ा हिस्सा टूटकर बदहाल हो चुका है, जहां से गुजरना चालकों के लिए परेशानी भरा साबित होता रहा है। इस हिस्से के पुनर्निर्माण के लिए विशेष हॉटमिक्स प्लांट की व्यवस्था शुरू कराई जा रही है, जिससे उच्च गुणवत्ता की डामर सड़क तैयार की जाएगी। विभागीय अधिकारियों का अनुमान है कि रामादेवी के समीप सड़क निर्माण का यह जरूरी कार्य अगले 10 से 15 दिनों की अवधि में पूरा कर लिया जाएगा।
दो प्रमुख शहरों के बीच सफर में नहीं लगेंगे बेवजह ब्रेक
लखनऊ और कानपुर को आपस में जोड़ने वाला जाजमऊ गंगा पुल दोनों महानगरों की जीवनरेखा माना जाता है। इस मार्ग पर जरा सी भी खराबी दोनों शहरों के पूरे यातायात तंत्र को प्रभावित कर देती है। रामादेवी से लेकर पुल तक और आगे एप्रोच रोड की मरम्मत पूरी होने से चालकों को गड्ढों के झटकों और बार-बार ब्रेक लगाने की मजबूरी से मुक्ति मिल जाएगी। मार्ग पूरी तरह समतल होने के बाद वाहनों की औसत गति बेहतर होगी और कानपुर से लखनऊ का सफर बिना किसी बाधा के सुचारु रूप से पूरा किया जा सकेगा।




















