सिनेमा जगत की सबसे चर्चित जोड़ियों में शुमार अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के रिश्ते की शुरुआत बेहद दिलचस्प और अप्रत्याशित अनुभवों से भरी रही। भले ही दोनों का शुरुआती आमना-सामना एफटीआईआई (FTII) में पढ़ाई के दौर में हुआ था, लेकिन एक-दूसरे को गहराई से समझने का मौका ऋषिकेश मुखर्जी की बहुचर्चित फिल्म ‘गुड्डी’ के दौरान मिला। इस फिल्म में पहले मुख्य किरदार के तौर पर अमिताभ बच्चन को जया के सामने कास्ट किया गया था, हालांकि बाद के घटनाक्रम में धर्मेंद्र ने उनकी जगह ले ली। इसी फिल्म की शूटिंग के दौरान दोनों के बीच करीबी बढ़ी, जहां आकर्षण के साथ-साथ एक अजीब सा डर भी जुड़ा हुआ था।
पहली नजर का खिंचाव और सेट पर महसूस हुई घबराहट
पहली ही मुलाकात में जया बच्चन को अमिताभ बच्चन काफी पसंद आए थे, लेकिन साथ ही उनके व्यक्तित्व में एक ऐसा असर था जिसने एक्ट्रेस को सहमा दिया था। भावना सौम्य की लिखी किताब ‘अमिताभ बच्चन द लीजेंड’ में बातचीत के दौरान जया ने स्वीकार किया था कि वह एक बेहद डॉमिनेटिंग बॉयफ्रेंड साबित हुए थे। सेट पर अमिताभ का व्यवहार उन्हें शुरुआत में काफी अजीब लगा क्योंकि वह बिना पलक झपकाए लगातार जया की तरफ घूरते रहते थे। इस तीखी नजर की वजह से एक्ट्रेस बहुत असहज महसूस करने लगी थीं। बाद में उन्हें यह अहसास हुआ कि अमिताभ अनजाने में ऐसा करते थे और उन्हें इस बात का कतई अंदाजा नहीं था कि उनकी यह गंभीर मुद्रा सामने वाले इंसान के मन में खौफ पैदा कर देती है।
सिमी ग्रेवाल के शो पर खोले रिश्ते के अनसुने पहलू
सालों बाद सिमी ग्रेवाल के प्रसिद्ध टॉक शो में शिरकत करते हुए दोनों कलाकारों ने अपने पुराने दिनों को याद किया। इस बातचीत में जया ने विस्तार से बताया कि अमिताभ से मिलने के बाद उनके दिल में कैसा डर बैठ गया था। उन्होंने साफ किया कि दुनिया भर के तमाम लोगों के बीच केवल अमिताभ बच्चन ही अकेले ऐसे शख्स थे जो उनसे अपनी मर्जी की चीजें करवा सकते थे। सामान्य तौर पर कोई भी दूसरा व्यक्ति जया को किसी बात के लिए डिक्टेट नहीं कर सकता था, लेकिन बिग बी के सामने हालात पूरी तरह बदल जाते थे और उनका आदेश चुपचाप स्वीकार्य हो जाता था।
हुकूम मानने की मजबूरी नहीं, दिल जीतने की चाहत थी
एक्ट्रेस ने इस बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि अमिताभ बच्चन की नीयत कभी भी जानबूझकर हुकूम चलाने की नहीं होती थी। असल में, जया खुद ही उनके कहे अनुसार चीजें करने लगी थीं क्योंकि उनके भीतर अमिताभ को रिझाने और उनका दिल जीतने की गहरी ख्वाहिश पैदा हो गई थी। जया के मुताबिक, जिंदगी में पहली बार ऐसा हुआ था जब उनका मन किसी को इम्प्रेस करने के लिए इतना लालायित था, जबकि इससे पहले उन्होंने कभी किसी को लुभाने का कोई प्रयास नहीं किया था। इसी चाहत के चलते वह बिग बी के हर निर्देश को सहजता से मान लेती थीं।
खामोश मोहब्बत और पुणे के सफर की यादगार दास्तान
दोनों कलाकार अपना ज्यादातर वक्त एक साथ बिताते थे, मगर किसी ने भी खुलकर अपने प्यार का इजहार नहीं किया था। दोनों एक-दूसरे को शिद्दत से पसंद करते थे, लेकिन कोई भी पहल करके रिश्ते को औपचारिक नाम देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। जया को यह भलीभांति मालूम था कि बिग बी को उनका साथ बहुत पसंद है, पर इसके अलावा एक्टर की तरफ से प्यार का कोई दूसरा ठोस इशारा नहीं मिलता था।
इस पूरे दौर की सबसे यादगार बात याद करते हुए जया ने बताया कि जब उनका कॉन्वोकेशन था, तो अमिताभ बच्चन विशेष रूप से मुंबई से पुणे पहुंचे थे। जिंदगी के उस महत्वपूर्ण पल में शामिल होने के लिए उन्होंने कई घंटों का लंबा सफर तय किया था। इसके अलावा अपने रिश्ते की मिठास बनाए रखने के लिए बिग बी अक्सर जया को कांजीवरम साड़ियां तोहफे में दिया करते थे, जो उनके अनकहे प्यार की सबसे खूबसूरत निशानी बन गई थीं।



















