भारतीय संगीत जगत में अपनी रूमानी और अनूठी आवाज के लिए मशहूर प्लेबैक सिंगर कुमार सानू ने नब्बे के दशक के अपने करियर से जुड़ा एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। अपने सुनहरे सफर में अब तक बाईस से ज्यादा भाषाओं में बीस हजार से अधिक गाने गा चुके इस दिग्गज गायक ने एक ऐसे दौर का जिक्र किया है, जब उन्हें अपनी जान का भारी जोखिम उठाते हुए दुबई में एक अंडरवर्ल्ड डॉन की निजी महफिल में गाने के लिए मजबूर होना पड़ा था। नब्बे का वो दौर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए बेहद खौफनाक और अस्थिर माना जाता था, क्योंकि तब अपराधियों और माफिया का साया फिल्म जगत पर गहराई से मंडरा रहा था और कई ऐसी घटनाएं घट चुकी थीं जिन्होंने पूरी इंडस्ट्री को हिलाकर रख दिया था।
अंडरवर्ल्ड के दबाव में करनी पड़ी थी दुबई की परफॉर्मेंस
हाल ही में एक पॉडकास्ट बातचीत के दौरान कुमार सानू ने उस घटना पर खुलकर बात की जब उन्हें दुबई जाकर एक अंडरवर्ल्ड डॉन की प्राइवेट पार्टी में अपनी प्रस्तुति देनी पड़ी थी। उन्होंने याद किया कि उस समय का माहौल कितना खतरनाक था और उस दौर में गुलशन कुमार जैसे बड़े संगीत उद्योगपति की दिनदहाड़े हुई हत्या ने हर किसी के दिल में खौफ पैदा कर दिया था। ऐसे हालात में किसी भी डॉन या माफिया के आमंत्रण या आदेश को नकार देना कलाकारों के लिए संभव नहीं था, और कुमार सानू अच्छी तरह जानते थे कि इस फरमान को ठुकराने का मतलब क्या हो सकता है, जिसके चलते उन्हें मजबूरी में उस महफिल में शामिल होना ही पड़ा।
माफिया के साथ बातचीत और नदीम-श्रावण के साथ सफर
जब पॉडकास्ट के दौरान उनसे यह सवाल किया गया कि क्या नब्बे के दशक के चरम पर उन्हें कभी किसी माफिया ने परेशान किया था, तो उन्होंने बताया कि हालांकि मुख्य अभिनेताओं के मुकाबले गायकों को इस तरह की समस्याओं का सामना कम ही करना पड़ता था, लेकिन उनके साथ एक बार ऐसा वाकया जरूर पेश आया था। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने उस व्यक्ति से बातचीत की और पूछा कि क्या वह संगीत सुनता है और उसे गाने कैसे लगते हैं, तो उस शख्स ने खुद को उनका बड़ा प्रशंसक बताया लेकिन साथ ही यह भी साफ कर दिया कि उन्हें यह परफॉर्मेंस तो हर हाल में देनी ही होगी। शुरुआती झिझक के बाद उन्होंने संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रावण के साथ दुबई की यात्रा की और वहां अपना शो सफलतापूर्वक पूरा किया।
खौफ के साए में गुजरे वो दिन और व्यक्तिगत जीवन की चर्चा
कुमार सानू ने स्वीकार किया कि उस समय मन में हर पल अपनी जान का डर सताता रहता था क्योंकि जिस तरह का सिस्टम उस वक्त सक्रिय था और जिस तरह की दिल दहलाने वाली घटनाएं सामने आ रही थीं, उससे कोई भी सहम सकता था। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब वो बुरा दौर बीत चुका है और हालात काफी हद तक बदल चुके हैं, लेकिन उस कालखंड में डर के मारे स्थिति बहुत मुश्किल थी। इसके अलावा, कुमार सानू पिछले कुछ महीनों से अपने निजी जीवन को लेकर भी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं, जिसमें कुनिका सदानंद द्वारा उनके साथ पुराने संबंधों को लेकर किया गया खुलासा और उनकी पूर्व पत्नी रीटा भट्टाचार्य द्वारा लगाए गए कई गंभीर आरोप शामिल हैं।



















