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जब विवेक ओबेरॉय के बदले अंदाज से आहत हो गए थे बॉस्को मार्टिस, कोरियोग्राफर ने शेयर किया पुराना किस्साबॉलीवुड
28 सित॰ 2026, 12:01 am (30 दिन पहले)· 4

जब विवेक ओबेरॉय के बदले अंदाज से आहत हो गए थे बॉस्को मार्टिस, कोरियोग्राफर ने शेयर किया पुराना किस्सा

कोरियोग्राफर बॉस्को मार्टिस ने विवेक ओबेरॉय के साथ अपने शुरुआती दिनों का एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि कैसे एक्टर के स्टार बनते ही उनके काम करने का तरीका बदल गया था, जिससे उन्हें पहले बुरा लगा था लेकिन बाद में समझ आया।

बॉलीवुड में जब किसी कलाकार की शुरुआती फिल्में बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर देती हैं, तो इंडस्ट्री में उसकी एक अलग धाक जम जाती है। विवेक ओबेरॉय के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था, जब साल 2002 में रिलीज हुई फिल्मों 'कंपनी' और 'साथिया' ने उन्हें रातों-रात बुलंदियों पर पहुंचा दिया था। उनके शुरुआती दौर के इस स्टारडम और उससे जुड़े एक दिलचस्प वाकये को मशहूर कोरियोग्राफर बॉस्को मार्टिस ने हाल ही में दुनिया के सामने रखा है। इस किस्से से यह पता चलता है कि कैसे एक दौर में कलाकारों के रवैये को लेकर इंडस्ट्री के अंदर काम करने वालों की सोच पर असर पड़ता है।

जब बॉस्को को कॉल पर मिला नया अनुभव

बास्को ने इस बात का खुलासा किया है कि जब विवेक का करियर तेजी से ऊपर उठ रहा था और वह एक बड़े स्टार के रूप में स्थापित हो चुके थे, तब उन्होंने एक्टर को एक गाने के सिलसिले में फोन किया था। बॉस्को किसी प्रोजेक्ट के लिए उनके साथ काम करने के इच्छुक थे और उन्होंने इसी को लेकर बात की थी। उस वक्त विवेक ने भी गाने में काम करने को लेकर हामी भरी और बातचीत की, लेकिन उन्होंने साथ ही एक ऐसी शर्त रखी जिसने कोरियोग्राफर को चौंका दिया। विवेक ने उनसे गाने की पूरी क्रिएटिव तैयारी और उसका पूरा ब्रेकडाउन मांग लिया था, जो आमतौर पर शुरुआती दौर के कलाकारों के साथ काम करते वक्त नहीं देखा जाता था।

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शुरुआत में क्यों खटक गई थी बात

बास्को ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बताया कि विवेक के इस बदले हुए प्रोफेशनल अंदाज को देखकर वह काफी हैरान रह गए थे। उन्हें उस समय यह महसूस हुआ कि शायद स्टारडम सिर चढ़कर बोल रहा है और शोहरत मिलते ही अभिनेता के व्यवहार में बदलाव आ जाता है। बॉस्को ने खुलकर यह स्वीकार किया कि उस वक्त यह सब सुनकर उन्हें विवेक की बात से काफी बुरा लगा था और उन्हें यह तरीका थोड़ा अजीब लगा था। हालांकि, वक्त गुजरने के साथ और इंडस्ट्री में अनुभव बढ़ने के बाद बॉस्को की इस पर पूरी तरह से सोच बदल गई। उन्हें बाद में यह समझ आया कि विवेक ने जो भी कहा था, उसमें असल में कोई भी गलत बात नहीं थी क्योंकि एक बड़े कलाकार के साथ काम करने के लिए सिर्फ पुरानी जान-पहचान या दोस्ती काफी नहीं होती है।

प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ का फर्क

बॉस्को ने इसी बातचीत में यह भी साफ किया कि बाद में उन्हें यह अहसास हो गया था कि विवेक अपने काम को लेकर कितने ज्यादा गंभीर और स्पष्ट हैं। उन्होंने यह भी माना कि किसी भी कलाकार के स्टार बनने के पीछे उसकी वर्षों की कड़ी मेहनत छिपी होती है और उसके साथ काम करने वाले हर व्यक्ति की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह उस स्टार को बेहतरीन तरीके से पर्दे पर पेश करने के लिए पूरी तैयारी के साथ पहुंचे। उनका यह भी मानना है कि विवेक ओबेरॉय ने काम के प्रति अपनी पेशेवर सोच को बहुत साफ रखा था। विवेक का यही मानना था कि दोस्ती और निजी रिश्तों को हमेशा पेशेवर जीवन से अलग रखना चाहिए, क्योंकि यदि काम के बीच में जरूरत से ज्यादा दोस्ती या व्यक्तिगत पहचान को लाया जाए, तो उसका बुरा परिणाम भी भुगतना पड़ सकता है।

सफर और आने वाले प्रोजेक्ट्स

आपको बता दें कि विवेक ओबेरॉय ने अपने फिल्मी सफर की शानदार शुरुआत राम गोपाल वर्मा की फिल्म 'कंपनी' से की थी। अपने करियर की पहली ही फिल्म से उन्हें वो जबरदस्त पहचान और शोहरत मिल गई थी, जो किसी भी अभिनेता के लिए मील का पत्थर साबित होती है। इसके बाद रानी मुखर्जी के साथ फिल्म 'साथिया', मणिरत्नम की 'युवा' समेत कई बेहतरीन फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से उन्होंने सिनेमा जगत में तहलका मचा दिया था। अपने करियर के शुरुआती चरण में ही वह बॉलीवुड के बड़े कलाकारों की श्रेणी में शामिल हो चुके थे। इसके अलावा, विवेक ओबेरॉय इन दिनों निर्देशक नितेश तिवारी की बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' को लेकर भी काफी चर्चा में बने हुए हैं, जिसमें वह विद्युतजिह्व का किरदार निभाते हुए नजर आने वाले हैं।

सवाल-जवाब

विवेक ओबेरॉय की किन फिल्मों ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया था?
साल 2002 में आई फिल्में 'कंपनी' और 'साथिया' ने विवेक ओबेरॉय को इंडस्ट्री में बड़ी पहचान दिलाई थी।
कोरियोग्राफर बॉस्को मार्टिस विवेक ओबेरॉय से क्यों आहत हो गए थे?
विवेक द्वारा काम मांगने पर गाने की पूरी क्रिएटिव तैयारी और ब्रेकडाउन मांगने के तरीके से बॉस्को को पहले बुरा लगा था।
बाद में बॉस्को मार्टिस की सोच विवेक ओबेरॉय को लेकर क्यों बदल गई?
बॉस्को को अहसास हुआ कि बड़े स्टार के साथ काम करने के लिए दोस्ती से ज्यादा पेशेवर तैयारी जरूरी होती है।
विवेक ओबेरॉय इन दिनों किस बड़ी फिल्म को लेकर चर्चा में हैं?
विवेक ओबेरॉय नितेश तिवारी की आने वाली फिल्म 'रामायण' को लेकर चर्चा में हैं जिसमें वह विद्युतजिह्व का किरदार निभा रहे हैं।
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टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·30 दिन पहले

स्टार बनते ही दोस्तों से पूरा वर्क-ब्रेकडाउन मांगना थोड़ा अजीब तो लगता ही है!

Aisha Khan@aisha-khan·30 दिन पहले

शुरुआती दिनों में जब दोस्त स्टार बन जाते हैं, तो उनका बदला हुआ रवैया सचमुच बहुत बुरा लगता है। बाद में समझ आता है कि काम और दोस्ती दोनों अलग चीज़ें हैं।

Arshdeep Ahluwalia@arshdeep-ahluwalia·30 दिन पहले

अदनान जी, बिल्कुल सही कहा आपने। शुरुआती दिनों के रिश्ते अपनी जगह होते हैं, पर काम के वक्त तो प्रोफेशनलिज़्म ही काम आता है।

Tanvi Desai@tanvi-desai·30 दिन पहले

बॉस्को और विवेक का यह पुराना किस्सा दिलचस्प है। क्या बाकी कोरियोग्राफर्स को भी तब ऐसी ही प्रोफेशनल डिमांड्स का सामना करना पड़ा था?

Sneha Kulkarni@sneha-kulkarni·30 दिन पहले

तनवी, मुझे नहीं लगता कि इसमें सिर्फ स्टारडम की बात थी। कोई भी एक्टर अपनी परफॉर्मेंस को लेकर थोड़ा सतर्क हो सकता है, इसे बुरा मान लेना मुझे थोड़ा अजीब लगा।

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