बॉलीवुड में एक्ट्रेसेज के लिए तय वर्किंग आवर की मांग एक बार फिर चर्चा में है, और इस बार काजल अग्रवाल ने खुलकर दीपिका पादुकोण का साथ दिया है। नई-नई मां बनी काजल ने कहा कि वे खुद भी अपने कॉन्ट्रैक्ट्स में ऐसी शर्तें जोड़ती हैं, जिनमें उनके काम के घंटे और छुट्टी का दिन साफ-साफ तय होता है।
दीपिका की मांग से शुरू हुआ था विवाद
पिछले साल दीपिका पादुकोण ने यह मुद्दा उठाया था कि फिल्म इंडस्ट्री में बड़े एक्टर आमतौर पर 8 घंटे की शिफ्ट में काम करते हैं और रविवार को उन्हें छुट्टी मिलती है, लेकिन एक्ट्रेसेज के साथ ऐसा नहीं होता। उन्हें इससे कहीं ज्यादा घंटे काम करना पड़ता है। दीपिका की इसी डिमांड की वजह से वे संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म स्पिरिट से बाहर हो गई थीं। तब से लेकर अब तक इंडस्ट्री की कई एक्ट्रेसेज इस मुद्दे पर दीपिका के साथ खड़ी हो चुकी हैं। अब इसी कड़ी में काजल अग्रवाल का नाम भी जुड़ गया है।
काजल अग्रवाल ने खुद भी कॉन्ट्रैक्ट में जोड़ी शर्तें
काजल अग्रवाल ने कहा कि वे दीपिका पादुकोण की बात को पूरी तरह समझती हैं, क्योंकि उन्होंने खुद भी अपने कॉन्ट्रैक्ट्स में कुछ इसी तरह की शर्तें शामिल करवाई हैं। काजल ने बताया कि अब वे अपने काम से जुड़ी शर्तें कॉन्ट्रैक्ट में साफ-साफ लिखवाती हैं, अपने काम के घंटे खुद तय करती हैं और रविवार को काम नहीं करतीं, ताकि वे अपने बच्चे के साथ समय बिता सकें।
काजल अग्रवाल ने कहा, अब मैं अपने कॉन्ट्रैक्ट में क्लॉज लिखवाती हूं जहां मैं अपने वर्किंग आवर्स तय करती हूं और कहती हूं कि मैं रविवार को काम नहीं करती, ताकि मैं वह समय अपने बच्चे को दे सकूं. मैं अब पहले की तरह चौबीसों घंटे काम नहीं कर सकती.
दीपिका की मांग को बताया जायज
काजल अग्रवाल ने आगे कहा कि दीपिका पादुकोण की मांग कहीं से भी गलत नहीं है और वे तय वर्किंग आवर के आइडिया का पूरा समर्थन करती हैं। उनके मुताबिक, एक्टर्स सालों तक कड़ी मेहनत करते हैं, ताकि आखिर में वे उस मुकाम तक पहुंच सकें जहां वे अपनी शर्तों पर काम कर सकें।
काजल अग्रवाल ने कहा, ये सब प्रायोरिटीज की बात है, और आप इतनी मेहनत करते हैं कि अंत में आप चॉइस की पोजीशन में पहुंच जाएं, जहां आप एक बहुत ही साधारण सी रिक्वेस्ट कर सकें, और ये मांगना ज्यादा नहीं है.
कॉर्पोरेट वर्ल्ड से की तुलना
काजल अग्रवाल ने फिल्म इंडस्ट्री की तुलना दूसरे प्रोफेशनल सेक्टर्स से भी की। उन्होंने कहा, ये कॉर्पोरेट वर्ल्ड में होता है. हर जगह होता है. फिर फिल्म इंडस्ट्री में क्यों नहीं? काजल का कहना था कि तय वर्किंग आवर और छुट्टी जैसी व्यवस्थाएं कई दूसरे प्रोफेशनल सेक्टर्स में पहले से मौजूद हैं, इसलिए फिल्म इंडस्ट्री को इस मामले में अलग तरीके से ट्रीट करने की कोई वजह नहीं बनती। उनके इस बयान के बाद यह साफ है कि तय वर्किंग आवर की मांग अब सिर्फ दीपिका पादुकोण तक सीमित नहीं रही, बल्कि इंडस्ट्री की कई और एक्ट्रेसेज भी इसे अपने कामकाज का हिस्सा बना रही हैं।
काजल अग्रवाल के इस बयान से यह भी संकेत मिलता है कि फिल्म इंडस्ट्री में एक्ट्रेसेज अब अपने कॉन्ट्रैक्ट को लेकर पहले से कहीं ज्यादा सजग हो गई हैं। वर्किंग आवर, छुट्टी के दिन और पर्सनल लाइफ को लेकर खुलकर बात करना अब आम होता जा रहा है, और आने वाले समय में यह ट्रेंड इंडस्ट्री के कामकाज के तरीके में बड़ा बदलाव ला सकता है।













