मशहूर संगीतकार और ऑस्कर विजेता एआर रहमान ने भारतीय फिल्म उद्योग से एक खास अपील की है कि वह कश्मीर को केवल हिंसा, संघर्ष और पुरानी बुरी यादों के नजरिए से पर्दे पर दिखाना बंद करे। जम्मू-कश्मीर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भाग लेने पहुंचे दिग्गज म्यूजिक कंपोजर ने कहा कि सिनेमा जगत को अब घाटी की नई तस्वीर पेश करनी चाहिए। रहमान के अनुसार, बॉलीवुड के फिल्म मेकर्स को अब कश्मीर के प्राकृतिक सौंदर्य, वहां की शांति, सुकून और सकारात्मक माहौल पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए ताकि पूरी दुनिया के सामने घाटी का एक नया, खूबसूरत और हसीन चेहरा आ सके।
सिनेमाई पर्दे पर कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता और सकारात्मक ऊर्जा
फिल्म फेस्टिवल के दौरान मीडिया से हुई खास बातचीत में जब एआर रहमान से यह पूछा गया कि क्या बॉलीवुड निर्माताओं को कश्मीर में फिल्मों की शूटिंग का दायरा और ज्यादा बढ़ाना चाहिए, तो उन्होंने भविष्य को लेकर अपनी स्पष्ट और सकारात्मक राय रखी। रहमान ने कहा कि अतीत अब बीत चुका है और आने वाला कल बेहद चमकदार और उज्ज्वल है। उन्होंने कहा कि कश्मीर एक ऐसी अनोखी जगह है जिसकी नैसर्गिक सुंदरता, शांति और पॉजिटिव वाइब्स किसी भी कलाकार, संगीतकार या फिल्म निर्देशक को नई और मौलिक कलाकृतियां रचने की गहरी प्रेरणा दे सकती हैं। इसलिए मेकर्स को अब इस सकारात्मक पहलू को बड़े पर्दे पर जगह देनी चाहिए।
कमर्शियल एड शूटिंग, आगामी लाइव कॉन्सर्ट और नए प्रोजेक्ट्स
घाटी की अपनी मौजूदा यात्रा के बारे में बात करते हुए एआर रहमान ने खुलासा किया कि वह यहां एक कमर्शियल विज्ञापन (एड) की शूटिंग के लिए आए थे, जिसका काम अब पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। इसके साथ ही संगीत सम्राट ने संकेत दिया कि वह आने वाले समय में कश्मीर में एक विशाल लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट का आयोजन कर सकते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वह स्थानीय कलाकारों और संगीत से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स को लेकर लगातार बातचीत कर रहे हैं। रहमान ने अपनी उत्सुकता जाहिर करते हुए कहा कि वे जल्द ही कश्मीर में मौजूद अपने अनगिनत फैंस के लिए स्टेज पर उतरकर लाइव परफॉर्म करना चाहते हैं।
'रॉकस्टार' के दिनों की याद और कश्मीरी लोक संगीत का जादू
कश्मीर की समृद्ध संगीत संस्कृति और वहां के स्थानीय सिंगर्स की तारीफ करते हुए एआर रहमान ने साल 2011 में आई अपनी चर्चित फिल्म 'रॉकस्टार' के दिनों का जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि उस फिल्म के संगीत एल्बम की तैयारी के दौरान उन्होंने कश्मीर की स्थानीय महिलाओं की प्राकृतिक आवाजों में पारंपरिक लोक गीत रिकॉर्ड किए थे, जिन्हें बाद में फिल्म के संगीत में इस्तेमाल किया गया था। रहमान ने कहा कि वह एक बार फिर घाटी की स्थानीय गायन प्रतिभा और आर्टिस्ट्स के साथ मिलकर काम करने तथा कश्मीरी लोक संगीत की मिठास को दुनिया भर के संगीत प्रेमियों तक पहुंचाने के लिए बेहद एक्साइटेड हैं।



















