बॉलीवुड में अपनी खास पहचान बनाने वाली अभिनेत्री कैटरीना कैफ इन दिनों व्यक्तिगत जीवन और सार्वजनिक उपस्थिति को लेकर लगातार चर्चा में बनी हुई हैं। विक्की कौशल के साथ विवाह और एक बेटे को जन्म देने के बाद से उन्होंने फिल्मों में अपनी सक्रियता काफी सीमित कर ली है तथा अपना अधिकांश समय परिवार को दे रही हैं। हाल ही में किसी सार्वजनिक जगह पर नजर आने के दौरान उनके बढ़े हुए वजन को लेकर कुछ लोगों ने उन्हें ट्रोल करने का प्रयास किया, जिसके समर्थन में सलमान खान समेत फिल्म जगत के कई जाने-माने चेहरे मजबूती से खड़े नजर आए।
ब्रिटिश हांगकांग में जन्मीं 43 वर्षीय कैटरीना कैफ का पूरा नाम कैटरीना रोसमैरी टरकोट है। उनका बचपन दुनिया के कई अलग-अलग मुल्कों में बीता, जिसमें लंदन प्रवास भी शामिल रहा। लंदन में लगभग तीन वर्षों तक रहने के दौरान एक मॉडलिंग प्रोजेक्ट पर काम करते समय फिल्म निर्देशक कैजाद गुस्ताद का ध्यान उन पर गया। इस मुलाकात के बाद कैजाद गुस्ताद ने उन्हें वर्ष 2003 में रिलीज हुई अपनी फिल्म बूम में अभिनय का मौका दिया, जिसने भारतीय फिल्म उद्योग में उनके लंबे सफर की शुरुआत की।
कठिन परिस्थितियों में आठ संतानों का पालन-पोषण
कैटरीना कैफ का पारिवारिक ताना-बाना काफी अनूठा रहा है। उनके पिता मोहम्मद कैफ कश्मीरी मूल के व्यवसायी हैं, जबकि मां सुजैन टरकॉट पेशे से एक वकील होने के साथ-साथ समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता रही हैं। जब कैटरीना काफी छोटी थीं, तभी उनके माता-पिता के बीच अलगाव हो गया और दोनों ने तलाक ले लिया। इसके बाद परिवार के सभी आठ बच्चों की पूरी जिम्मेदारी मां सुजैन के कंधों पर आ गई। उन्होंने बिना किसी सहारे के अकेले ही पूरे परिवार को संभाला। भाई-बहनों में कैटरीना के अलावा एक बड़ा भाई, तीन बड़ी बहनें और तीन छोटी बहनें शामिल हैं। अकेले संघर्ष करते हुए भी सुजैन ने बच्चों की बेहतर परवरिश के साथ अपने सामाजिक सरोकारों को कभी पीछे नहीं छूटने दिया।
लंदन की सुख-सुविधाएं छोड़ ग्रामीण भारत का रुख
जहां कैटरीना कैफ ने शोबिज और ग्लैमर की दुनिया में शोहरत की बुलंदियों को छुआ, वहीं उनकी मां सुजैन टरकॉट ने बिल्कुल विपरीत और सादगी भरा रास्ता चुना। वर्ष 2008 में वह लंदन के आरामदेह जीवन को छोड़कर हमेशा के लिए भारत आ गईं और तमिलनाडु के एक बेहद पिछड़े गांव को अपनी कर्मभूमि बना लिया। वहां उन्होंने रिलीफ प्रोजेक्ट्स इंडिया नामक गैर-सरकारी संगठन की स्थापना की। इस संस्था का प्राथमिक उद्देश्य सरकारी स्कूलों में जाने वाले गरीब ग्रामीण बच्चों को शाम के वक्त बिल्कुल मुफ्त में ट्यूशन पढ़ाना और उनकी नींव मजबूत करना था।
सीमित संसाधनों में माउंटेन व्यू स्कूल का विस्तार
शुरुआती ट्यूशन केंद्र की सफलता के बाद सुजैन ने वर्ष 2015 में माउंटेन व्यू स्कूल की नींव रखी। शुरुआत में इस विद्यालय में मात्र 30 बच्चे पढ़ने आते थे, लेकिन उनके अथक प्रयासों से आज यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 300 तक पहुंच चुकी है। मदुरै के पास स्थित इस सुदूर इलाके में काम करना सुजैन के लिए आसान नहीं रहा है।
खुद कैटरीना कैफ ने पूर्व में दिए एक साक्षात्कार में अपनी मां के समर्पण का जिक्र करते हुए बताया था कि जिस गांव में उनकी मां स्कूल संचालित करती हैं और खुद शिक्षक बनकर पढ़ाती हैं, वहां बिजली केवल कुछ घंटों के लिए ही उपलब्ध होती है। इसके अलावा इंटरनेट कनेक्टिविटी की भी भारी किल्लत रहती है, जिसके कारण कई बार मां और बेटी के बीच फोन कॉल पर ठीक तरह से बातचीत कर पाना भी मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद सुजैन ने कभी शहरी सुख-सुविधाओं की ओर वापस मुड़कर नहीं देखा।
25 गांवों में सामाजिक बदलाव की अलख
आज जब सुजैन के सभी बच्चे अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी तरह आत्मनिर्भर और सफल हो चुके हैं, तब भी वह लगातार जमीनी स्तर पर सेवा कार्यों में जुटी हुई हैं। अभिनेत्री कैटरीना कैफ भी अपनी मां के इस नेक काम में आर्थिक रूप से पूरा सहयोग देती हैं। वर्तमान समय में रिलीफ प्रोजेक्ट्स इंडिया का कार्यक्षेत्र 25 गांवों तक फैल चुका है। यह संस्था अब केवल स्कूली पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण, जीवन कौशल प्रशिक्षण, युवाओं के करियर मार्गदर्शन, स्वास्थ्य जागरूकता, सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम और किशोरों के समग्र विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण सामाजिक प्रकल्पों का संचालन प्रभावी ढंग से कर रही है।



















