सिनेमा जगत में अक्सर चर्चित उपन्यासों और किताबों पर फिल्में बनती रही हैं, लेकिन कई बार कालजयी कविताएं भी सिल्वर स्क्रीन पर पहुंचकर इतिहास रच देती हैं। हिंदी सिनेमा के कई ऐसे सदाबहार गीत हैं, जिनकी जड़ें सदियों पुरानी साहित्यिक और सूफी धरोहरों से जुड़ी हैं। ऐसा ही एक अविस्मरणीय उदाहरण अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के सबसे लोकप्रिय और ऊर्जावान डांस ट्रैक्स में शुमार एक गीत का है, जो मूल रूप से सदियों पुरानी पंजाबी सूफी रचना से प्रेरित होकर बड़े पर्दे पर छाया था।
18वीं सदी के बाबा बुल्ले शाह का कलाम
यह बहुचर्चित गीत 'याराना' फिल्म का प्रसिद्ध ट्रैक 'मेरा पिया घर आया' है। इस रचना की मूल पृष्ठभूमि 18वीं शताब्दी के महान सूफी कवि बाबा बुल्ले शाह के कलाम में मौजूद है। बाबा बुल्ले शाह ने इस सूफी कविता की रचना की थी, जिसमें आध्यात्मिक प्रेम और विरह के बाद प्रियतम के आगमन का भावुक उल्लास समाहित था। कई पीढ़ियों तक यह सूफी कलाम शास्त्रीय और लोक परंपराओं का हिस्सा बना रहा।
नुसरत फतेह अली खान की कव्वाली और इसकी लोकप्रियता
इस ऐतिहासिक सूफी रचना को व्यापक वैश्विक पहचान दिलाने में महान संगीतकार और गायक नुसरत फतेह अली खान का असाधारण योगदान रहा। उन्होंने इस सूफी कलाम के मर्म को पहचानते हुए इसे एक बेहद प्रभावशाली कव्वाली के रूप में गाया। उनकी पुरकशिश आवाज में प्रस्तुत इस कव्वाली को संगीत प्रेमियों के बीच जबरदस्त मकबूलियत मिली। इसके बाद इस रचना को सबरी ब्रदर्स, ममता जोशी और राहत फतेह अली खान जैसे कई प्रमुख कलाकारों ने भी अपनी अनूठी शैलियों में पेश किया।
साल 1995 में 'याराना' में हुआ बॉलीवुड रूपांतरण
कव्वाली की इसी जबरदस्त लोकप्रियता को ध्यान में रखते हुए हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के फिल्मकारों ने इसे मुख्यधारा के सिनेमाई संगीत में ढालने की योजना बनाई। साल 1995 में निर्देशक डेविड धवन अपनी रोमांटिक थ्रिलर फिल्म 'याराना' लेकर आए, जिसमें ऋषि कपूर, माधुरी दीक्षित और राज बब्बर ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। फिल्म के संगीत पक्ष को मजबूती देने के लिए मेकर्स ने बाबा बुल्ले शाह की इसी लोकप्रिय रचना को एक कमर्शियल डांस नंबर का रूप दिया।
माधुरी दीक्षित का डांस और कविता कृष्णमूर्ति का सम्मान
फिल्म में इस रीक्रिएटेड गीत का संगीत संगीतकार अनु मलिक ने तैयार किया, जबकि इसके बोलों को अपनी आवाज मशहूर गायिका कविता कृष्णमूर्ति ने दी। पर्दे पर पीले रंग के पारंपरिक लहंगे में माधुरी दीक्षित के एनर्जेटिक डांस परफॉर्मेंस ने इस गाने को सिनेमा इतिहास के सबसे यादगार डांस नंबर्स में शामिल कर दिया। इस गीत की विशाल सफलता के चलते गायिका कविता कृष्णमूर्ति को प्रतिष्ठित फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर के पुरस्कार से नवाजा गया।



















