बॉलीवुड में संगीत की दुनिया कई ऐसी दिलचस्प कहानियों से भरी पड़ी है जहां रिजेक्ट की गई धुनों ने आगे चलकर इतिहास रच दिया। ऐसा ही एक यादगार किस्सा 1991 की ब्लॉकबस्टर फिल्म साजन के बेहद लोकप्रिय रोमांटिक ट्रैक मेरा दिल भी कितना पागल है से जुड़ा हुआ है। इस सदाबहार धुन को संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण ने फिल्म बनने से काफी पहले ही तैयार कर लिया था, लेकिन शुरुआती दौर में कोई भी फिल्म निर्माता इसे अपनी फिल्म में शामिल करने के लिए राजी नहीं था। आखिरकार जब साजन के निर्माताओं ने इस धुन पर भरोसा जताया, तो इसने रिलीज होते ही पूरे देश में तहलका मचा दिया और आज 35 साल गुजर जाने के बाद भी यह गाना श्रोताओं के दिलों पर राज कर रहा है।
रिजेक्शन से लेकर ब्लॉकबस्टर बनने का सफर
नदीम-श्रवण ने जब यह धुन बनाई थी, तब उन्हें कई जगह निराशा हाथ लगी क्योंकि कोई भी प्रोड्यूसर इसे अपने प्रोजेक्ट में जगह देने को तैयार नहीं दिख रहा था। काफी मशक्कत के बाद जब इसे 1991 में रिलीज हुई फिल्म साजन के लिए फाइनल किया गया, तो नतीजे चौंकाने वाले रहे। इस गाने में माधुरी दीक्षित का किरदार संजय दत्त के सामने अपने अनकहे प्यार का इजहार करता नजर आता है। दोनों कलाकारों की ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और यह ट्रैक भारतीय सिनेमा के सबसे मशहूर प्रेम गीतों में शुमार हो गया।
ऑडियो कैसेट बिक्री के टूटे सारे रिकॉर्ड
फिल्म साजन का म्यूजिकल एल्बम अपने दौर का एक अभूतपूर्व कमर्शियल मील का पत्थर साबित हुआ। इस फिल्म का साउंडट्रैक साल 1991 का सबसे अधिक बिकने वाला बॉलीवुड ऑडियो एल्बम बना, जिसकी 70 लाख से ज्यादा कॉपियां और कैसेट बिके। इस गाने को पार्श्वगायक कुमार सानू और अलका याग्निक ने अपनी सुरीली आवाजों से सजाया था। श्रोताओं की दीवानगी का आलम यह था कि उस दौर में हर नुक्कड़, गली और रेडियो स्टेशन पर सिर्फ इसी गाने की गूंज सुनाई देती थी।
अवॉर्ड्स और शानदार एल्बम की टीम
इस गाने की जादुई सफलता ने गायकी और संगीत के क्षेत्र में बड़े सम्मान भी दिलाए। कुमार सानू को इस बेहतरीन गाने के लिए बेस्ट मेल प्लेबैक सिंगर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला, जो उनके करियर का दूसरा फिल्मफेयर पुरस्कार था। इसके साथ ही आईएमडीबी के विवरण के अनुसार इस गाने के दम पर नदीम को भी दूसरी बार फिल्मफेयर पुरस्कार से नवाजा गया। फिल्म साजन में कुल 9 गाने फिल्माए गए थे, जिनकी रचना नदीम-श्रवण ने की थी। इन सभी गानों के बोल गीतकार समीर और फैज अनवर ने लिखे थे, जिनकी लेखनी ने एल्बम की भावनात्मक गहराई को और मजबूत किया।
स्टारकास्ट और दोस्ती का अनोखा लव ट्रायंगल
साजन केवल अपने शानदार गानों तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि इसकी स्टारकास्ट और कहानी ने भी बॉक्स ऑफिस पर करिश्मा दिखाया था। फिल्म में संजय दत्त और माधुरी दीक्षित के साथ सलमान खान भी मुख्य भूमिका में नजर आए थे। कहानी में दिखाया गया लव ट्रायंगल, संजय दत्त के किरदार का आत्म-बलिदान और गहरी दोस्ती दर्शकों के दिलों को छू गई। जब यह फिल्म सिनेमाघरों में उतरी तो लंबे समय तक थिएटर्स हाउसफुल रहे और इसने टिकट खिड़की पर जबर्दस्त कमाई की।
माधुरी दीक्षित और नब्बे के दशक के हिट नंबर्स
उस दौर में माधुरी दीक्षित का जादू हर तरफ छाया हुआ था। साजन की जबर्दस्त कामयाबी के अलावा उन्होंने फिल्म बेटा के गानों को भी ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर बनाया था। माधुरी दीक्षित ने अपने इंटरव्यूज में इस बात का भी खुलासा किया था कि शुरुआत में उन्हें बेटा में काम न करने की सलाह दी गई थी। इतना ही नहीं, उस फिल्म का मुख्य टाइटल ट्रैक तो पूरी फिल्म की शूटिंग खत्म होने के बाद जोड़ा गया था, जिसने आगे चलकर नब्बे के दशक के एक बेहद प्रतिष्ठित और आइकॉनिक गाने की पहचान हासिल की।


















