बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता शम्मी कपूर और उनकी पत्नी नीला देवी का रिश्ता सिनेमा जगत के सबसे चर्चित और खूबसूरत रिश्तों में गिना जाता है। विवाह से काफी पहले से नीला देवी अभिनेता की बहुत बड़ी प्रशंसक थीं। हाल ही में उन्होंने अपने जीवन का एक ऐसा यादगार वाकया साझा किया, जो आज भी उनके जेहन में पूरी तरह ताजा है। यह पूरा किस्सा साल 1968 के उनके जन्मदिन से जुड़ा है, जब उन्होंने अपने पसंदीदा सितारे को अपनी पार्टी का न्योता भेजा था, लेकिन वह वहां नहीं पहुंच सके थे।
भतीजे जतिन सियाल के साथ बातचीत में छलकी पुरानी यादें
नीला देवी ने यह दिलचस्प संस्मरण अपने भतीजे और अभिनेता जतिन सियाल के साथ चर्चा करते हुए बयां किया। जतिन सियाल हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता पृथ्वीराज कपूर के पोते हैं। जब एक पारिवारिक बातचीत के सिलसिले में जतिन ने उनसे जीवन के सबसे खास और यादगार जन्मदिन के बारे में सवाल किया, तब नीला देवी ने मुस्कुराते हुए साल 1968 के उस दिलचस्प दिन की पूरी कहानी सुनाई।
नीला देवी ने खुलासा किया कि वह बचपन के दिनों से ही शम्मी कपूर के काम को बेहद पसंद करती थीं। उस दौर तक उनकी कभी अभिनेता से आमने-सामने कोई मुलाकात भी नहीं हुई थी। इस खास मौके को याद करते हुए नीला देवी ने कहा, “मैं बचपन से शम्मी कपूर को बहुत पसंद करती थी, लेकिन उनसे कभी मुलाकात तक नहीं हुई थी।” नीला देवी के मुताबिक, उनके भाई ने उस साल उनके जन्मदिन पर एक शानदार पार्टी आयोजित करने की योजना बनाई थी। जब भाई ने उनसे पूछा कि वह अपनी इस महफिल में किस सबसे खास शख्स की मौजूदगी चाहती हैं, तो नीला देवी ने बिना एक पल भी गंवाए शम्मी कपूर का नाम ले लिया।
कलकत्ता से लौटने के बाद अचानक बिगड़ गई थी तबीयत
बहन की ख्वाहिश पूरी करने के लिए उनके भाई ने सीधे शम्मी कपूर से संपर्क साधा। उन दिनों अभिनेता अपनी चर्चित फिल्म ‘ब्रह्मचारी’ के भव्य प्रीमियर में शामिल होने के लिए कलकत्ता गए हुए थे और वहां से हाल ही में वापस लौटे थे। सफर से लौटने के तुरंत बाद उनकी सेहत अचानक नासाज हो गई। खराब स्वास्थ्य की वजह से वह नीला देवी के जन्मदिन के जश्न में शामिल नहीं हो पाए और उन्होंने पार्टी में आने में अपनी असमर्थता जता दी।
हालांकि, अभिनेता को जब यह पता चला कि नीला देवी उनकी कितनी बड़ी प्रशंसक हैं, तो उन्होंने उनके भाई से वादा किया कि वह इस गैरमौजूदगी की भरपाई जरूर करेंगे। वह नीला के लिए कुछ बेहद खास करना चाहते थे। इस घटना को याद करते हुए नीला देवी ने बेहद हल्के-फुल्के और मजाकिया अंदाज में बताया कि उस एक शाम पार्टी में न पहुंच पाने की भरपाई शम्मी कपूर को शादी के बाद जिंदगी भर करनी पड़ी।
कुछ ही महीनों में शादी के बंधन में बंधे नीला देवी और शम्मी कपूर
इस जन्मदिन के कुछ ही महीनों बाद दोनों की जिंदगी ने एक नया और खूबसूरत मोड़ ले लिया। नीला देवी और शम्मी कपूर ने 27 जनवरी 1969 को शादी कर ली। यह शादी मुंबई में शम्मी कपूर के निजी आवास पर आयोजित हुई थी, जिसमें परिवार के सदस्यों और बेहद करीबी दोस्तों ने शिरकत की थी। एक प्रशंसक से जीवनसाथी बनने का यह सफर दोनों के लिए बेहद खास रहा।
नीला देवी के साथ दांपत्य जीवन शुरू करने से पहले शम्मी कपूर का विवाह मशहूर अभिनेत्री गीता बाली से हुआ था। शम्मी कपूर और गीता बाली की पहली मुलाकात एक फिल्म के सेट पर हुई थी। वक्त के साथ यह जान-पहचान गहरे प्यार में तब्दील हो गई और दोनों ने साल 1955 में शादी रचा ली। इस शादी से उनके दो बच्चे हुए, जिनका नाम आदित्य राज कपूर और कंचन है।
जनवरी 1965 में चेचक की गंभीर बीमारी के कारण महज 34 साल की उम्र में गीता बाली का असामयिक निधन हो गया था। पत्नी के अचानक चले जाने से शम्मी कपूर भीतर तक टूट गए थे और इस सदमे का उन पर बेहद गहरा भावनात्मक असर पड़ा था। उस कठिन दौर में वह अपनी मशहूर फिल्म ‘तीसरी मंजिल’ की शूटिंग में व्यस्त थे। गीता बाली के निधन के गहरे दुख की वजह से उन्होंने कुछ वक्त के लिए फिल्मों की शूटिंग और सिनेमाई गतिविधियों से पूरी तरह दूरी बना ली थी।


















