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नेपाल त्रासदी: कैलाश मानसरोवर यात्रा से सुरक्षित मुंबई लौटीं मानसी पारेख, बयां किया डरावना मंजरबॉलीवुड
31 अग॰ 2026, 9:28 am (1 घंटे पहले)· 2

नेपाल त्रासदी: कैलाश मानसरोवर यात्रा से सुरक्षित मुंबई लौटीं मानसी पारेख, बयां किया डरावना मंजर

कैलाश मानसरोवर की यात्रा के दौरान नेपाल में आई भयंकर आपदा के बीच फंसी अभिनेत्री मानसी पारेख आखिरकार सुरक्षित अपने घर मुंबई लौट आई हैं। उनके साथ ईशा फाउंडेशन के 93 यात्री भी थे, जिनका कुछ दिनों तक संपर्क टूट गया था।

बॉलीवुड और टेलीविज़न जगत की मशहूर अदाकारा मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर की अपनी आध्यात्मिक यात्रा पूरी करने के बाद सकुशल मुंबई वापस आ चुकी हैं। नेपाल में अचानक आए फ्लैश फ्लड यानी तेज सैलाब के बाद उनके लापता होने की तमाम खबरें सामने आ रही थीं, जिसके चलते उनके परिवार और चाहने वालों में गहरी चिंता छा गई थी। जैसे ही मानसी ने मुंबई की धरती पर कदम रखा, उनका पूरा परिवार भावुक हो उठा और राहत की सांस ली। वह ईशा फाउंडेशन के उन 93 यात्रियों के दल के साथ वापस लौटी हैं, जो कैलाश मानसरोवर गए थे और पिछले तीन से चार दिनों से जिनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था। मुंबई एयरपोर्ट पर पहुँचने के बाद मानसी ने इस पूरी प्राकृतिक आपदा और अपनी इस कठिन यात्रा के खौफनाक अनुभवों को खुलकर साझा किया।

तिब्बत सीमा पर टल गई बड़ी मुसीबत

मानसी पारेख ने इस भयावह अनुभव को याद करते हुए बताया कि उनका यह सफर बेहद लंबा और कठिन चुनौतियों से भरा हुआ था। तिब्बत और नेपाल की सीमा पर एक बहुत बड़ी इमीग्रेशन बिल्डिंग स्थित है, जहाँ से मात्र सात दिन पहले उन्होंने चीन की सीमा में प्रवेश किया था। उनकी कैलाश यात्रा सफलताaपूर्वक संपन्न हो चुकी थी और वे चीन से बाहर निकलने ही वाले थे, लेकिन इस हादसे से ठीक चौबीस घंटे पहले हालात पूरी तरह बदल गए। जब उन्होंने इस तबाही के वीडियो देखे और इस भयंकर घटना के बारे में जानकारी मिली, तो उनके मुँह से शब्द तक निकलना बंद हो गए थे और उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वे क्या प्रतिक्रिया दें। जिस विशाल इमीग्रेशन बिल्डिंग को उन्होंने कुछ दिन पहले देखा था, वह पूरी तरह बह चुकी थी और आसपास का पूरा का पूरा गाँव तहस-नहस हो गया था। मात्र चौबीस घंटे के भीतर पूरा गाँव नक्शे से गायब हो चुका था, जिसे देखकर यह अहसास हुआ कि इंसान की जिंदगी कितनी ज्यादा अनिश्चित है और इस जीवन में किसी भी पल कुछ भी हो सकता है।

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प्रकृति के इस भयंकर प्रकोप ने झकझोर दिया

इस पूरी त्रासदी को बेहद दुखद और डरावना बताते हुए अभिनेत्री ने आगे कहा कि वह पूरा पर्वतीय क्षेत्र अब केवल कीचड़ और मलबे में डूब चुका है, जहाँ फँसे हुए लोगों को ढूँढ पाना बेहद मुश्किल काम है। पानी का बहाव इतना भीषण और खतरनाक था कि लोग बहते-बहते तीन सौ किलोमीटर दूर तक चले गए। यह सीधे तौर पर प्रकृति का भयंकर प्रकोप है जिसके आगे किसी की नहीं चलती और इसे कोई ताकत रोक भी नहीं सकती थी। यह एक ऐसा अचानक हुआ हादसा था जिस पर किसी का नियंत्रण नहीं था और न ही किसी ने कभी सपने में भी सोचा था कि ऐसा कुछ हो सकता है। यह मंजर इतना भयानक था कि आज भी उस पर पूरी तरह यकीन कर पाना बेहद मुश्किल लगता है और यह दिल को झकझोर देने वाला अनुभव रहा।

लापता होने की खबरों से मचा था हड़कंप

कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान जब मानसी पारेख के संपर्क से बाहर होने और लापता होने की खबरें फैलीं, तो उनके तमाम फैंस और परिजनों में भारी हड़कंप मच गया था। हर कोई उनकी सलामती की दुआ माँग रहा था और उनके शुभचिंतक लगातार भगवान से उनके सुरक्षित लौटने की प्रार्थना कर रहे थे। गनीमत यह रही कि वह सकुशल भारत लौट आई हैं जिससे सभी ने चैन की साँस ली है। इस पूरी घटना से कुछ घंटे पहले ही मानसी ने अपनी इस पवित्र यात्रा की कुछ खूबसूरत झलकियाँ सोशल मीडिया पर साझा की थीं, जिसके तुरंत बाद आए इस संकट ने उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया था।

सवाल-जवाब

मानसी पारेख किस धार्मिक यात्रा से मुंबई लौटी हैं?
मानसी पारेख कैलाश मानसरोवर की यात्रा से सुरक्षित मुंबई लौटी हैं।
मानसी पारेख के साथ कितने लोग यात्रा पर गए थे?
मानसी पारेख ईशा फाउंडेशन के 93 लोगों के दल के साथ कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं।
नेपाल में कौन सी आपदा आई थी जिसके कारण वे फँसी थीं?
नेपाल में अचानक फ्लैश फ्लड यानी तेज सैलाब आया था जिसके कारण वे यात्रा के दौरान फँसी थीं।
मानसी पारेख ने इस यात्रा के बारे में क्या अनुभव साझा किया?
उन्होंने बताया कि तिब्बत-नेपाल सीमा पर स्थित इमीग्रेशन बिल्डिंग और पूरा गाँव चौबीस घंटे में बह गया, जिससे यह साबित होता है कि जिंदगी बेहद अनिश्चित है।
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