नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही भव्य फिल्म रामायण को लेकर दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता बनी हुई है। करीब 4000 करोड़ रुपये के बजट से तैयार हो रही इस पौराणिक फिल्म में कई बड़े कलाकार नजर आने वाले हैं। इसी क्रम में सुपरहिट वेब सीरीज पंचायत में अपनी बेहतरीन अदाकारी से पहचान बनाने वाले अभिनेता फैसल मलिक भी इस प्रोजेक्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। फिल्म में वह कुंभकर्ण का अहम किरदार निभा रहे हैं। हाल ही में जारी किए गए फिल्म के टीज़र में उनका पहला दृश्य सामने आया, हालांकि भारी प्रोस्थेटिक मेकअप और अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स के कारण उन्हें पहली नज़र में पहचानना आसान नहीं है।
प्रयागराज से मुंबई तक का मुश्किल सफर
फैसल मलिक की आज की सफलता के पीछे संघर्षों की एक लंबी कहानी छिपी हुई है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के रहने वाले फैसल महज 22 वर्ष की आयु में अपनी आँखों में अभिनेता बनने का सपना संजोकर मायानगरी मुंबई पहुँचे थे। जब उन्होंने इस शहर में पहला कदम रखा था, तब उन्हें इस बात का जरा भी अहसास नहीं था कि भविष्य में वह पर्दे पर इतना बड़ा काम करेंगे। मुंबई आने के बाद उन्हें जल्द ही समझ आ गया कि यहाँ अपनी जगह बनाना बेहद कठिन काम है। उन्होंने अपने एक साक्षात्कार में साझा किया था कि मुंबई शहर इंसान को सपने दिखाने के साथ-साथ उन सपनों को सच करने की कीमत भी अच्छी तरह सिखा देता है।
10 रुपये की फीस देकर स्टेशन पर गुजारीं रातें
अभिनय जगत में अपनी पहचान बनाने की राह में फैसल मलिक को गंभीर आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। शुरुआती दिनों में उनके लिए अपने रोज़मर्रा के बुनियादी खर्चे उठाना भी एक बड़ी चुनौती बन गया था। यद्यपि उनका परिवार आर्थिक सहायता भेजता था, लेकिन बार-बार परिजनों से पैसे माँगना उन्हें सही नहीं लगता था। इसी कारण उन्होंने अपना खर्च चलाने के लिए नौकरियों की तलाश शुरू की। संघर्ष का दौर इतना कठिन था कि उनके पास रहने के लिए छत तक नहीं थी। रहने का कोई ठिकाना न होने के कारण उन्हें खुले आसमान के नीचे और सड़कों पर रातें बितानी पड़ीं। कई बार तो उन्हें रेलवे स्टेशन पर सोने के लिए 10 रुपये की फीस चुकानी पड़ती थी।
मुश्किलों ने बनाया बेहतर इंसान और अभिनेता
तमाम अभावों और कठिनाइयों के बावजूद फैसल मलिक ने कभी हार नहीं मानी और न ही अपने इस संघर्ष का इस्तेमाल किसी की हमदर्दी हासिल करने के लिए किया। उनका मानना है कि जीवन के उन कठिन अनुभवों ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाया। उन विपरीत परिस्थितियों ने उन्हें न केवल एक परिपक्व इंसान बनाया बल्कि एक बेहतर कलाकार के रूप में भी निखारा। उन्होंने सिने उद्योग में धीरे-धीरे अपनी राह बनाई। अभिनय करने के साथ-साथ उन्होंने कैमरे के पीछे भी अनेक जिम्मेदारियाँ निभाईं। लेकिन उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्हें लोकप्रिय OTT सीरीज पंचायत में काम करने का अवसर मिला। इस सीरीज ने उनके करियर को नई ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया।
4000 करोड़ी रामायण में मिला बड़ा मौका
अब 4000 करोड़ रुपये के विशाल बजट वाली फिल्म रामायण में कुंभकर्ण की भूमिका निभाकर फैसल मलिक अपने करियर की सबसे बड़ी छलांग लगाने जा रहे हैं। निर्माताओं ने उनके इस पौराणिक किरदार को पर्दे पर प्रामाणिक और प्रभावशाली बनाने के लिए आधुनिक प्रोस्थेटिक्स तकनीक का सहारा लिया है। टीज़र में उनके लुक को देखने के बाद प्रशंसकों में इस बात की ज़बरदस्त चर्चा है कि वे इस भूमिका में कैसा प्रदर्शन करेंगे। रेलवे स्टेशन पर 10 रुपये देकर रात बिताने वाले एक साधारण युवक से लेकर भारत की सबसे महँगी फिल्मों में से एक का हिस्सा बनने तक का फैसल मलिक का सफर प्रेरणादायक है।



















