सिनेमा के पर्दे पर लीक से हटकर विषय चुनने के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता आयुष्मान खुराना एक बार फिर बेहद दिलचस्प और अनोखी कहानी के साथ दर्शकों के सामने आने की तैयारी में हैं. उनकी आगामी फिल्म 'उड़ता तीर' को लेकर चर्चाएं गर्म हैं, जिसमें उनका किरदार एक अलग ही उलझन और रोमांच से भरा हुआ है. इस फिल्म में वह बिलाल अहमद नाम के एक ऐसे पाकिस्तानी जासूस की भूमिका निभा रहे हैं, जो अपनी याद्दाश्त खो जाने के बाद खुद को भारतीय नागरिक समझने लगता है. इस असामान्य कथानक और किरदार के चुनाव को लेकर उन्होंने अपनी सोच साझा की है और बताया है कि फिल्मों के चयन में उनके लिए सबसे बड़ी प्राथमिकता क्या होती है.
अनुभव से बढ़कर पटकथा और निर्देशक की सोच
फिल्मों के चयन पर बात करते हुए अभिनेता ने स्पष्ट किया कि किसी प्रोजेक्ट से जुड़ते वक्त वह कभी यह नहीं आंकते कि फिल्म बना रहे निर्देशक का पुराना ट्रैक रिकॉर्ड क्या है. उनके लिए यह बात बिल्कुल मायने नहीं रखती कि कोई फिल्ममेकर अपनी पहली फिल्म का निर्देशन कर रहा है या फिर वह अपनी दसवीं फिल्म बना रहा है. उनके निर्णय का सबसे अहम आधार सिर्फ और सिर्फ फिल्म की पटकथा और उसे स्क्रीन पर पेश करने की निर्देशक की मूल सोच होती है. अगर कहानी में नयापन है और निर्देशक के पास उसे कहने का स्पष्ट विजन है, तो वह पूरे भरोसे के साथ प्रोजेक्ट से जुड़ते हैं.
मजबूत कहानियों और सामाजिक संदेशों से सजी यात्रा
अपने फिल्मी सफर के दौरान आयुष्मान ने लगातार ऐसी फिल्मों को प्राथमिकता दी है जो भरपूर मनोरंजन पेश करने के साथ-साथ समाज को एक नई सोच भी देती हैं. 'दम लगा के हईशा' से लेकर 'शुभ मंगल सावधान', 'ड्रीम गर्ल', 'शुभ मंगल ज्यादा सावधान' और 'डॉक्टर जी' जैसी चर्चित फिल्मों के जरिए उन्होंने भारतीय सिनेमा में अनूठे विषयों को मुख्यधारा में स्थापित किया है. अब इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए वह लेखक और निर्देशक आकाश ए. कौशिक के निर्देशन में बनी फिल्म 'उड़ता तीर' में मुख्य भूमिका निभाते दिखाई देंगे.
नई पीढ़ी के फिल्ममेकर्स में नजर आती है ताजगी और साहस
नवोदित निर्देशकों के साथ काम करने के अपने अनुभवों को साझा करते हुए अभिनेता ने कहा, "मेरे लिए स्क्रिप्ट हमेशा सबसे पहले आती है." उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि उनके करियर के कई बेहतरीन और यादगार अनुभव ऐसे लोगों के साथ काम करके आए हैं जो इंडस्ट्री में नए थे और कुछ अलग करने का जज्बा रखते थे. उनका मानना है कि नए फिल्ममेकर्स के भीतर काम को लेकर एक खास भूख, नयापन और कुछ नया रचने की हिम्मत होती है. वे किसी भी जानी-पहचानी कहानी को बिल्कुल नए दृष्टिकोण से देखने की क्षमता रखते हैं, इसलिए मजबूत विश्वास वाली कहानियों का हमेशा समर्थन होना चाहिए.
'उड़ता तीर' की अनूठी दुनिया और रिलीज की तारीख
आकाश ए. कौशिक की तारीफ करते हुए अभिनेता ने बताया कि सेट पर नए निर्देशकों की ऊर्जा कमाल की होती है. 'उड़ता तीर' की पटकथा उन्हें इसलिए पसंद आई क्योंकि इसमें केवल जॉनर का रोमांच नहीं है, बल्कि निर्देशक द्वारा गढ़ी गई दुनिया भी बेहद खास है. ऐसी कहानियां बहुत कम मिलती हैं जहां कन्फ्यूजन, कॉमेडी और गहरी भावनाएं एक साथ किसी बड़े विचार से जुड़ी हों. अभिनेता ने कहा कि वह निर्देशक के विजन में पूरी तरह ढलना चाहते थे और अपने किरदार को उस दिशा में ले जाना चाहते थे जिसका पहले अंदाजा भी नहीं था. यह बहुप्रतीक्षित फिल्म 9 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है.


















