बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा और उनकी धर्मपत्नी सुनीता आहूजा का रिश्ता एक बार फिर से जनचर्चा के केंद्र में आ गया है। हाल के घटनाक्रम में सुनीता अपने सुपुत्र यशवर्धन के संग फैमिली कोर्ट पहुंचीं, जहां उन्होंने अपने पति के विरुद्ध चल रहे विवाह विच्छेद याचिका यानी तलाक केस को औपचारिक रूप से वापस ले लिया। इस विधिक कदम के पश्चात दोनों के दांपत्य जीवन के उतार-चढ़ाव पर दोबारा बातचीत शुरू हो गई है। गोविंदा के लंबे सिने करियर के दौरान सुनीता ने अनेक सार्वजनिक मंचों पर अत्यंत स्पष्टवादी और निडर टिप्पणियां की हैं। उन्होंने न केवल फिल्म उद्योग के ग्लैमर के पीछे छिपे कड़वे सच को उजागर किया, बल्कि निजी जिंदगी से जुड़े कई संवेदनशील मुद्दों पर भी बेबाकी से बोला।
तारका की पत्नी बनने के लिए दिल पत्थर का होना जरूरी
अभिनय जगत में एक स्थापित सितारे की जीवनसंगिनी होने की चुनौतियों का वर्णन करते हुए सुनीता आहूजा ने अपने अनुभवों को साझा किया था। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी लोकप्रिय नायक की पत्नी बनना कोई आसान काम नहीं है। उनके अनुसार एक अभिनेता का अधिकांश समय घर-परिवार से दूर अपनी फिल्मों की सह-कलाकारों के साथ शूटिंग सेट पर व्यतीत होता है। इस परिस्थिति का सामना करने के लिए महिला को मानसिक रूप से अत्यंत सुदृढ़ होना पड़ता है और अपने हृदय को पत्थर जैसा कठोर बनाना पड़ता है। सुनीता ने बल देकर कहा कि इतने वर्षों तक गोविंदा के साथ उनका संबंध केवल परस्पर विश्वास और क्षमा की भावना के कारण ही कायम रह सका।
रियलिटी शो में पति के कथित प्रेम संबंधों का सार्वजनिक खुलासा
मनोरंजन कार्यक्रम 'लॉक अप: सच या सजा' में भाग लेते हुए सुनीता ने गोविंदा की व्यक्तिगत आदतों और कथित बाहरी संबंधों पर खुलकर विचार व्यक्त किए। उन्होंने स्वीकार किया कि उनके पति के जीवन में कई अन्य महिलाएं आई थीं और वे लंबे समय से इन गतिविधियों से भली-भांति अवगत थीं। सुनीता का मानना था कि प्रेम संबंध में स्थायित्व बनाए रखने के लिए व्यक्ति को अनेक कटु अनुभूतियों को सहन करना पड़ता है। उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया कि गोविंदा एक बेहद सफल सुपरस्टार थे, जिसके कारण उनके आसपास इस प्रकार के आकर्षण और परिस्थितियां निर्मित होना स्वाभाविक था।
अगले जन्म में पति नहीं, बेटा चाहिए
सुनीता आहूजा का एक अन्य पुराना वक्तव्य काफी वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने दांपत्य जीवन की पीड़ा को दर्शाया था। उन्होंने कहा था कि वे पुनर्जन्म में गोविंदा को पति के रूप में पाने की कामना बिल्कुल नहीं करेंगी, बल्कि उन्हें अपने पुत्र के रूप में प्राप्त करना चाहेंगी। सुनीता के अनुसार गोविंदा एक समर्पित पुत्र और अत्यंत स्नेही पिता साबित हुए हैं, परंतु एक पति के तौर पर उनके व्यवहार ने उन्हें काफी मानसिक वेदना दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जवानी के दिनों में हुई भूलों को उन्होंने क्षमा अवश्य कर दिया, परंतु भविष्य में दोबारा उनकी पत्नी बनना उन्हें स्वीकार नहीं होगा। केवल आपसी भरोसे और स्नेह के बल पर ही उन्होंने इस वैवाहिक बंधन को निभाया है।
पैर में गोली लगने की घटना पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी
जब गोविंदा के स्वयं की रिवाल्वर से दुर्घटनावश पैर में गोली लगने की खबर सामने आई थी, तब सुनीता की प्रतिक्रिया ने हर किसी को हैरान कर दिया था। इस दुखद हादसे पर भी सुनीता ने बेहद चटपटा तंज कसा था। उन्होंने मजाकिया और कटाक्ष भरे अंदाज में कहा था कि जब किसी पुरुष के जीवन में कोई अन्य स्त्री आ जाती है, तभी उसके घुटनों में गोली लगती है। उनके इस कटाक्षपूर्ण वक्तव्य की मीडिया और सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा हुई थी।
फिल्म प्रमोशन के दौरान 'शुगर डैडी' वाली टिप्पणी से विवाद
हाल ही में जब फिल्म 'रूपा' के प्रचार कार्यक्रमों के दौरान गोविंदा अपनी कम उम्र की सह-कलाकार कोमल रानी के साथ मंच पर उपस्थित हुए, तो सुनीता ने अपनी तीव्र नाराजगी व्यक्त की थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अभिनेत्री गोविंदा की बेटी के समान आयु की है। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि गोविंदा अब 'शुगर डैडी' जैसी भूमिका में नजर आ रहे हैं। सुनीता के इस तीखे बयान के बाद फिल्म जगत में काफी हलचल मच गई थी, जिसके उत्तर में गोविंदा ने भी अपनी पत्नी को सार्वजनिक रूप से विचार-विमर्श करके बोलने की सलाह दी थी।



















